Inspirational Stories- 2- अपने प्राइवेट लाइफ की समस्या ऐसे सुलझाए

 हेलो फ्रेंड इस आर्टिकल में आपका स्वागत है. इस आर्टिकल में जानेंगे कि हम कैसे अपने आप को दुनिया की मुश्किलों से बचा सकते हैं, क्योंकि आपने देखा होगा अधिकतर कि आप अपने दैनिक जीवन में अधिकतर परेशान रहते हैं आपको समझ में नहीं आता है कि आप करे तो करे क्या करें ? खास करके मुश्किल के दिनों में. जिंदगी जब तक चल रही है अर्थात आनंद दे रही है  तो ठीक है . लेकिन जब बिगड़ जाती है तो फिर बड़ी परेशानी देती है, अब इस परेशानी का कारण कुछ भी हो सकता है, अगर हम इस परेशानी का सही ढंग से निवारण कर लेते हैं तो हम उसे छुटकारा पा जाते हैं अन्यथा  उसी में उलझे रहते हैं, और बहुत लंबे समय तक परेशान रहते हैं, और इसी को तो भोग या दुख या कष्ट कहा जाता है. 




आपने अधिकतर देखा होगा कि अधिकतर लोग धन की कमी से परेशान हैं उनके घर में खाने - खाने के लाले पड़ गए हैं उनका बच्चा ठीक से पढ़ लिख नहीं पा रहा है वह चाह रहे हैं कुछ और हो रहा है कुछ और. वे लोग अपने घरेलू जीवन की तमाम परेशानियों में घिरे हुए हैं. और उन्हें छुटकारा पाने का कोई उपाय नहीं दिख रहा है ना ही कोई ऐसा मित्र मिल रहा है जो उन्हें सही ज्ञान देकर उनको उनके दुख से मुक्ति दिला सके. 


क्योंकि यह कलयुग है. कलयुग में लोग दिलासा तो बहुत देते हैं लेकिन वास्तव में मदद बहुत कम करते हैं. कलयुग में नाम की ही मित्रता रहती है वास्तव में वह सब मित्रता केवल लेन-देन पर ही चलता है. अर्थात मित्रता में  केवल व्यापार ही रहता है . अब ऐसी मेल जोल अर्थात मित्रता लंबे समय तक कैसे चल सकती है. और यही वजह है कि लोगों को मुश्किलों के समय में एक दूसरे का अच्छा सहायता नहीं मिल पाता और इसी वजह से लोग उबर नहीं पाते अब ऐसा नहीं है कि यह घटना हमेशा होती है लेकिन अधिकतर जगहों पर आपको यही देखने को मिलेगा. 


100 में से 90% रिलेशन इसी तरह से चलते हैं. स्वार्थ और लोभ से मिलकर ही आजकल रिश्ता बना हुआ है. इसी वजह से एक दूसरे का उच्चतम सहयोग नहीं मिल पाता है और इसी वजह से कलयुग में इंसान परेशान रहता है. 


क्योंकि आप कलयुग में जी रहे हैं और ज्यादातर निर्णय आपको खुद ही लेना है और निर्णय आप खुद ले लेंगे सही-सही वह भी सही समय पर इसके लिए आपको सही ज्ञान होना चाहिए और सही ज्ञान केवल फिजिक्स ,केमिस्ट्री ,मैथ या बायोलॉजी पढ़ने से नहीं आता है , यह आता है धर्म ग्रंथ पढ़ने से क्योंकि धर्म ग्रंथ ऐसे होते हैं जो आपको सटीक जानकारी देते हैं . धर्म ग्रंथ आपको वास्तव में बताते है कि करना क्या चाहिए. और धर्म ग्रंथ में सबसे अच्छा धर्म ग्रंथ भगवत गीता ही है, भगवत गीता पढ़ने से या सुनने से आपको बहुत ही ज्यादा लाभ मिलता है आप तमाम प्रकार के परेशानियों से बच जाते हैं. 

भगवत गीता में आपको तमाम प्रकार के उत्तर मिल जाएंगे जैसे उदाहरण के तौर पर आपको लगता है कि मांस मछली खाना चाहिए या नहीं खाना चाहिए तो उसका सटीक आंसर आपको उसी में मिलेगा और कहीं नहीं .और जगहों पर आप पढ़ेंगे या जानकारी लेंगे तो उसमें हो सकता है कि आपको उसमें कुछ जानकारी मिल जाए लेकिन सटीक जानकारी नहीं मिलेगी भगवत गीता भगवान श्री कृष्ण के मुख से निकली है अतः उसमें ज्ञान का एकदम बारीकी और सटीकभाव है जिसके पढ़ने से आपका अभूतपूर्व उत्थान होता है और urdhvgati  का उत्थान होता है. इसलिए मेरी राय में आपको गीता ही पढ़नी चाहिए और ज्ञान का भंडार संचित करना चाहिए. और ज्ञानी बन कर अपना भी उद्धार करें साथ में अपने परिवार का भी उद्धार करें, साथ में अपने रिश्तेदारों का भी उद्धार करें और अन्य जनों का भी उद्धार करें. 

क्योंकि ज्ञान का यही मतलब होता है. जो ज्ञान दूसरों को केवल कष्ट दे या समाज में केवल बुराई फैलाए इस तरह के ज्ञान को ज्ञान नहीं कहा जाता है बल्कि अज्ञान ही  कहा जाता है और इस तरह के ज्ञानी को ज्ञानी नहीं कहा जाता बल्कि अज्ञानी ही कहा जाता है.


पराई स्त्री की तरफ नजर डालनी चाहिए या नहीं है या उससे शारीरिक संबंध बनाने चाहिए या नहीं इस तरह की तमाम बातों का उत्तर आपको एकदम सटीक ढंग से, गीता में ही मिल जाएगा और अधिक जानकारी कि  मरने के बाद जीव या इंसान कहां जाता है ? कैसे जाता है ?कैसे अगले जन्म में उसका जन्म होता है ?इस तरह की तमाम बातों का उत्तर आपको गरुड़ पुराण में भी मिल जाएगा. तो जानकारी की कमी नहीं है बस यह सब कुछ आप पर डिपेंड करता है कि आप किस तरह की जानकारी चाहते हैं और क्यों चाहते हैं  . 


गीता का ज्ञान कोई भी प्राप्त कर सकता है चाहे वह दुराचारी हो या सदाचारी हो . या संत हो या पापी. कोई भी गीता का ज्ञान प्राप्त कर सकता है और भगवान की शरण में जा सकता है. क्योंकि गीता का ज्ञान सभी के लिए है और भगवान का दरबार सभी के लिए होता है.

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