पूजा अर्चना के समय, मल, मूत्र, थूकना की इत्यादि जैसी क्रियाएं नहीं करना चाहिए//At the time of worship, activities like feces, urine, spitting etc. should not be done.

 [21:36, 05/09/2021] 🌷by sanjay singh & Lali (banaras) 🌷: नदी में, तीर्थ स्थानों मे , अपनी छाया पर, वृक्ष की छाया पर, किसी महात्मा पुरुष के आगे, पूजा अर्चना के समय, मल, मूत्र, थूकना की इत्यादि जैसी क्रियाएं नहीं करना चाहिए. इससे  पाप लगता है. और ऐसा इंसान नरक ही  जाता है



[10:08, 06/09/2021] 🌷SSRSSP🌷: जो व्यक्ति दूसरों की जमीन या या धन को हड़पता है या ऐसी सोच रखता है, वह व्यक्ति अधर्मी व्यक्ति होता है, और ऐसा अधर्मी पापी व्यक्ति नर्क ही जाता है, वह इस जन्म में तो दो टांग पर खड़ा रहता है लेकिन अगले जन्म में वह चार टांग या 8 टांग या रेंगने वाले वाली जीव ही बनता है.

[11:35, 06/09/2021] 🌷SSRSSP🌷: जो जैसा रहता है उसको वैसा ही जोड़ा भगवान बना कर देते हैं. एक दुराचारी व्यक्ति का जोड़ा दुराचारी ही होता है.

एक स्त्री के अगर शादी से पहले ही कई युवकों से संबंध रहे चाहे वह संबंध मानसिक हो या शारीरिक या दोनों , तो वह स्त्री चाहे कितना भी कोशिश क्यों न कर ले , उसको वैसा ही पति मिलेगा जैसा वो खुद है अर्थात यहां पर कहने का मतलब यही हुआ कि उसको भी उसी की तरह अनेक स्त्रियों से संबंध रखने वाला ही पति मिलेगा. यह भले ही सामने ना दिखे लेकिन उसका चरित्र वैसा ही रहेगा. और देर सबेर उस युवती को पता भी चल जाएगा कि उसकी शादी जिस इंसान से हुई है वह एक दुराचारी तथा चरित्रहीन व्यक्ति है. यही बात पुरुषों के लिए भी लागू होती है.

इसलिए अगर कोई स्त्री यह कहती है कि वह ठीक है किंतु उसका पति अच्छा नहीं है तो  समझ लेना लेना कि वह झूठ ही बोल रही है. यही बात बात पुरुषों के लिए भी लागू …

[22:01, 07/09/2021] 🌷SSRSSP🌷: इंसान जन्म लेने की प्रक्रिया से लेकर मृत्यु की प्रक्रिया तक केवल दुख ही दुख भोगता है, सुख उसे उतना ही मिलता है जिससे कि वह दुख को भोग सके.

लेकिन नशे में धुत इंसान ना ही जन्म की प्रक्रिया के दुखों को समझ पाता है, और ना ही मृत्यु के समय उत्पन्न पीड़ा को ही  समझ पाता है, वह केवल कामवासना, जीभ  का का स्वाद यही समझ पाता है.

उसका हालत केवल कुत्तों जैसा है, जैसे कुत्ते को अगर हड्डी मिल जाती है तो वह हड्डी के पीछे एकदम पड़ जाता है और उसे खाता रहता है, अब भला हड्डी में से क्या निकलेगा  , अतः उसके मुख से थोड़ी देर बाद रक्त निकलने लगता है, कुत्ता फिर भी निरंतर खाते ही रहता है उस हड्डी को और वह यह सोच रहा होता है कि उसको यह स्वाद हड्डी से मिल रहा है जबकि उसको स्वाद स्वयं उसके मुख से निकलने वाले खून से मिलता है, यही हाल इंसानों का है, धरती पर दुख ही दुख है, लेकिन दुख को …

[16:54, 08/09/2021] 🌷SSRSSP🌷: धन का अहम करने वाला इंसान अधर्मी और पापी होता है, वह भले ही रुपए पैसे के धन से धनी हो किंतु ज्ञान बुद्धि से वह अज्ञानी और मूर्ख ही होता है , वह अपने धन से केवल लोगों के ऊपर मानसिक या शारीरिक रूप से अत्याचार ही करता है, और ऐसा अत्याचार कर कर वह काफी खुश और संतोष को प्राप्त होता है इस तरह का  व्यक्ति अधर्मी व्यक्ति होता है ऐसा व्यक्ति नर्क ही जाता है.

जो इंसान  केवल अपने बारे में सोचता है और न तो  वह अपने  घर के बारे में सोचता है और ना ही घर के सदस्यों के बारे में, ऐसे स्वार्थी व्यक्ति को अधर्मी व्यक्ति कहा गया है और इस तरह की सोच वाले व्यक्ति को अगले जन्म में भगवान कोई घर नहीं देते है, ऐसा व्यक्ति 4 टांग, या 8 टांग या रेगने वाला जीव बनकर जंगल झाड़ी में घूमता फिरता है.🕉️🕉️🕉️

[17:03, 08/09/2021] 🌷SSRSSP🌷: जो स्त्री ढेर सारे पुरुषों में आनंद लेने की कोशिश करती है उसे भगवान अगले जन्म में हिजड़ा बना देते हैं. यही बात पुरुषों के लिए भी है .🕉️🕉️🕉️

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