चोर स्कूलों को गुडबाय कहिए, और बच्चों को ट्यूशन लगवाए वह भी घर पर/don't study in thieves schools read tuition at home and doctor be an engineer work for money

 स्कूलों में पढ़ाने से अच्छा है कि गार्जियन को अपने बच्चों को घर में ही पढ़ाएं. घर में पढ़ाने के लिए होम स्कूल की व्यवस्था करें. आप लोग सोच रहे होंगे कि यह होमस्कूल क्या है? 

यह कोई नई चीज नहीं है इसे सभी लोग जानते हैं बस एक नए तरीके से बोला जा रहा है. होम स्कूल में बच्चों को दो या तीन ट्यूशन के टीचर  लगवा दिया जाता है और स्कूल बंद कर दिया जाता है . ट्यूशन के टीचर घर आते हैं और बच्चों को पढ़ाते हैं इससे उनकी पढ़ाई भी अच्छी हो जाती है और फालतू के सब्जेक्ट से भी छात्रों को मुक्ति मिल जाती है दिल्ली में ज्यादातर होम स्कूल ही चल रहा है, 




स्कूल वाले इतने दुष्ट और कामिने है कि, वे केवल गार्जियन से फीस वसूलना जान रहे हैं. 

बनारस में एक स्कूल है कनबीम स्कूल ,

यह स्कूल बच्चों से इतना ज्यादा फीस लेता है कि पूछिए मत, छठी क्लास के बच्चों से यह 6 से 7 हजार तक fees ले लेता है. केवल फालतू का यह चीज- वह चीज जोड़कर fees ले लेता है. 

और पढ़ाई के नाम पर इस स्कूल में केवल इंग्लिश स्पीकिंग जैसा ही प्रोग्राम है. 

इस तरह की स्कूलों का बोर्ड से कनेक्शन रहता है. बोर्ड ऑफिस  में जाकर यह ज्यादा पैसा दे देते हैं जिससे 10वीं 12वीं के बच्चों की कॉपियां इन स्कूलों की अच्छी जचती  हैं और इन स्कूलों के बच्चों को, ज्यादा से ज्यादा मार्क दे दिया जाता है. 

और फिर स्कूल वाले खूब फोटो छाप देते हैं कि हमारे स्कूल कितने बच्चों ने इतने इससे ज्यादा नंबर पाए. hai.

और अगर परसेंटेज के हिसाब से देखा जाए तो इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे कंपटीशन में एकदम झंडू हो जाते हैं. 

और गिने-चुने ही सफल होते हैं उसमें से ज्यादातर पैसे लेकर फोटो छापे गए होते हैं. 

तो यह सब मिलाजुला खेल रहता है. 


अगर आप अपने बच्चे को डॉक्टर बनाना चाहते हैं, तो उसे फालतू के कंप्यूटर साइंस, सामाजिक विषय, राजनीतिक विज्ञान, जीके, इस तरह के सब्जेक्ट को पढ़ाने से क्या फायदा है, आप टारगेटेड पढ़ाई पढ़ाइए वह ज्यादा फायदा रहेगा. यह सब subject wali चीजें तो बच्चे नेचर में रहते हुए ही सीख लेते इसको अलग से पढ़ाने की क्या जरूरत है और खास करके तब जब वह लड़का डॉक्टर बनने जा रहा है. 

उसको तो फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायो, और सिंपल मैथमेटिक इस तरह की चीजों को पढ़ाना चाहिए बेसिक लेवल पर, जब वह छठवीं स्टैंडर्ड या पांचवीं स्टैंडर्ड में पढ़ रहा हो ताकि बुनियाद पहले से ही बन जाए. 


स्कूल वाले फालतू सब्जेक्ट पढ़ाएंगे ही क्योंकि उनको पैसे कमाने हैं आपके बच्चे का कैरियर कहां जा रहा है इससे उनको कोई मतलब नहीं रहता है बस केवल दिखावे वाला मतलब rahata है. 


इसलिए अगर आप अपने बच्चे को डॉक्टर या इंजीनियर बनाना चाहते हैं वह भी हाई क्वालिटी का तो घर में ही होम स्कूल की व्यवस्था करें अर्थात एक से दो ट्यूटर लगवाए. 

इससे आपका फालतू पैसा भी बच जाएगा और बच्चे को अच्छी पढ़ाई भी मिलेगी. 

एक बार यह फार्मूला इस्तेमाल करके  देखें बहुत फायदा मिलेगा. सारा चीज आपकी निगरानी में होगा. जब आप कुछ समझेंगे ही नहीं और रटी रटाई पुराने फार्मूले पर चलेंगे तो फिर आपके लिए स्कूल ही ठीक रहेगा. 


करोना मैं भी ,जब स्कूल बंद था उस समय की स्कूल वालों ने गार्जियंस से अच्छी खासी fees की वसूली की, ऐसा नहीं है कि स्कूलों  ने  fees आधी कर दी हो ऐसा कुछ नहीं था स्कूल वालों ने गार्जियन से पूरा पैसा वसूला ऑनलाइन स्टडी के नाम पर. 

जब ऑनलाइन घर बैठकर पढ़ना ही है तू बच्चा घर ट्यूशन लगाकर नहीं पढ़ लेगा. स्कूल वाले साले -हरामखोर है guardian  को पहाड़ा पढ़ाते है, बड़ी चालक बनते है 👎

ऑनलाइन में भला मोबाइल पर क्या दिखता है छोटी सी स्क्रीन रहती है उसमें क्या बच्चे को समझ में आएगा, अपना बिजनेस बचाने के लिए स्कूल वालों ने यह सब तरीका निकाला था. 

अगर बच्चे को ऑनलाइन हीं पढ़ना है तब बहुत सारे ऐसे संस्थान है जो ऑनलाइन एजुकेशन दे रहे हैं वह भी कम पैसे me .तो इससे अच्छा तो वही ठीक है. 


गार्जियन का भी दिमाग सेट है, उन्हें बच्चों की स्कूल ड्रेस, सवेरे टिफिन बना कर देना, फिर स्कूल भेजना, यह सब प्रोसेस अच्छा लगता है, क्योंकि यही सब प्रोसेस करके वह  खुद आए हैं, इसलिए वह अपनी जिंदगी अपने बच्चों में देखना चाहते हैं भले ही वह ठीक हो या ना ठीक हो. तो यह भी एक परेशानी का कारण है कि गार्जियन अपना माइंडसेट बदल ही नहीं रहा है. सही चीज करने के बजाए मूर्खों वाला हरकत कर रहा है. 


अगर आप अपने बच्चों का future चाहते हैं कि अच्छा बने तो स्कूल को गुडबाय कहिए, और बच्चों को ट्यूशन लगवाए वह भी घर पर, और एक अच्छी शिक्षा दें टारगेटेड शिक्षा दें. हमारे गार्जियन ज्यादातर मिडिल क्लास के हैं वह विचारे बहुत मेहनत से पैसा कमाते हैं, इसलिए हमारी टीम की यही कोशिश है कि गार्जियन का पैसा बचे  और बच्चों को अच्छी टारगेटेड शिक्षा मिले. और चोर स्कूलों से मुक्ति मिले. 


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🙏🙏🙏🙏 जय श्री राम   🌹🌹    हर हर महादेव 🙏🙏🙏🙏

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