चरित्रहीन स्त्री का पति चरित्रहीन ही क्यों होता है /Why is the husband of a characterless woman only characterless?

  जो जैसा रहता है उसको वैसा ही जोड़ा भगवान बना कर देते हैं. एक दुराचारी व्यक्ति का जोड़ा दुराचारी ही होता है.


एक स्त्री के अगर शादी से पहले ही कई युवकों से संबंध रहे चाहे वह संबंध मानसिक हो या शारीरिक या दोनों , तो वह स्त्री चाहे कितना भी कोशिश क्यों न कर ले , उसको वैसा ही पति मिलेगा जैसा वो खुद है अर्थात यहां पर कहने का मतलब यही हुआ कि उसको भी उसी की तरह अनेक स्त्रियों से संबंध रखने वाला ही पति मिलेगा. यह भले ही सामने ना दिखे लेकिन उसका चरित्र वैसा ही रहेगा. और देर सबेर उस युवती को पता भी चल जाएगा कि उसकी शादी जिस इंसान से हुई है वह एक दुराचारी तथा चरित्रहीन व्यक्ति है. यही बात पुरुषों के लिए भी लागू होती है.

इसलिए अगर कोई स्त्री यह कहती है कि वह ठीक है किंतु उसका पति अच्छा नहीं है तो  समझ लेना लेना कि वह झूठ ही बोल रही है. यही बात बात पुरुषों के लिए भी लागू होती है.


गलती करना और उसे चलाकि से  ढकना इत्यादि यह सब इंसानों का काम है, भगवान ना तो गलती करते हैं और और ना ही उन्हें किसी तरह की चालाकी करने की जरूरत है.🕉️🕉️ 





JAI SHREE RAM

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ