10th Ke Baad Kya kare Web Designing sarkari naukari sarkari result

 10वीं के बाद क्या करें- 

दसवीं के बाद क्या करें आजकल या हमेशा से यही  प्रश्न छात्रों के दिमाग में खटकता  रहा है खास करके तब जब वे दसवीं की परीक्षा पास कर लेते हैं और यह किसी एक छात्र की परेशानी नहीं रहती है बल्कि अधिकतर छात्रों की यही परेशानी रहती है या यूं कहें कि लगभग सभी छात्रों की यही मानसिक उलझन रहती हैं कभी यह परेशानी वह अपने छात्र बंधुओं से कहते हैं तो कभी अपने घर के गार्जियन से और कभी अपने रिश्तेदारों से तो कभी अपने गुरुजनों से. 





 कुछ छात्र ऐसे भी होते हैं जो इस तरह की बातों का जिक्र नहीं करते हैं लेकिन मन ही मन में उनके यह बात हमेशा चलती रहती है. 

कुछ छात्रों को इसका उत्तर तुरंत मिल जाता है   और कुछ छात्रों को उनका उत्तर बहुत देर से मिलता है और कुछ छात्र ऐसे होते हैं जो इसका उत्तर ढूंढ ही नहीं पाते  है. 


जिन छात्रों को इसका उत्तर तुरंत मिल जाता है हो सकता है कि वह बहुत ही इंटेलिजेंट हो और सुलझा हुआ व्यक्ति हो या यह भी हो सकता है कि उसके अगल-बगल ज्ञान प्रदान करने वाले शोध ज्यादा हो. या दोनों ही तरह की बातें हो सकती हैं, या यूं कह सकते हैं कि वह व्यक्ति लकी भी हो सकता है जिसके दिमाग में इस तरह का आइडिया आया है या कहीं से उसने इस तरह का आईडिया सीखा है. 

जिन छात्रों को इसका उत्तर देरी से मिलता है इसका कारण बहुत सारा हो सकता है. जैसे- 

हो सकता है कि वह छात्र मीडियम क्लास का इंटेलिजेंट हो 

यह भी हो सकता है कि वह छात्र जहां पर रहता है उसके अगल-बगल ज्ञानी लोगों की कमी है. या दोनों तरह की बातें हो सकती हैं. या यह भी हो सकता है कि उसका भाग्यउतना बढ़िया ना हो. या उपरोक्त सभी बातें हो सकती है. होने को तो कुछ भी हो सकता है. 

जिन छात्रों को इसका उत्तर नहीं मिलता है इसके भी तमाम कारण हो सकते हैं. 

जैसे- 

हो सकता है कि वह छात्र दसवीं के बाद पढ़ाई लिखाई में बहुत ही ज्यादा इंटरेस्टेड ना हो. क्योंकि जब आप किसी चीज में इंटरेस्ट ही नहीं रहेंगे तो उससे रिलेटेड डाटा यदि आपके अगल-बगल है भी या आपको उस तरह का डाटा दिया भी जाएगा तो भी आप उसे रिसीव नहीं करेंगे या कर पाएंगे. 

यह  यह भी हो सकता है कि उस छात्र की आर्थिक स्थिति या घर की स्थिति सही नहीं है इस वजह से वह आगे इसके बारे में नहीं सोच रहा है. 

यह भी हो सकता है कुछ अच्छा ज्ञान देने वाला कोई मिल ही नहीं रहा हो. आप लोगों में से अधिकतर लोग यह भी सोच रहे होंगे कि अरे यूट्यूब तो है ना वहां से तो उसे जानकारी मिल ही जाएगी या इंटरनेट से तो अच्छी खासी जानकारी मिली जाती है . 

लेकिन आप लोगों को यह सोचना चाहिए कि. यूट्यूब से जानकारी प्राप्त करना या इंटरनेट से जानकारी प्राप्त करना भी एक तरह का ज्ञान ही है और हो सकता है कि यह ज्ञान या स्किल उसके पास नहीं हो जिसे आप बस यूं ही कह दे रहे हैं. 

या उपरोक्त सभी बातें हो सकती है. 


दसवीं के बाद वेब डिजाइनिंग कोर्स करें- 

अगर आप आर्थिक स्थिति से परेशान हैं और उससे छुटकारा चाहते हैं और साथ में यह भी आप चाहते हैं कि आपकी पढ़ाई लिखाई भी चलती रहे, तो आपके लिए यह कोर्स एकदम परफेक्ट है इसको उसको करने के बाद आप घर बैठे अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं ₹50000 से लेकर कम से कम पांच से ₹600000 महीने तक की कमाई कर सकते हैं बशर्ते यह सब चीज आपके वेब डिजाइनिंग स्किल  और मार्केटिंग पर डिपेंड करता है. 


आप जितनी ही अच्छी तरीके से अपने वेब डिजाइनिंग स्किल को लोगों के सामने उनके काम के रूप में प्रस्तुत करेंगे और जितनी ही अच्छी मार्केटिंग उसकी कर लेंगे उतनी ही ज्यादा आप कमाई के लिए फिट हो जाएंगे. 


इसके बारे में आगे बताने से पहले मैं आप लोगों को एक चीज और बता देता हूं कि यह जरूरी नहीं है कि यह कोर्स आप दसवीं के बाद ही करें और यह भी जरूरी नहीं है कि आप इस कोर्स को करने के लिए दिल्ली, आगरा या मथुरा जाए. 

क्योंकि जैसे ही किसी प्रोफेशनल कोर्स का नाम आता है उस समय एक ही चित्र उभरता रहता है किस कॉलेज से वेब डिजाइनिंग कोर्स करें या कहां से करें और कैसे करें? इसका फीस कितना होगा? इसी चक्कर में दिमाग उलझता रहता है और परेशान रहता है. 


यह सब व्यर्थ और बेकार की परेशानी है. अगर आप थोड़ा सा भी चिंतन करेंगे तो आप इसका उत्तर तुरंत पा जाएंगे. और तमाम प्रकार का जो उलझन आपके दिमाग में चल रहा है उससे तुरंत आप मुक्त हो जाएंगे. आप या कोर्स इसलिए कर रहे हैं ताकि आप वेब डिजाइनिंग सर्विस लोगों को देकर आप अच्छी खासी कमाई कर सकें. 

ऐसा नहीं है कि किसी इस्टीट्यूट से आप कोई सर्टिफिकेट लेना चाहते हैं और उसे भारत सरकार को दिखाना चाहते हैं कि देखिए मैंने वेब डिजाइनिंग का कोर्स कर लिया है अब कोई से रिलेटेड कोई नौकरी निकलेगा तो हमको बता दीजिएगा. 


हम ऐसा नहीं कर रहे हैं कि जो भी प्राइवेट संस्थान या सरकारी संस्थान इस तरह का कोर्स करवाती है  या जो प्राइवेट या सरकारी नौकरियां निकलती है वह गलत है या इस तरह का कोर्स करने के बाद जो लोग इस तरह की नौकरी चाहे वह सरकारी हो या प्राइवेट हो करते हैं वह गलत है  या इस तरह के लोग मूर्ख हैं या ऐसा सिस्टम फालतू है है. 

यह सब ठीक है और इस सिस्टम को जिसने बनाया है वह भी सही है और इस सिस्टम पर काम करने वाला भी सही है. 

फिर यहां प्रश्न उठता है कि जब सब कुछ सही है तो परेशानी क्या है? 


हर चीज हर व्यक्ति के लिए हर समय स्थिति में अलग-अलग होती है. किसी को कुछ अच्छा लगता है तो किसी को कुछ. किसी समय में किसी व्यक्ति के लिए कोई चीज अच्छी काम करती है लेकिन उसी समय किसी अन्य व्यक्ति के लिए वही चीज बुरा काम करती है और इफेक्टिव नहीं रहती है उनकी लाइफ में. 

कोई व्यक्ति सरकारी संस्थान में जाकर वेब डिजाइनिंग का कोर्स करना चाहता है और सर्टिफिकेट लेना चाहता है, तथा कहीं ना कहीं वह  जॉब के बारे में भी सोच रहा है उसका उद्देश्य सरकारी जॉब पाना हो सकता है लेकिन प्राइवेट जॉब भी उसे मिल जाए तो भी वह कर लेगा ऐसा व सोच रहा है. 

तो कोई व्यक्ति ऐसा सोच रहा है, चलो किसी भी संस्थान से वेब डिजाइनिंग का कोर्स कर लेता हूं कहीं ना कहीं और कभी न कभी यह तो काम आ ही जाएगा क्योंकि सर्टिफिकेट काफी कीमती होते हैं. 

वहीं पर कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सोच रहे हैं कि जब पैसे ही कमाने है जिंदगी में और जिंदगी का अंतिम पड़ाव यहीं आकर ठहरता है जहां पर प्रतीक जीवन का सवाल है तो फिर यह कोर्स किसी संस्थान से करने की क्या जरूरत है, इसे तो मैं इंटरनेट से भी सीख सकता हूं, और बिना पैसे खर्चा किए बिना दिल्ली आगरा या मथुरा गए इसे घर बैठे आसानी से सीख सकता हूं. 

और लैपटॉप पर ही काम करते हुए तमाम तरह के लोगों के लिए वेबसाइट बना सकता हूं और अच्छी खासी कमाई कर सकता हु . इससे मेरा आर्थिक स्थिति भी काफी सुदृढ़ हो जाएगा और मैं जिंदगी में आगे भी सोच सकूंगा. क्योंकि सरकारी या प्राइवेट नौकरी में उतना मुझे उतना वेतन नहीं मिलेगा जितना मुझे अपना काम या बिजनेस फैलाकर मिल जाएगा. अतः सर्टिफिकेट, प्राइवेट या सरकारी नौकरी, इंस्टिट्यूट, कॉलेज इत्यादि के चक्कर में नहीं पड़ना है और समय की बर्बादी तथा पैसे की बर्बादी नहीं करनी है. क्योंकि फटाफट हमें आगे बढ़ना है. 

ऐसा एक छात्र भी सोच सकता है. 


तो यहां पर कहने का मतलब यही हुआ कि तमाम तरह के लोग तमाम तरह की बातें अपने -अपने जीवन के लिए सोच सकते हैं .जिसको अपने बुद्धि विवेक के अनुसार उस समय स्थिति में जो अच्छा लगता है वही करता है अब वह चीज के लिए आगे चलकर उसके जीवन में कितना वैल्यू देती है. इसका पता  रिजल्ट आने पर ही चलता है. 

सबने अपने-अपने जीवन के लिए अपने अपने बुद्धि विवेक से या यूं कह सकते हैं कि अपने ढंग से, वेब डिजाइनिंग स्किल के लिए प्लान किया, अब यह प्लान उनका जिन्होंने अपने-अपने तरह से सेंड किया है, वह चल भी सकता है नहीं भी चल सकता है या मध्यम गति से चल सकता है या अत्यंत तीव्र गति से भी चल सकता है. 

अब किसका plan चल सकता है किसका नहीं चल सकता है यह  सब कुछ उसके काम करने के तरीके, उसके स्किल और कुछ हद तक लक पर भी डिपेंड करता है. 


कुल मिला जुला कर कुछ भी नहीं कहा जा सकता है कि आप एक प्लान बनाते हैं तो वह plan आपका चल ही जाएगा. वह प्लानआपके लिए  हिट भी हो सकता है  लिए  flop भी अर्थात जो प्लान आपने बनाया है वह सक्सेसफुल रहेगा या फैलियर रहेगा इसका कुछ भी अंदाजा लगाना या तुरंत कह देना बहुत ही जल्दी बाजी होगी. 

क्योंकि अच्छे से अच्छा प्लान जिंदगी में काम नहीं करता है और वहीं दूसरी ओर बस यूं ही बनाया गया प्लान भयंकर रंग पकड़ लेता है और सक्सेसफुल हो जाता है. 


तो कहने का मतलब यही हुआ कि जब भी हम कोई प्लान बनाएं तो यह भी सोच ले कि. यह जरूरी नहीं है कि या प्लान आगे चलकर एकदम से कामयाबी हो जाएगा. इसीलिए हर चीज का अल्टरनेट या बैकअप जिसको कहते हैं जरूर रखना चाहिए. ताकि एक चीज खराब हो तो दूसरे चीज से हम काम चला ले अर्थात कहने का मतलब यहां पर यही हुआ कि अगर हमारा एक प्ला न खराब हो जाता है तो दूसरे plan से हम अपनी जिंदगी की गाड़ी चला ले. 


वैसे जो भी इंसान अपनी जिंदगी में प्लान बनाता है या कुछ करने की सोचता है वह इस सोच के साथ प्लान नहीं बनाता है उसका प्लान खराब हो जाएगा , हर कोई अच्छा सोच कर ही प्लान बनाता है यह अलग बात है कि उस प्लान में कितना रंग वह डाल पाता है ताकि उसका प्लान निखर कर सफल  हो जाए . और वह सफलता से झूम उठे. 

अब उस प्लान में रंग भरने का मतलब यही हुआ कि कुछ प्लान पर वह कितने अच्छे ढंग से काम करता है और उसे कितने अच्छे ढंग से वह स्केल कर पाता है. 


अगर मेरी राय मानी जाए तू वाकई में अगर आप हो वेब डिजाइनिंग जैसा कोर्स करने जा रहे हैं तो आपको वास्तव में आपको वही करना चाहिए जो अंतिम वाले छात्र ने जो कहा . 

क्योंकि अंतिम वाले छात्र ने बहुत ही key पॉइंट की बात की है. 

कि जब जिंदगी में वैसे ही कमाने हैं और उसी से जिंदगी चलती है परिवार चलता है और जिंदगी आगे बढ़ती है, तो फिर वेब डिजाइनिंग का कोर्स करने के लिए आगरा, मथुरा या दिल्ली जाने की वाकई में कोई जरूरत नहीं है या कहीं भी जाने की कोई जरूरत नहीं है, आप घर बैठे ही इंटरनेट से नॉलेज gain करिए वेब डिजाइनिंग का, अपने लिए भी वेबसाइट बनाइए, और गूगल ads के थ्रू कमाई कीजिए या एफिलिएट के थ्रू कमाई कीजिए या सर्विस देकर कमाई कीजिए या इन तीनों तरह से कमाई कर सकते हैं. 


वेबसाइट बनाकर आप flippa.com पर बेच भी सकते हैं. या दूसरी अन्य वेबसाइट पर भी भेज सकते हैं. फेसबुक के website selling group ग्रुप में जाकर ज्वाइन होकर, वेबसाइट सेल कर सकते हैं और अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं. 

इसके अलावा भी बहुत सारे तरीके हैं जिनकी मदद से आप अपनी बनाई हुई वेबसाइट को सेल कर सकते हैं और मोटी रकम कमा सकते हैं. 


वेब डिजाइनिंग सीखने में कितना समय लगता है- 


वेब डिजाइनिंग सीखने में आपको कम से कम 6 महीना से लेकर साल भर तक समय लगेगा. यह मैं कम से कम समय बता रहा हूं ज्यादा से ज्यादा 2 साल तक भी लग सकता है यह सब कुछ आपके सीखने की प्रक्रिया पर डिपेंड करता है कि कैसे आप उसे सीखते हैं और कितनी स्पीड से आप उसे सीखते हैं तथा कितनी स्किल के साथ उसे सीखते हैं. 

वैसे अगर मान लिया जाए कि वेब डिजाइनिंग को आपने साल भर में सीख लिया है. तो प्रैक्टिस वगैरह करके अच्छी तरह से पॉलिश्ड किया हुआ वेब डिजाइनिंग का स्किल आने में आपको 6 महीना और लग जाएगा. उसके बाद फिर आप उस्ताद हो जाएंगे. और धड़ाधड़ वेबसाइट बनाने लगेंगे. और प्रोफेशनल वेबसाइट बनाने लगेंगे. कुछ लोग कहते हैं कि अरे वेब डिजाइनिंग का कैरियर खत्म हो गया है ऐसे लोग बेकार और झंडू लोग होते हैं. 

क्योंकि गूगल पर जितने भी आप सर्च मारते और जितनी सारी चीजें जो रिजल्ट के रूप में आती है वह वेबसाइट के थ्रू ही आती है अगर वेबसाइट का कैरियर खत्म हो जाएगा तो गूगल का भी करियर खत्म हो जाएगा. क्योंकि गूगल जो है वह वेबसाइट का ही कलेक्शन है अगर वेबसाइट नहीं तो गूगल नहीं. 

इसलिए आप तमाम तरह की वेबसाइट बनाए और कमाए यहां पर तमाम तरह की वेबसाइट बनाने का मतलब यह हो गया कि आप 


फोटोग्राफी वेबसाइट, ब्लॉगिंग वेबसाइट, ई-कॉमर्स वेबसाइट , न्यूज़ वेबसाइट, सर्विस वेबसाइट, एजुकेशनल वेबसाइट, वेडिंग वेबसाइट, पोर्टफोलियो वेबसाइट, स्क्रिप्ट baesd वेबसाइट तथा दूसरी अन्य प्रकार की वेबसाइट बनाकर आप अच्छी खासी अपनी कर सकते हैं. 


कुल मिला जुला यह समझें कि यह चीज अच्छा है और काफी मजेदार है तथा कैरियर में उन्नति प्रदान करने वाला चीज है इसलिए इसे जरूर जरूर से सीख लेना चाहिए क्योंकि यह कभी भी काम आ सकता है और कहीं भी काम आ सकता है तथा किसी भी परिस्थिति में यह काम आने वाला चीज है. इसलिए इसे जरूर जरूर से सीखने की कोशिश करिए.



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