Ias Full Form

 Ias Full Form-Indian Administrative Service


💦🔴💝 नमस्कार दोस्तों, www.sarkariresult-news.com में आपका स्वागत है , इस पोस्ट में हम जानेंगे कि कैसे आप आसानी से आईएएस की परीक्षा पास कर सकते हैं, वह कौन से आसान तरीके हैं जिसे हम अपनाएंगे , कौन सी बुक पढ़नी है, पढ़ाई कब से स्टार्ट करनी है, कितने घंटे पढ़ना है, स्कूल और कॉलेज की परीक्षा के दौरान कैसे IAS की तैयारी ( ias preperation ) करनी है .


दोस्तों अधिकतर यही देखा गया है कि आईएस बनने के पहले लोग अक्सर IAS का फुल फॉर्म जानना चाहते हैं और कितने लोग तो ऐसे भी होते हैं जो राह चलते पूछते हैं कि भाई आईएस की तैयारी कर रहे हो क्या आईएस का फुल फॉर्म भी पता है ? वैसे यह बहुत ही छोटी और मामूली सी बात है. ऊंट के मुंह में जीरा वाली बात है . खास करके तब जब आप आईएएस की तैयारी कर रहे हैं. यही मावली से चीज नहीं पता होने से कभी-कभी हमें चार समाज में शर्मसार भी होना पड़ता है और हंसी का पात्र हम बन जाते हैं

वैसे इस आर्टिकल में आईएएस की फुल फॉर्म जानने के अलावा हम लोग बहुत कुछ जानेंगे लेकिन सबसे पहले यही जानते हैं कि आई एस का फुल फॉर्म क्या है ? भले ही जैसी छोटी क्यों ना हो

आईएस का फुल फॉर्म है- इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (
Indian Administrative Service)
हमें ऐसा लगता है कि अब आप लोगों ने समझ लिया होगा कि आईएस का फुल फॉर्म क्या होता है ? अब जब भी कोई आपसे आई एस का फुल फॉर्म पूछेगा आप उसे तुरंत बता दीजिएगा.


कम समय में ज्यादा अच्छी तैयारी कैसे करें . इस तरह की तमाम बातों का उत्तर हम अपने इस पोस्ट में जानेंगे, क्योंकि इस साइट का मेन उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा युवा आईएस में सेलेक्ट हो, इस साइट की मदद से बहुत से छात्र ने तरक्की को प्राप्त किया. क्योंकि वे इस साइट पर हमेशा विजिट करते हैं , और हर प्रकार की शिक्षा से जुड़ी जानकारी प्राप्त करते रहते हैं .
दसवीं की बोर्ड परीक्षा पास करके

(10TH BOARD EXAM)- 10वीं की बोर्ड परीक्षा पास करके आप आईएएस की परीक्षा में जाने की पहली सीढ़ी को पूरा कर लेते हैं अगर आपको आईएएस की परीक्षा देनी है तो आपकी दसवीं की परीक्षा पास करनी ही होगी . अब यह जरूरी नहीं है कि दसवीं आप किस विषय से करते हैं . आप कोई सा भी विषय में दसवीं कर सकते हैं . यह जरूरी नहीं है कि आपको आर्ट विषय ही लेना है या साइंस का विषय हि लेना है अर्थात कहने का मतलब यही हुआ कि आपको केवल 10 वीं पास होना चाहिए कौन सा डिवीजन आपका दसवीं में आया है या आपकी कितने मार्क्स आए हैं 10वीं परीक्षा में, क्लास में क्या पोजीशन है. इन सब बातों से कोई लेना-देना नहीं है.
12वीं की परीक्षा पास करें

(12TH BOARD EXAM)- AGAR आईएएस के एग्जाम में आपको बैठना है तो दसवीं की ही तरह यहां पर भी वही बात है आपको केवल 12th की परीक्षा पास करना है. यहां पर अभी मैं आपके कितने मार्क्स हैं , कितना परसेंटेज है, क्लास में क्या पोजीशन है , इस तरह की तमाम बातों से कोई मतलब नहीं है और यही नहीं आप किसी भी विषय से 12वीं पास करें .आईएएस की परीक्षा देने के लिए आप योग्य हो जाते हैं. तो यहां तक बात समझ में आ गई कि अगर हमें आईएएस की परीक्षा देनी है तो हमें 10वीं और 12वीं पास होना ही पड़ेगा. बिना इसके गुजारा नहीं चलने वाला है. और एक बात और ध्यान में रखिएगा की 10वीं और 12वीं परीक्षा पास करने में कोई जुगाड़ मत लगाइएगा आपके पास रिकॉग्नाइज्ड बोर्ड का सर्टिफिकेट होना चाहिए ऐसा नहीं है कि डुप्लीकेट बनाकर काम चल जाएगा, ऐसा करने की मत सोचिएगा, और आईएस में ऐसा कुछ है भी नहीं . स्नातक की परीक्षा पास करें

(Pass the graduation exam)-


स्नातक का मतलब इंग्लिश में ग्रेजुएशन से होता है. अगर आपको आईएस की परीक्षा देनी है तो 12वीं के बाद आपको किसी भी विषय में याद रखिएगा यहां पर कहा जा रहा है किसी भी विषय में आपको स्नातक होना चाहिए . यह बात मैं इसलिए याद दिला दे रहा हूं कि अधिकतर छात्र जो कहते हैं कि सर हमने B.A किया है तो क्या हम आईएएस की परीक्षा दे सकते हैं. तो कुछ लोग कहते हैं कि हमने बीएससी किया है तो क्या हम आईएएस की परीक्षा दे सकते यहां तक कि लोग इंजीनियरिंग (B.TECH) और डॉक्टरी (MBBS) की डिग्री प्राप्त करने के बाद यह प्रश्न पूछते रहते हैं कि क्या हम आईएएस की परीक्षा देने के योग्य है. तो यहां पर मैं आप लोगोंको क्लियर कर देना चाहता हूं कि आपको केवल स्नातक होना है. आप चाहे इंजीनियर रहे या डॉक्टर रहें या फिर चाहे आपने COMMERCE की पढ़ाई की हो या ART की पढ़ाई की हो उससे कोई मतलब नहीं है और ना ही आपके परसेंटेज से मतलब है कि आपने अपने ग्रेजुएशन की परीक्षा में कितने मार्क्स आए हैं. चाहे PAPER BACK हो या फिर YEAR BACK हो उससे भी कोई मतलब नहीं है. तो अगर आपको आईएएस की परीक्षा में बैठना है तो स्नातक करना जरूरी है, जब भी आप IAS की परीक्षा में बैठने जाने तो उस समय आपके पास आईएस की पूरी डिग्री होनी चाहिए APPEARED से काम नहीं चलेगा. इस बात का खासा ध्यान रखिएगा. दोबारा फिर मुझसे मत पूछेगा कि आपने तो बताया ही नहीं था.

जैसा कि आप लोग जानते हैं कि यह साइट शुद्ध हिंदी में है ताकि सभी लोग इससे आसानी से समझ सके, और ज्ञान प्राप्ति का लाभ उठा सकें, क्योंकि हिंदी हमारी मातृभाषा है और भले ही कोई इंग्लिश ( english ) नहीं जानता हो लेकिन मातृभाषा तो जनता ही है, इसलिए हमारी टीम ने मात्री भाषा में शिक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए यह साइट बनाई है ताकि छात्र इसे ज्यादा से ज्यादा लाभ उठा सकें .

10 वीं के बाद आईएएस की तैयारी के लिए कौन सा

विषय चुने

( how to prepare ias exam after 10th

board examination )

-
नौवीं की परीक्षा पास करने के बाद जब छात्र 10 वीं में प्रवेश करते हैं, तो उनके ऊपर ज्यादा प्रेशर आ जाता है , क्योंकि उन्हें पहली बार बोर्ड की परीक्षा देनी पड़ती है, उसी समय कुछ छात्र यह भी सोचते हैं, की बोर्ड की परीक्षा के बाद करना क्या है कुछ छात्र वहीं से चुनते हैं कि उन्हें इंजीनियर( engineer ) बनना है, कुछ सुनते हैं कि उन्हें डॉक्टर बनना है, कुछ सुनते हैं कि उन्हें चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना है इत्यादि.


बहुत सारे छात्र अपना बहुत तरह का सपना बुनना स्टार्ट कर देते, और उसी के अनुसार विद्या रहेंगी में अपना सब्जेक्ट स्ट्रीम चुनते हैं , उनमें से कुछ छात्र ऐसे भी होते हैं जोकि प्रशासनिक सेवा अधिक ारी में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं, ऐसे छात्र बड़ी उलझन में होते हैं, उलझन उनको इस बात की रहती है कि अगर आईएएस बनना है तो वह क्या चुने, बी ए B.A ), बीकॉम( B.COM ) , बीएससी ( BSC ) , बी टेक ( B.tech ) , एमबीबीएस ( M.B.B.S ) , बीबीए ( B.B.A ) इत्यादि में से क्या चुने.




इसका उत्तर बहुत ही सरल है, आप अगर कोई प्रोफेशनल डिग्री चुन लेंगे अपनी चॉइस के अनुसार तो आप बहुत ही ज्यादा फायदे में चले आएंगे , क्योंकि प्रोफेशनल डिग्री आपको एक बैकअप प्रदान करती है, यदि मान लीजिए कि आपका आईएस में सिलेक्शन नहीं होता है या पीसीएस में सिलेक्शन आपका नहीं होता है , तू यह प्रोफेशनल डिग्री आपका कैरियर डूबने से बचा लेती है इसलिए अगर आप प्रोफेशनल डिग्री चुनते हैं आप बहुत ही ज्यादा फायदे में रहेंगे , ट्रेडिशनल डिग्री की तुलना में.

दसवीं के बाद आईएएस की तैयारी कैसे शुरू करें

( how to prepare ias exam ) -


दसवीं के बाद आईएएस की तैयारी शुरू करने के लिए, सबसे पहले छात्रों को यह चाहिए कि वे एनसीईआरटी की बुक पढ़ना स्टार्ट करते हैं, एनसीईआरटी ( NCERT ) की सातवीं कक्षा, आठवीं कक्षा, 9 वीं कक्षा, और 10 वीं कक्षा ( 10th class ) की किताबों का अध्ययन कर ले .


अब आप लोग सोच रहे होंगे कि क्या सारे सब्जेक्ट को पढ़ना है, उत्तर है ऐसा बिल्कुल नहीं करना है, आपको वही सब्जेक्ट पढ़ने हैं जो कि आईएएस की परीक्षा में आते हैं, जैसे कि- इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र, भारत का संविधान, राजनीति विज्ञान, पर्यावरण परिस्थितिकी इत्यादि विषयों को पढ़ना है जो कि आप की एनसीईआरटी की किताब में मिल जाती है. सातवी से लेकर दसवीं तक की एनसीईआरटी की किताबें अध्ययन कर डालें जो हमने अभी ऊपर बताई है .


अब ऐसा आप बिलकुल ना सोचे कि आपने एनसीईआरटी ( NCERT ) की किताबें पढ़ ली तो आप की तैयारी हो गई, ऐसा बिलकुल नहीं होता है, एनसीईआरटी की किताबें ( NCERT Books ) पढ़ने को इसलिए कही जाती है, ताकि आईएस ( IAS ) का जो बैकबोन है वह अच्छी तरह से तैयार हो जाए, एक बार बैकबोन आपका तैयार हो गया फिर आप उसमें गहन अध्ययन करें. इससे आपको बहुत ही ज्यादा फायदा मिलेगा, और आपकी तैयारी एक क्रम में होगी.



⚫ चुकी आफ 11 वीं में प्रवेश कर रहे हैं इसलिए कोशिश करिए 11वीं के एनसीईआरटी की वे किताबें अध्ययन कर डाले जो हमने ऊपर अभी बताई हैं . अगर आप में क्षमता है तू आप 11TH में ही 12TH का भी अध्ययन कर ले , इससे आपको बहुत ही ज्यादा बेनिफिट मिलेगा, अब इसका मतलब यह नहीं कि केवल एनसीईआरटी की किताबें ही पढ़ते रहे, अपने सिलेबस का भी पाठ पढ़ें अर्थात फिजिक्स ( physics ) ,केमिस्ट्री ( chemistry ) ,मैथ ( math ) , बायो ( Bio) इत्यादि सब्जेक्ट भी पढ़ें जो आपकी स्कूल की परीक्षा में पूछे जाते हैं .

इससे क्या होगा कि आपका स्कूल का पढ़ाई भी चलता रहेगा और आईएस की तैयारी भी होती रहेगी , अगर सप्ताह में आप 2 दिन भी पढ़ लेते हैं आईएस की बुके तो आपको बहुत ही ज्यादा फायदा मिलेगा. सप्ताह में 2 दिन पढ़ने के लिए इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि आपको इंजीनियरिंग ( engineering ), मेडिकल ( medical ) आदि की प्रवेश परीक्षाओं को भी देना रहता है. अगर आप यह सब परीक्षा नहीं देना चाहते हैं तो अपना पूरा फोकस आफ आईएएस की तैयारी ( IAS preperation ) में लगा सकते हैं.


लेकिन बात फिर वहीं आ जाती है बैकअप की, अगर मान लीजिए की अगर आप इन परीक्षाओं की तैयारी ( इंजरिंग व मेडिकल ) नहीं करेंगे तो आपको बैकअप नहीं मिलेगा , और अगर आपका आईएस या पीसीएस की परीक्षा में चयन नहीं हुआ तो फिर आप क्या करेंगे, इसलिए अच्छा विचार तो यही है कि आप इन परीक्षाओं को जरूर दें. ताकि आपकी जिंदगी कभी मुश्किल में ना पड़े .


तो कुल मिला जुला कर 12वीं तक , आपको एनसीईआरटी ( NCERT ) की किताबें एकदम अच्छी तरह से पढ़ लेनी है, अगर आप इसको पढ़ लेते हैं पहले ही और आपके पास कुछ समय बचता है, तो फिर आप इसमें कपड़े डीप स्टडी कर सकते हैं.


आईएएस एग्जाम की पूरी तैयारी

( ias exam full detail ) -


तो चलिए मान लीजिए कि 12th में ही अIपने एनसीआरटी की सातवीं कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक की किताबों का अध्ययन पूरी तरह से कर लिया ( एक बार यहां पर फिर कहा जा रहा है सारी किताबें नहीं पढ़नी है, जो किताबी ऊपर बताई गई है उन्हीं किताबों को आपको पढ़ना है क्योंकि वही किताबेंI के पाठ्यक्रम आईएएस की परीक्षा ( IAS exam ) में पूछे जाती है तो अब आप चाहेंगे कि आप थोड़ा गहन अध्ययन करें, गहन अध्यन जो है वो एनसीईआरटी किताबों से नहीं हो पाएगा, इसके लिए आपको दूसरी टेक्स्ट बुक की जरूरत पड़ेगी


मार्केट में ऐसी ढेर सारी किताबे आती हैं जो कि आईएस की एग्जाम ( IAS Exam ) के लिए उपयुक्त होती हैं, तो प्रश्न ही आता है कि क्या हम सारी किताबें खरीद लेंगे. ऐसा बिलकुल नहीं है. आप वही किताबें खरीदेंगे, जो आपकी पढ़ाई के लिए उपयुक्त हो , क्योंकि बिना मतलब का किताब इकट्ठा करने से कोई फायदा नहीं है.



आप संविधान ( constitution ) , इतिहास ( history ) , भूगोल ( geography ) , पर्यावरण परिस्थितिकी (EVS ), राजनीति विज्ञान ( political science ) , करंट अफेयर्स ( current affairs ) इन सभी की अच्छी किताबें खरीद ले, 100 परसेंट में से 70% क्वेश्चन आपको यहीं से कवर हो जाएंगे. होता है यूं की आईएस की जनरल स्टडी ( IAS general study ) की चार पेपर होती है , और इन 4 पेपर्स में उपयुक्त सिलेबस रहते हैं जो अभी हमने तुरंत ऊपर बताया है . इसलिए इन किताबों का अच्छी ढंग से अध्ययन कर ले,

आईएएस की परीक्षा के लिए ऑप्शनल विषय

( ias optional subjects ) -



जनरल स्टडी का अध्ययन कंपलीट हो जाने के बाद, या यूं कहीं की जनरल स्टडी की पढ़ाई के साथ साथ, आप ऑप्शनल सब्जेक्ट की भी तैयारी कर सकते हैं , ऑप्शनल विषय ( IAS optional subjects ) चुनने में कितने छात्र गलतियां कर बैठते हैं, क्योंकि कुछ छात्र ऐसे विषैले लेते हैं जिनमें उनका इंटरेस्ट नहीं होता है, चुकी उसमें इंटरेस्ट नहीं है इस वजह से उस विषय की तैयारी करना थोड़ा सा कठिन हो जाता है ,


⚫ और यूं कह ले की अच्छी तैयारी उस विषय की नहीं हो पाती है , इसलिए ऑप्शनल विषय ( IAS optional subjects ) को बहुत ही सोच समझ कर ले, कई बार तो ऐसा देखा गया है कि छात्र वैकल्पिक विषय कुछ ले लेते हैं और बाद में उन्हें वह चेंज करने की भी सोचते हैं, केवल सोचते ही नहीं बल्कि वह ऐसा कर भी देते हैं.



⚫ इससे नुकसान ही होता है क्योंकि समय और एनर्जी की बर्बादी होती है जोकि आईएएस की परीक्षा ( IAS examination ) के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है. इसलिए सोच समझ कर विषयों को लेना ही उचित रहता है .
ऑप्शनल विषय

( IAS optional subjects ) -



ऐसे चुनें जिसमें आपकी पकड़ अच्छी हो, आपका इंटरेस्ट्स उसमें ज्यादा हो , आपको यह हमेशा लगे कि आप इस को अच्छी तरह से हैंडल करके उसमें आप बहुत ही अच्छी तैयारी कर लेंगे . जब तक आप को ऐसा महसूस ना हो तब तक समझिए कि उस विषय को लेना कहीं ना कहीं दिक्कत करेगा.

जबरदस्ती तो ऑप्शनल सब्जेक्ट कभी मत ले . क्योंकि कभी-कभी ऐसा भी देखा गया है कि ज्यादातर छात्र, एक दूसरे के बहकावे में आकर ऑप्शनल सब्जेक्ट ले लेते , इससे शुरू में तो वे तैयारी करते हैं लेकिन बाद में उनका दम निकल जाता है . इसलिए बहकावे में आकर ऐसा गलती बिल्कुल न करें ,

ऑप्शनल सब्जेक्ट

( IAS optional subjects attention)


subject लेते समय किसी की ना सुने , बल्कि अपने अंदर के मन की आवाज को सुनें अगर मन यह कहे कि नहीं आप यह सब्जेक्ट लेकर अच्छी तैयारी कर सकते हैं तभी वह विषय चुने अन्यथा नहीं .


CONCLUSION-

keep patience while preparing for ias exam and also keep some alternative of ias exam. 💖

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