Mughalsarai Kali Mandir

 मुगलसराय  काली मंदिर -mughalsarai kali mandir

मुगलसराय रेलवे स्टेशन से जीटी रोड पर मात्र 10 कदम दूर है काली माता का मंदिर 




नमस्कार दोस्तो इस आर्टिकल में आपका स्वागत है. इस आर्टिकल में हम जानेंगे मुगलसराय के काली माता के मंदिर के बारे में. मुगलसराय का काली मंदिर स्टेशन से मात्र 10 से 12 कदम की दूरी पर ही है बहुत ज्यादा होगा तो 20 से 25 कदम उससे ज्यादा नहीं. मुगलसराय के मेन स्टेशन से आप उतरेंगे और बस सीधे पश्चिम की तरफ चल दीजिए. और फिर जैसे ही बनारस या दूसरे किसी जगहों पर जाने के लिए जीटी रोड पर आएंगे आपको तुरंत काली माता का मंदिर दिख जाएगा. 

और सबसे अच्छा तरीका यही है कि अगर आपको न यदि कुछ नहीं समझ में आ रहा है कि कहां से जाएं और कैसे जाएं तो किसी से पूछ लीजिए कोई भी बता देगा. 


अब चुकी बाजार है और बाजार में कई जगहों से लोग आते हैं तो कुछ लोगों को हो सकता है कि ना पता हो लेकिन 100 में से 95% लोग जानते ही हैं. 

वैसे भी मंदिर के अगल-बगल काफी मात्रा में लोग फूल बेचते रहते हैं

 

 जिनको देखकर आप समझ जाएंगे कि मंदिर कहीं अगली बगल ही  है . 


बनारस से काली मंदिर कैसे आए- 


 बनारस से काली मंदिर आने के लिए आपको 18 किलोमीटर की यात्रा तय करनी होगी. बनारस से काली माई का मंदिर बहुत ज्यादा दूर नहीं है अतः वहां से आपको आने में बहुत ज्यादा कोई दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा. आपको करना कुछ नहीं है बस आपको कोई टेंपू पकड़ लेनी है और कह देना है कि भाई मुझे मुगलसराय स्टेशन पहुंचा दो. वह ₹35 से  ₹40 लेगा और आपको वह स्टेशन पहुंचा देगा . फिर आप वहां से आसानी से काली माई के मंदिर जा सकते हैं. आप चाहे तो यह दूरी बाइक से भी कर सकते हैं. 

बनारस में कहीं काली माता का मंदिर नहीं होने के कारण अधिकतर बनारसी तीर्थ यात्री यहीं पर आकर दर्शन करते हैं. 


Mughalsarai ki Kali Mata 

 मंदिर के खुलने का समय- 


गर्मी के दिनों में मंदिर सुबह 5:00 बजे ले खुल जाती है . जबकि जाड़े  के दिनों में यह काली माई का मंदिर सुबह 6:00 बजे के करीब खुलता है . 


Mughalsarai ki Kali Mata

 मंदिर के बंद होने का समय- 


गर्मी के दिनों में यह मंदिर रात के 9:00 बजे तक खुली रहती है जबकि जाड़े के दिनों में यह मंदिर रात के 8:00  बजे तक खुला रहता है . 


Mughalsarai ki Kali Mata 

नवरात्रि के समय मंदिर

 के खुलने का समय- 


नवरात्रि के समय मंदिर को एक विशेष समय में ही खोला जाता है और एक विशेष समय में ही बंद किया जाता है. इस समय का निर्धारण मंदिर की रखवाली करने वाले लोग करते हैं. वैसे मंदिर नवरात्रि के समय भोर में खुल जाती है देर रात तक बंद होती है. ताकि भक्त लोग को दर्शन करने में कोई दिक्कत का सामना ना करना पड़े.


मुगलसराय के काली माता का मंदिर  प्रसिद्ध है. लोग बनारस से भी मुगलसराय की काली माता का दर्शन करने आते हैं और स्थानीय लोग तो दर्शन करने जाते ही हैं. नवरात्रि के दिनों में लोग काली माता का खूब दर्शन करते हैं. 


पार्वती माता ही  काली माता है और दुर्गा माता भी है . वैसे तो पार्वती माता के कई रूप हैं लेकिन जो सबसे ज्यादा प्रसिद्ध रूप है वह दुर्गा माता का रूप और काली माता का रूप है . ज्ञान और super शक्ति का  नाम है काली माता. 

काली माता का लोग काली माई भी कहते हैं . और ज्यादातर यहां के स्थानीय लोग काली माई का मंदिर ही कहते हैं


चंदौली से मुगलसराय की 

काली मंदिर कैसे आए ? - 


चंदौली से मुगलसराय की काली मंदिर आने का ठीक वही तरीका है जो बनारस से काली मंदिर आने का है अर्थात कहने का मतलब वही है कि आपको मुगलसराय स्टेशन चले आना है चंदौली से, और फिर वहां से आसानी से आप काली माई के मंदिर आ सकते हैं तथा दर्शन पा सकते हैं, अब ऐसा भी नहीं है कि यहां पर बहुत ही ज्यादा अपार भीड़ लगती है कि आपको दर्शन में बहुत समय लगेगा ऐसा कुछ नहीं है हां लेकिन आपको 5 मिनट तक इंतजार करना ही पड़ेगा. या हो सकता है कि अगर भीड़ ना हो तो आपको तुरंत दर्शन मिल जाए. 


 मुगलसराय की काली मंदिर

 पर चढ़ाने के लिए फल- फूल 

कहां से खरीदें-  


अगर आपको चढ़ाने के लिए फल फूल चाहिए या खुद व्रत के समय खाने के लिए चाहिए तो आपको यहां पर प्रचुर मात्रा में फल - फूल मिल जाएगा, मंदिर के अगल-बगल आपको कुछ फल की दुकानें दिख जाएगी, और ज्यादा मात्रा में अगर आप फल फूल की दुकान देखना चाहते हैं तो आप काली माई के मंदिर से 100 मीटर बनारस की तरफ रोड पर चले तो आपको दुकान ही दुकान दिखाई देगा क्योंकि वहां पर फलों की मंडी लगती है. और वहां पर आपको सस्ते तथा अच्छे फल मिल जाएंगे. 


पूजा पाठ का सामान 

कहां से खरीदें ?- 


पूजा पाठ का सामान खरीदने के लिए मंदिर के पीछे आपको ढेर सारी दुकान मिल जाएगी. आप जस्ट मंदिर के पीछे थोड़ा सा चलिए और आपको दुकान ही दुकान दिखेंगे यह दुकान जीटी रोड से चार कदम पीछे की ओर है अर्थात मंदिर के पीछे. हो सकता है कि आपको इस समय यह आर्टिकल पढ़ने में आपको लगे कि अरे पता नहीं कहां है लेकिन एक बार आप जैसा हमने बताया है वैसा आप चलेंगे तो आपको कोई दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा. और सब चीजें जो आप खोज रहे होंगे वह आसानी से मिल जाएगी .


Final point- 


कुल मिलाजुलाकर यह कहा जा सकता है कि अगर आप काली माता का दर्शन करना चाहते हैं तो आप यहां आसानी से पहुंच सकते हैं और दर्शन को प्राप्त कर सकते हैं और जीवन का आनंद उठा सकते हैं. तथा मोक्ष को प्राप्त हो सकते हैं. अधिकतर लोग यहां आते रहते हैं और जीवन का लाभ उठाते हैं इसलिए आप अगर मनुष्य जीवन पाए हैं तो आप आकर दर्शन करें और अपनी जिंदगी को एक नए आयाम पर ले जाने की कोशिश करें. क्योंकि ईश्वर की वंदना या माता की वंदना केवल इंसान ही कर सकते हैं और दूसरे कोई प्राणी  नहीं. 


इस पोस्ट में अपना अमूल्य समय देने के लिए आप लोगों का एक बार फिर से धन्यवाद. life, कैरियर, भक्ति और तमाम प्रकार के हिंदी जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर लगातार विजिट करते रहिए.

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