आवारागर्दी के मामले में फूफा नंबर वन जीजा से भी आगे/In the case of vagabond, uncle number one ahead of brother-in-law

 [01:45, 13/09/2021] 🌷SSRSSP🌷: जीजा से खतरनाक होता है फूफा. आवारागर्दी के मामले में फूफा नंबर वन नंबर, या यूं कहें कि जीजा से भी आगे होता है. और बुआ लोग फूफा की आवारागर्दी में मदद भी करती हैं.

इसलिए अगली बार जब फूफा  या बुआ आपके घर की लड़कियों को बुलाए, तो सावधान हो जाइएगा, और खूब सोच लीजिएगा कि वास्तव में आपको अपने घर की लड़कियों को उनके पास भेजना है या नहीं .




जीजा कहता है कि साली आधी घरवाली होती है, तो फूफा भी  कम दोगला नहीं है, वह भी हरामखोर कहता है कि भतीजी  पर उसका 25 पर्सेंट हक तो होता ही है.

सारी चीजें पीठ पीछे चलती है, अर्थात बैकग्राउंड में चलती है. इसलिए घर वालों को पता नहीं चलता है कि क्या गुल खिलाया जा रहा है.

और सारा  कहानी हरामखोर बुआ ही तैयार करती  है.

वह हरामजादी पहले बहाने कर कर लड़कियों को अपने घर बुलाती है, फिर उनको टारगेट पर रखती है.


इसलिए  फूफा, जीजा, मौसा से सतर्क रहें, खास करके जब लड़कियों को वहां भेजने  या कांटेक्ट में लाने की बात हो.

अब सभी लोग ऐसे नहीं होते हैं लेकिन 100 में से 98% लोग ऐसे ही है.

[02:04, 13/09/2021] 🌷SSRSSP🌷: लोग अपने धर्म का पालन करे वही अच्छा है, साथ में वृद्ध लोगों को अपनी उम्र का ख्याल करना चाहिए तथा रिश्तेदारी का गलत फायदा ना उठाएं, और दोगला पनती करने से बचें. भगवान सब हरामखोरो  की करनी देख रहे है , ऐसा ना हो  कि इस बार दो टांग पर खड़े हैं तो अगली बार चार टांग वाले कुत्ते या सूअर बन जाए.

क्योंकि

इंसान के साथ मृत्यु के बाद उसका शरीर या धन या कुछ भी साथ नहीं जाता है केवल उसका कर्म ही उसके साथ जाता है, और उसी अच्छे या बुरे कर्म के अनुसार उसका अगला जन्म होता है.

यही बात भगवत गीता में और हमारे सभी पवित्र ग्रंथों में लिखी गई है.

और यही सभी जगत में सत्य भी है.

तो कुछ भी करने से पहले आप खुद ही फैसला कर लीजिए आपको करना क्या है ? 

यदि कुत्तों जैसा जीवन जीना है, या फिर सूअर बनना है, या फिर कीड़े मकोड़े का जीवन जीना है, 

तो फिर ऐसी मस्ती कीजिए आपको कोई नहीं रोकेगा, क्योंकि भगवान खुद ही कहते हैं कि हमने सभी को बुद्धि विवेक दे दिया अब जिसका जो मन करे वह आचरण करें .

चाहे वह अच्छा आचरण करें या बुरा आचरण करें, वह आचरण करने के लिए स्वतंत्र है. 

लेकिन अगली बार जन्म वह अपनी आचरण के अनुसार ही पाएगा. अर्थात उसके आचरण में जैसा उसका अच्छा बुरा कर्म होगा उसी के अनुसार उसको जीवन मिलेगा. 

यदि उसने अपना धर्म का पालन ना करके सारे गलत काम किया है, तो उसे अत्यंत कठोर से कठोर सजा मिलेगी. 

यह तो धरती का हिसाब किताब हो गया यदि किसी व्यक्ति ने अत्यंत निंदनीय कार्य किया है तो उसे फिर कीड़े मकोड़े , सूअर या कुत्ते का जीवन नहीं मिलेगा बल्कि उसे नरक की यात्रा करनी पड़ेगी और वही पर उसे कई वर्षों तक कई सदियों तक सड़ना पड़ेगा. 


अगर इंसान का जन्म पाकर भी आप जानवरों जैसी हरकत करेंगे तो भगवान अगले जन्म में आपको जानवर ही बनाएंगे. क्योंकि आप अपने मन को जब जानवरों जैसा बना लेते हैं तो भगवान भी सोचते हैं कि अब यह तो  मानसिक रूप से जानवर हो ही गया है तो उसको उसी तरह का शरीर देने में कोई हर्ज नहीं है .

हो सकता है कि आप लोगों में से कुछ लोगों को  लगे अरे नहीं नहीं आज के मॉडर्न जमाने में भला यह सब बातें कहां तक सत्य हैं, यह सब केवल बेकार की बात है इसका सत्य  से कोई लेना-देना नहीं. 

लेकिन यह सोचिए कि अगर यही बेकार या झूठ लगने वाली बात अगर एकदम सत्य से भी सत्य साबित हो जाए तो फिर आपके लिए क्या ऑप्शन रह जाएगा आप फिर क्या करेंगे ? सिवाय पछताने के.

कृपया यह सन्देश दूर दूर तक फैलाये ताकि लोग अपने परिवार को बचा सके तुच्छ और दुस्ट इंसानो से। 

🙏🙏🙏🙏 जय श्री राम   🌹🌹    हर हर महादेव 🙏🙏🙏🙏


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