कलयुग में स्त्रियों पर ज्यादा विश्वास ना करें /Don't trust women too much in Kali Yuga


 [10:38, 12/10/2021] 🌷


 10 %  (परसेंट) सच और 90%  (परसेंट) झूठ . आजकल बस ऐसे ही लोग है.10% सच इसलिए बोलते हैं ताकि  लोगों को उनकी बातों पर विश्वास हो सके. और बाकी 90 परसेंट हिस्सा तो उनका  झूठ ही रहता है.

लड़के लड़कियां परीक्षा में ज्यादा नंबर पाकर गार्जियन को कॉन्फिडेंस में ले लेते हैं, और बदले में खूब जमकर आवारागर्दी करते हैं. अब अंगूठा छाप कैसे आवारागर्दी करते हैं. अंगूठा छाप लड़के- लड़कियां आवारागर्दी करने के लिए अपनी बीमारी का बहाना ढूंढते हैं.  10 परसेंट वे  बीमार रहते हैं और 90% बीमारी का ड्रामा रहता है. और इन्हीं सब की आड़ में वह आवारागर्दी करते हैं .

किसी को पकड़ना है तो उसकी बातों से ना पकड़े. बल्कि टेक्नोलॉजी का सहारा ले. वैसे रिकॉर्ड माय कॉल ऐप का भी यूज कर सकते हैं यह थोड़ा बहुत तो काम कर ही देता है😆



जो इनका ट्रिक जान जाता है उसे अपने रास्ते से हटाने के लिए, स्त्रियां झूठ और छल का सहारा ले  लेती हैं


कलयुग में स्त्रियों पर ज्यादा विश्वास ना करें

लेकिन अगर विश्वास दिलाने की कोशिश करें तो क्या करें ?

उस स्थिति में नहीं से नहीं के बराबर विश्वास करें.

आजकल की स्त्रियां अपने आप को सही साबित करने के लिए और विश्वास दिलाने के लिए किसी भी हद तक गुजर सकती है.


सब कुछ अच्छी तरह समझ लेने के बाद अपनी बुद्धि विवेक का प्रयोग करने के बाद ही, उनकी बातों पर थोड़ा बहुत विश्वास करें, खास करके उस समय जब बात गंभीर हो


स्त्रियों के नाटक इस प्रकार से हैं- 😜😜😜


1. बार-बार बीमारी का ड्रामा करना 

2. बाहर घूमने के लिए तरह-तरह के नाटक करना 


3. जहां घर परिवार की भीड़ रहती है वहां बीमार होने की अवस्था में बार-बार बेहोश होने का नाटक करना . उदाहरण के लिए अगर कोई स्त्री हल्की-फुल्की बीमार है, तो वह बार-बार झूठ ही बेहोश होने का ड्रामा करती है, अगर वह 3 बार बेहोश होती है, तो उसमें से दो बार झूठ होता है और एक बार सही होता है, क्योंकि वह सही और झूठ को मिक्स कर देती है इसलिए घर परिवार के लोगों को समझ में नहीं आता है कि वह सच में बीमार है या नाटक कर रही है. 


4. अपना  काम स्वयं न करके या अपने हिस्से का काम स्वयं ना करके इधर-उधर बीमारी का ड्रामा करके इनसे -उनसे काम करवाने की चेस्टा करना. जैसे- सास से काम करवाना, पति से काम करवाना, ननद से काम करवाना इत्यादि. 

वही उल्टा भी सही है, मतलब यदि उसके मायके का कोई आ जाए तो खूब ज्यादा काम करना और यह दिखाना कि वह बहुत ज्यादा कामकाजी है. और फिर जैसे ही वह चले जाएं फिर काम-धाम बंद करके  उसी पुराने ढर्रे पर आ जाना.


5.  घर के कामों में उसका मन ना लगना, किचन के कामों से दूर भागना , खुद काम ना करके दूसरे से काम कराना इत्यादि यह सब कामचोर , आवारा और लोफर स्त्रियों के लक्षण है.


6.  यह बहाना वह बहाना करके बार-बार अपने मायके को जाना, जैसे अगर कोई स्त्री बार-बार अपने माईके जा रही है, तो समझ लेना कि पक्का उसका किसी लड़के के साथ चक्कर है. 


7.   अपना दोष  पकड़े जाने या अपनी खुद की ट्रिक पकड़े जाने के डर से , अपनी खराबीयो को दूसरे में ठोकना और उसे दोषी या भीलियन बनाना. 


8. यदि वह पहले से कोई गलत काम की है , और उसे या कहीं अंदेशा हो गया की लगता है कि वह पकड़ी जाएगी, तो वह पहले ही लीपापोती वाली खबर फैलाने लगती है इस रिश्तेदारी में और उस रिश्तेदारी में, ताकि अगर उस तरह की बात उठे भी तो कोई उस पर संदेह ना करें और वह पकड़ी न जाए.


9.   आदमियों के बीच में ही बार-बार इस बहाने से उस बहाने से आना और जाना. 


10.  घर परिवार में यदि रिश्तेदार आए हो तो उनके सामने बार-बार जाना और नखरे दिखाना. 

या झूठ ही घर में बड़ा बनने के लिए अपने से छोटों पर चिल्लाना, ताकि आया हुआ रिश्तेदार यह समझे कि यह घर में बड़ा ही प्रतिष्ठित औरत है. 


अंग प्रदर्शन करना जैसे घर में शादी ब्याह, मंगनी, इंगेजमेंट, बरही इत्यादि अवसरों पर ढेर सारे अगल-बगल और रिश्तेदार के लोग जमा होते हैं तो उसके सामने खूब अंग प्रदर्शन करना इधर-उधर करके. मतलब जैसे कोई सामान लेने गई तो , वहां सामान लेने के बजाय मेन इरादा अंग प्रदर्शन का ही होता है, ताकि सामने वाले को इंप्रेस किया जा सके अर्थात खुश किया जा सके और उसे अपने माया जाल में फंसाया जा सके. 

आपको भी यही लगेगा कि वह औरत आई है और किचन का पलटा लेने के लिए झुकी है, लेकिन बात यहां ओ  नहीं होती है जैसा वह बताती है, वह पलटा लेने के लिए झुकती है लेकिन वह केवल दिखावा रहता है मेन  इरादा वहां अंग प्रदर्शन का ही रहता है .

आगे आप खुद ही समझदार है समझ सकते हैं. सभी नहीं लेकिन ज्यादातर औरतें यही सब छोटी छिछोरी हरकत करती हैं. क्योंकि इनका इरादा कुछ और होता है. 

लेकिन उनकी इन हरकतों में कभी-कभी  बात आगे बढ़ जाती है, और समस्या का कारण बनती है. 


 कितनी औरतें यह सब हरकत अपनी सुंदरता को चेक करने के लिए करती हैं, तो कितनी अपनी वासना मिटाने के लिए यह सब करती हैं, और बहुत से कारण होते हैं. कुल मिला जुला कार्य यह सब काम आवारागर्दी को ही इंडिकेट करता है. अर्थात इस तरह की लड़कियां चाहे औरतें , दुष्ट और गंदी स्त्रियों में गिनी जाती है. 


अगर शादी के दिन कोई औरत साफ सुथरा   ( यहां साफ सुथरा का मतलब केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक भी है, जैसे हो सकता है कि शारीरिक तौर पर उस औरत ने किसी से संबंध न बनाएं हो लेकिन अगर उसके मन में निरंतर कामवासना या दूसरे पुरुषों के बारे में ही उल्टे सीधे विचार हमेशा चलते रहते हैं, तो  भी वह पूर्णता साफ सुथरा या शुद्ध नहीं है. पूर्णता साफ सुथरा और शुद्ध होने के लिए यह जरूरी है कि शारीरिक तौर पर तो वह स्त्री शुद्ध रहे ही ,इसके अलावा वह मानसिक तौर से भी शुद्ध रहे   ढंग से अग्नि के सामने सात फेरे लेती है, तो उसे इंसान तो क्या स्वयं देवता लोग भी आकर दर्शन देते हैं. 

लेकिन कलयुग में कोई ऐसा होता ही नहीं है इसलिए देवता लोग भी दर्शन नहीं देते हैं. 

और लोग बस यही कहते हैं भगवान दिखते क्यों नहीं है. क्योंकि तुम उस लायक हो ही नहीं तो वह दिखेंगे क्या ? 


जो जैसा रहता है भगवान वैसा ही जोड़ा  बनाते हैं. अगर आप चोर, उचक्का, आवारा ,लोफर हैं तो आपकी पत्नी भी ठीक उसी तरह होगी .ठीक इसी तरह इसका उल्टा भी सही है,

 अगर आपकी शादी उस लड़की से हो रही है जो आवारा ,लोफर ,बदमाश है जिसे दुनिया भले ही न जानती हो लेकिन वह वास्तव में वही है तो समझिएगा कि आप भी बहुत अच्छे नहीं हैं. क्योंकि जो जैसा रहता है उसे भगवान वैसा ही जोड़ा बना कर देते हैं. 👌

गलती करना इंसान का काम है भगवान का नहीं.    🌹🌹🌹


आपने तो अक्सर सुना होगा कि औरतें कहती  है कि वह ठीक है लेकिन उसका पति बड़ा ही दुष्ट और घटिया इंसान  है, लेकिन औरतें शायद भूल जाती हैं कि वह भी वैसी ही है जैसा उसका पति, बस वह केवल जन समाज में रिश्तेदारी में और दूसरी अन्य जगहों पर वह स्त्री अपने आपको अपने पति से बेस्ट साबित कर देती है जबकि पति अपने आपको अच्छा साबित नहीं कर पाता है. 


क्योंकि भगवान सबके मन का भाव जानते हैं कौन क्या सोच रहा है, और क्या कर रहा है क्योंकि वह अनंत ज्ञानी है, और जो पूरे अनंत का ज्ञानी है वह भला किसी तरह की गलती क्यों करेगा . जबकि मनुष्य मूर्ख और महामूर्ख तथा अज्ञानी प्रकार के होते हैं अतः ऐसे लोगों का गलती करना स्वाभाविक है. 


इसलिए गलतियां करना इंसान का काम है भगवान का नहीं   🙏


अतः भगवान दुष्ट और आवारा स्त्रियों को दुष्ट और आवारा पति ही देते हैं और शुद्ध तथा पवित्र स्त्रियों को शुद्ध तथा पवित्र पति ही देते है. 




जय श्री राम हर हर महादेव

 🙏🙏🙏🙏🙏

thanks for reading..........💖💖💖

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