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 दसवीं के बाद वेब डिजाइनिंग कोर्स करें- 

अगर आप आर्थिक स्थिति से परेशान हैं और उससे छुटकारा चाहते हैं और साथ में यह भी आप चाहते हैं कि आपकी पढ़ाई लिखाई भी चलती रहे, तो आपके लिए यह कोर्स एकदम परफेक्ट है इसको उसको करने के बाद आप घर बैठे अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं ₹50000 से लेकर कम से कम पांच से ₹600000 महीने तक की कमाई कर सकते हैं बशर्ते यह सब चीज आपके वेब डिजाइनिंग स्किल  और मार्केटिंग पर डिपेंड करता है. 



आप जितनी ही अच्छी तरीके से अपने वेब डिजाइनिंग स्किल को लोगों के सामने उनके काम के रूप में प्रस्तुत करेंगे और जितनी ही अच्छी मार्केटिंग उसकी कर लेंगे उतनी ही ज्यादा आप कमाई के लिए फिट हो जाएंगे. 


इसके बारे में आगे बताने से पहले मैं आप लोगों को एक चीज और बता देता हूं कि यह जरूरी नहीं है कि यह कोर्स आप दसवीं के बाद ही करें और यह भी जरूरी नहीं है कि आप इस कोर्स को करने के लिए दिल्ली, आगरा या मथुरा जाए. 

क्योंकि जैसे ही किसी प्रोफेशनल कोर्स का नाम आता है उस समय एक ही चित्र उभरता रहता है किस कॉलेज से वेब डिजाइनिंग कोर्स करें या कहां से करें और कैसे करें? इसका फीस कितना होगा? इसी चक्कर में दिमाग उलझता रहता है और परेशान रहता है. 


यह सब व्यर्थ और बेकार की परेशानी है. अगर आप थोड़ा सा भी चिंतन करेंगे तो आप इसका उत्तर तुरंत पा जाएंगे. और तमाम प्रकार का जो उलझन आपके दिमाग में चल रहा है उससे तुरंत आप मुक्त हो जाएंगे. आप या कोर्स इसलिए कर रहे हैं ताकि आप वेब डिजाइनिंग सर्विस लोगों को देकर आप अच्छी खासी कमाई कर सकें. 

ऐसा नहीं है कि किसी इस्टीट्यूट से आप कोई सर्टिफिकेट लेना चाहते हैं और उसे भारत सरकार को दिखाना चाहते हैं कि देखिए मैंने वेब डिजाइनिंग का कोर्स कर लिया है अब कोई से रिलेटेड कोई नौकरी निकलेगा तो हमको बता दीजिएगा. 


हम ऐसा नहीं कर रहे हैं कि जो भी प्राइवेट संस्थान या सरकारी संस्थान इस तरह का कोर्स करवाती है  या जो प्राइवेट या सरकारी नौकरियां निकलती है वह गलत है या इस तरह का कोर्स करने के बाद जो लोग इस तरह की नौकरी चाहे वह सरकारी हो या प्राइवेट हो करते हैं वह गलत है  या इस तरह के लोग मूर्ख हैं या ऐसा सिस्टम फालतू है है. 

यह सब ठीक है और इस सिस्टम को जिसने बनाया है वह भी सही है और इस सिस्टम पर काम करने वाला भी सही है. 

फिर यहां प्रश्न उठता है कि जब सब कुछ सही है तो परेशानी क्या है? 


हर चीज हर व्यक्ति के लिए हर समय स्थिति में अलग-अलग होती है. किसी को कुछ अच्छा लगता है तो किसी को कुछ. किसी समय में किसी व्यक्ति के लिए कोई चीज अच्छी काम करती है लेकिन उसी समय किसी अन्य व्यक्ति के लिए वही चीज बुरा काम करती है और इफेक्टिव नहीं रहती है उनकी लाइफ में. 

कोई व्यक्ति सरकारी संस्थान में जाकर वेब डिजाइनिंग का कोर्स करना चाहता है और सर्टिफिकेट लेना चाहता है, तथा कहीं ना कहीं वह  जॉब के बारे में भी सोच रहा है उसका उद्देश्य सरकारी जॉब पाना हो सकता है लेकिन प्राइवेट जॉब भी उसे मिल जाए तो भी वह कर लेगा ऐसा व सोच रहा है. 

तो कोई व्यक्ति ऐसा सोच रहा है, चलो किसी भी संस्थान से वेब डिजाइनिंग का कोर्स कर लेता हूं कहीं ना कहीं और कभी न कभी यह तो काम आ ही जाएगा क्योंकि सर्टिफिकेट काफी कीमती होते हैं. 

वहीं पर कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सोच रहे हैं कि जब पैसे ही कमाने है जिंदगी में और जिंदगी का अंतिम पड़ाव यहीं आकर ठहरता है जहां पर प्रतीक जीवन का सवाल है तो फिर यह कोर्स किसी संस्थान से करने की क्या जरूरत है, इसे तो मैं इंटरनेट से भी सीख सकता हूं, और बिना पैसे खर्चा किए बिना दिल्ली आगरा या मथुरा गए इसे घर बैठे आसानी से सीख सकता हूं. 

और लैपटॉप पर ही काम करते हुए तमाम तरह के लोगों के लिए वेबसाइट बना सकता हूं और अच्छी खासी कमाई कर सकता हु . इससे मेरा आर्थिक स्थिति भी काफी सुदृढ़ हो जाएगा और मैं जिंदगी में आगे भी सोच सकूंगा. क्योंकि सरकारी या प्राइवेट नौकरी में उतना मुझे उतना वेतन नहीं मिलेगा जितना मुझे अपना काम या बिजनेस फैलाकर मिल जाएगा. अतः सर्टिफिकेट, प्राइवेट या सरकारी नौकरी, इंस्टिट्यूट, कॉलेज इत्यादि के चक्कर में नहीं पड़ना है और समय की बर्बादी तथा पैसे की बर्बादी नहीं करनी है. क्योंकि फटाफट हमें आगे बढ़ना है. 

ऐसा एक छात्र भी सोच सकता है. 


तो यहां पर कहने का मतलब यही हुआ कि तमाम तरह के लोग तमाम तरह की बातें अपने -अपने जीवन के लिए सोच सकते हैं .जिसको अपने बुद्धि विवेक के अनुसार उस समय स्थिति में जो अच्छा लगता है वही करता है अब वह चीज के लिए आगे चलकर उसके जीवन में कितना वैल्यू देती है. इसका पता  रिजल्ट आने पर ही चलता है. 

सबने अपने-अपने जीवन के लिए अपने अपने बुद्धि विवेक से या यूं कह सकते हैं कि अपने ढंग से, वेब डिजाइनिंग स्किल के लिए प्लान किया, अब यह प्लान उनका जिन्होंने अपने-अपने तरह से सेंड किया है, वह चल भी सकता है नहीं भी चल सकता है या मध्यम गति से चल सकता है या अत्यंत तीव्र गति से भी चल सकता है. 

अब किसका plan चल सकता है किसका नहीं चल सकता है यह  सब कुछ उसके काम करने के तरीके, उसके स्किल और कुछ हद तक लक पर भी डिपेंड करता है. 


कुल मिला जुला कर कुछ भी नहीं कहा जा सकता है कि आप एक प्लान बनाते हैं तो वह plan आपका चल ही जाएगा. वह प्लानआपके लिए  हिट भी हो सकता है  लिए  flop भी अर्थात जो प्लान आपने बनाया है वह सक्सेसफुल रहेगा या फैलियर रहेगा इसका कुछ भी अंदाजा लगाना या तुरंत कह देना बहुत ही जल्दी बाजी होगी. 

क्योंकि अच्छे से अच्छा प्लान जिंदगी में काम नहीं करता है और वहीं दूसरी ओर बस यूं ही बनाया गया प्लान भयंकर रंग पकड़ लेता है और सक्सेसफुल हो जाता है. 


तो कहने का मतलब यही हुआ कि जब भी हम कोई प्लान बनाएं तो यह भी सोच ले कि. यह जरूरी नहीं है कि या प्लान आगे चलकर एकदम से कामयाबी हो जाएगा. इसीलिए हर चीज का अल्टरनेट या बैकअप जिसको कहते हैं जरूर रखना चाहिए. ताकि एक चीज खराब हो तो दूसरे चीज से हम काम चला ले अर्थात कहने का मतलब यहां पर यही हुआ कि अगर हमारा एक प्ला न खराब हो जाता है तो दूसरे plan से हम अपनी जिंदगी की गाड़ी चला ले. 


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