If We Are Allowed to Remove Mask or Gloves in Neet If We Are Not Comfort with It While Writing Exam

यदि हम नीट की परीक्षा देने जा रहे हैं, और उस दौरान हमें परीक्षा में यह कहा जाता है कि आपको चेहरे पर मास्क या gloves नहीं लगानी है, तो उस स्थिति में हम क्या करें? 

ऐसा संभव है कि जैसे ही यह नोटिफिकेशन आपको आएगा कि आपको मास्क या gloves नहीं लगाना है, तो आप घबरा जाए, क्योंकि आपको लगेगा कि कहीं आपको करोना की बीमारी ना हो जाए . और जैसा कि आप लोग देखी रहे होंगे कि न्यूज़ चैनल से लेकर और पूरे समाज में करोना का भय व्याप्त कर दिया गया है. जितनी ज्यादा बीमारी नहीं है उतना ज्यादा भय व्याप्त है. 


और लोग जितनी ज्यादा बीमारी से नहीं मर रहे हैं उतना ज्यादा भय से मर रहे हैं, पहले पहले तो यह बताया गया था कि करोना लाइलाज है, लेकिन अब यह बताया जा रहा है कि ज्यादातर रोगी साधारण medicine से ही ठीक हो जा रहे हैं. 


और ऐसा है भी, वास्तव में अगर देखा जाए तो, करोना कोई बीमारी है ही नहीं यह बस एक डर का बिजनेस है, जिसे कंपनियां मिलकर खूब खेल रही हैं और खूब कमा रही हैं, 

आप खुद देखिए कि, सबसे ज्यादा पेशेंट भारत में टीवी से मरते थे, लेकिन उसका कोई भी डाटा न्यूज़ चैनल पर नहीं दिखाया जाता है, 




और रही श्मशान में ढेर सारी लाशों की जलने की बात तो यह भी हो सकता है कि ऊपर से आर्डर आया हो की सारी लाशों का निरीक्षण हुआ मुआयना कर कर एक साथ चढ़ाया जाए ताकि virus फैले नहीं. और चुकी जब एक साथ ढेर सारी लाल से जलाई जाएंगी तो लोगों को लगेगा कि वाकई में श्मशान में बहुत ज्यादा लोग मर रहे हैं. 

और इस वजह से लोगों में और ज्यादा भय व्याप्त होगा. यह बीमारी एक षड्यंत्र के रूप में भी हो सकती है अतः आपको बहुत ज्यादा डरने की जरूरत है. अगर यह वास्तव में बहुत बड़ी महामारी होती तो अब तक आप के अगल-बगल हजारों लोगों को सुला दी  होती . 


इसलिए अगर एग्जाम में कहा जाता है कि आपको mask या gloves नहीं लगाना है तो आपको बहुत ही ज्यादा डरने की कोई जरूरत नहीं है आप बहुत ही आराम से परीक्षा दे अब कोई भी तनाव लेने की जरूरत नहीं है. क्योंकि जितना ज्यादा डर है उतना ज्यादा बीमारी नहीं है हां अगर आप बेवजह डरते रहेंगे तो हो सकता है कि आपके शरीर में एंटीबायोटिक बने ही ना और उस डर की वजह से आप बहुत ही ज्यादा बीमार हो जाए.

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