TOP BEST MOTIVATIONAL FACTS QUOTES दुःखी और मायुश होने पर क्या करें ?




धरती कौन चला रहैं हैं  ?

 हर किसी के जिंदगी में कुछ ना कुछ परेशानी रहती ही है, किसी को धन की परेशानी रहती है तो किसी को स्वास्थ्य की परेशानी रहती है तो किसी को धन और स्वास्थ्य दोनों की परेशानी रहती है मतलब परेशानी रहती ही रहती है चाहे कुछ भी कर लो , जब तक जीवन है तब तक कुछ ना कुछ परेशानी लगी ही रहती है बस परेशानी का फार्म बदलता जाता है मतलब एक रूप से दूसरे रूप में यह चेंज होता रहता है लेकिन पूर्णतया यह खत्म नहीं होता . 


मनुष्य का जीवन पाए और दुख ना पाए ऐसा हो ही नहीं सकता और यह केवल मनुष्य के जीवन में ही नहीं है जब भी आप शरीर पाएंगे चाहे वह पक्षी का शरीर हो या जानवर का शरीर हो या फिर कीट का शरीर हो मतलब कोई सा भी शरीर पाए , आपको दुख भोगना ही भोगना है . 


इसका मतलब यह ना समझे कि जीवन में दुख ही दुख होता है जीवन सुख और दुख से मिलकर बना हुआ है बस एक पर एक चीज है  बदल बदल कर आती रहती है . अतः जिंदगी में जब कभी बड़ी सुख आए तो कभी यह न सोचे कि हमेशा सुख ही रहेगा और जिंदगी हमेशा ऐसे ही मस्ताना चलेगी , ज्यादातर लोग ऐसा ही सोचते हैं, सुख आने पर भी सब कुछ भूल जाते हैं, और उन्हें लगता है कि बस ताउम्र उनकी जिंदगी ऐसे ही कटती चली जाएगी और उन्हें कोई परेशानी नहीं आएगा , जबकि ऐसा बिल्कुल होने वाला है ही नहीं, जब तक जीवन है तब तक घूम फिर कर कहीं ना कहीं से परेशानी आएगी ही .  यहां पर यह कहने का मतलब भी नहीं है कि अगर आप जिंदगी में खुश हैं तो जिंदगी में आने वाली दुख के एहसास या दुख केआने की आशंका के डर से आप उदास हो जाए . 




यहां पर बस कहने का मतलब यही है कि आप मेंटली तौर से प्रिपेयर्ड रहें अर्थात तैयार रहें , जब हम मानसिक तौर से तैयार रहेंगे तब आप चीजों को अच्छी तरह से समझ रहे होंगे कि यहां पर कुछ भी परमानेंट नहीं है, अर्थात धरती पर कुछ भी अस्थाई नहीं है यहां पर कब क्या हो जाए यह कोई नहीं जानता है बस जो मिलता है जीवन में उसे स्वीकार करना ही होता है क्योंकि धरती का जो जीवन है वह हमारे मन से नहीं चलता वह श्रीहरि के मन से चलता है , और होता है वही जो श्रीहरि चाहते हैं ,और यही सही भी है क्योंकि अगर दुनिया  अगर हमारे मन से चले या किसी और के मन से चलने लगे तो फिर  स्थिति क्या होगी हम अच्छी तरह समझ सकते हैं , धरती ही नहीं पूरे अंतरिक्ष में जितने भी ग्रह हैं वह सभी श्रीहरि के मन से ही चलते हैं , करोड़ों और अरबों  ग्रह को चलाने वाले श्रीहरि ही है , और वही चला भी सकते हैं आम इंसान की यह बात नहीं है, क्योंकि इन सभी ग्रहों को चलाने के लिए जबरदस्त ब्रेन की जरूरत पड़ती है जो कि किसी इंसान या किसी दूसरे अन्य चीज के बस के बाहर की चीज है अब खुद ही से इमेजिन कर सकते हैं और ज्यादा क्या कहा जाए . 




तो कहने का मतलब जो कुछ भी जीवन में चल रहा है वह सही ही है हम जितना ज्यादा जीवन को जानते हैं उतने ही में ही हम खुद या परेशान रहते हैं, दरअसल इस जीवन में जो भी परेशानी होगा और ज्ञान के कारण ही है अज्ञान के कारण ही इंसान को ज्यादा से ज्यादा परेशानी दिखाई पड़ती है और परेशानी तथा दुख समझ में आता है , जितना ज्यादा उसे ज्ञान होता जाता है  वह  उतना ही ज्यादा,अज्ञान से दूर होता जाता है और उसी के अनुसार वह  अपने जीवन की परेशानियों से भी दूर होता चला जाता है . इसीलिए तो कहा गया है कि जब तक जीवन है तब तक आप अपने आप को विद्यार्थी ही समझे क्योंकि अगर आप अपने आप को विद्यार्थी समझेंगे तो आप और ज्यादा चीजों को जानने की कोशिश करेंगे, जिससे आपका ज्ञान बढ़ता ही जाएगा, और अज्ञान मिटता ही जाएगा, और जैसा कि हमने अभी ऊपर बताया कि अज्ञान से ही दुख है तो इस तरह से आप दुख से मुक्ति पाने लगते हैं क्योंकि आपके पास ज्ञान हो जाता है. 






जब तक जीवन है तब तक इंसान को विद्यार्थी होना चाहिए यह बात मैंने लगभग अपने अधिकतर आर्टिकल में की है  वह इसलिए मैंने की है क्योंकि यह बहुत ही जरूरी चीज है हर इंसान के आत्मिक विकास के लिए, अब इसमें भी कितने लोग उल्टा -सीधा समझ बैठेंगे . 

वह लोग सोचेंगे कि अरे यार क्या जिंदगी भर पढ़ना ही पड़ेगा. अगर आप ऐसा सोच रहे हैं तो ऐसा कुछ नहीं है ,आप अपने जीवन को उसी तरह जिए, जैसा आम आदमी जीता है , बस उसमें से थोड़ा सा हिस्सा निकालकर ज्ञान को दे दीजिए अर्थात थोड़ा सा विद्यार्थी बन जाइए . उसके बाद आपकी लाइफ मस्त हो जाएगी . 

कितने लोग यह भी सोचेंगे कि अरे यार सब कुछ तो पढ़ ही लिया है आप क्या पढ़ना ? अगर ऐसा प्रश्न आपके दिमाग में आता है तो मैं बता दूं कि बहुत सारे ऐसी चीज है जिसे आप पढ़ कर अपने ज्ञान को और ज्यादा आगे ले जा सकते हैं , आपका जिसमें इंटरेस्ट हो वह तो पढ़ें ही लेकिन आपकी पर्सनालिटी और समझ और ज्यादा तब बढ़ेगी जब आप कोई धार्मिक बुक पढ़ेंगे. 




फिजिक्स ,केमिस्ट्री ,math, बायलॉजी ,साइकोलॉजी ,इतिहास - भूगोल यह सब आपने बहुत पढ़ लिया होगा मैं यह भी नहीं कह रहा हूं की इसमें आगे आप नहीं पढ़ सकते हैं ,इसमें भी पढ़ सकते हैं जिससे आपको अच्छी नॉलेज मिल जाएगी , लेकिन अगर धार्मिक ज्ञान पढ़ेंगे तो आपको पता चलेगा कि धार्मिक ज्ञान को समझने के लिए आपको और ज्यादा एनर्जी और ब्रेन की जरूरत है क्योंकि इसमें चीजें बहुत ही माइक्रो ढंग से लिखी गई होती है ,बहुत ही गहरी सोच के ढंग से लिखी गई होती हैं .आप सहज ही दिमाग लगाकर उसे नहीं समझ पाएंगे . यह सब आप तभी समझेंगे जब आप इस लाइन में प्रवेश करेंगे, तभी  आपको समझ में आएगा कि वाकई में  धर्म ग्रंथ (जैसे -गीता) को पढ़ना और उसे पूरी तरह से अच्छी तरह समझना  कितना कठिन है ,और समझते हुए उसे अपने जीवन शैली में उतारना कितना चुनौतियों से भरा है . 




हर इंसान को बस यही लगता है कि वह पूरी तरह से अब कंप्लीट है उसे किसी तरह के ज्ञान या बुद्धि की जरूरत नहीं है , यहीं पर वह मार खा जाता है, या यूं कहें कि यहीं पर वह अपनी मूर्खता को सिद्ध कर देता है, 

अगर गौतम बुद्ध की माने तो उन्होंने कहा था कि "इस संसार में सबसे बड़ा मूर्ख वही है जो अपने आप को सबसे ज्यादा बुद्धिमान और अकलमंद समझता है" 


क्या आपको इस बात में कोई दम दिखाई दे रही है, जिनको दम दिखाई दे रही है उनके लिए आगे का रास्ता खुला है अर्थात आगे ज्ञान का रास्ता खुला हुआ है , जिनको इस बात में दम दिखाई नहीं दे रहा है उनके लिए बस समझे की आगे कोई रास्ता नहीं है . 



ज्ञान अनंत इसे आप जरूर स्वीकार करें और स्वीकार करते हुए ज्ञान का शिकार करें, जितना ज्यादा ज्ञान का शिकार करेंगे उतनी ही ज्यादा ज्ञानी होते जाएंगे, और ज्ञानी होने से क्या फायदा होता है यह मैंने पहले ही बता दिया है और मैंने लगभग अपने हर आर्टिकल में यह बताया है कि सारी मुसीबत की जड़ अज्ञान ही है 



इसलिए ज्ञानी जरूर बनो और अपना जीवन सुंदर ढंग से जियो. अगर आप  अन्य आर्टिकल को पड़ेंगे तो आपको और ज्यादा ज्ञान प्राप्त होगा . यह सब कुछ आप पर डिपेंड करता है कि आप आगे और कुछ सीखना चाहते हैं या नहीं . हमारा मकसद केवल यही है कि आप लोग के जीवन को सुंदर बनाना है और आप लोग इसमें अपना सहयोग देते हैं या नहीं यह सब कुछ आपके ऊपर निर्भर करता है क्योंकि डिसीजन तो आप ही को लेना है . 



अच्छा ज्ञान कहीं से भी मिले उसे जरूर से जरूर स्वीकार करें और सीखने की भरसक प्रयास करें, ज्ञान को समझते हुए उसे अपने जीवन में उतारे ताकि उससे आपको फायदा मिल सके , जीवन में आप उसे एक ही दिन में उसे नहीं उतार पाएंगे इसके लिए आपको बहुत ही ज्यादा प्रयास करना पड़ेगा . निरंतर प्रयास करने के बाद जब वह चीज आपके जीवन में उतर जाएगी तब आपको उसके फायदा होने का मतलब समझ में आएगा और उसका मोल भी समझ में आएगा , इसे एक दवा की तरह ही समझे , जैसे दवा आपके शरीर को निरोग बनाती है अर्थात तो रोग का नाश करती है उसी तरह अच्छा ज्ञान ,अज्ञान को खत्म करता है और आपकी परेशानी को मिटा देता है . 



इस आर्टिकल में अपना बहुमूल्य समय देने के लिए बहुत ही बहुत धन्यवाद, इसी तरह की और भी आर्टिकल्स लिखे गए हैं जो कि जिंदगी से रिलेटेड है,  आपकी मुश्किलों में हो सकता है कि यह सब चीजें काम में आ जाए, बस जरूरत है तो एक बार उन्हें पढ़ने की . एक बार उन्हें जरूर पढ़े, पढ़ने में केवल 5 मिनट ही लगेगा क्योंकि सारी आर्टिकल शुद्ध हिंदी में लिखा गया है , इसलिए आप उन्हें बहुत ही जल्दी और आराम से पढ़ सकते हैं आगे क्या करना है या आपकी मर्जी . अगर इस आर्टिकल में आप कुछ अपना सुझाव देना चाहते हैं तो कमेंट करके जरूर बताएं ताकि लोगों तक आपकी बात पहुंच सके .


नमस्कार .

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