BEST MOTIVATIONAL Quotes And Story 2021 In Hindi

 





MOTIVATIONAL & INSPIRATIONAL 


पत्थर यदि हजारों वर्ष तक पानी में पड़ा रहे तो भी पानी उसके अंदर नहीं घुस सकता पर मिट्टी का ढेला पानी लगते ही गल जाता है उसी प्रकार जो विश्वासी भक्त होते हैं हजारों विपत्तियों के पड़ने पर भी हताश नहीं होते हैं और मुश्किलों के दिनों में भी डटे रहते हैं पर जो अविश्वासी मनुष्य होता है उसका हृदय सामान्य दुख से ही विचलित हो जाता है. 



आपने तो अधिकतर देखा होगा अपने जीवन में, कि खुशी के दिनों में वे लोग बड़ा खुश रहते हैं लेकिन थोड़ा सा भी अगर उनको दुख दे दिया जाए तो बड़ा ही चिल्लाने लगते हैं , इसका मतलब यह नहीं है कि वह लोग मूर्ख हैं फिर भी उन लोग को समझना चाहिए कि सुख और दुख जीवन का हिस्सा है, आपको हमेशा धैर्य रखना चाहिए क्योंकि घबराने से कुछ नहीं होता है, अगर घबराकर ही मुश्किलों का सामना किया जाता तो सब लोग वही करते और हमारी ज्ञानी और बुद्धिजीवी व्यक्ति उसी को करने की सलाह देते. इसलिए    

 जब मुश्किलों का दौर गुजरे तो उस समय घबराने के बजाय आत्म चिंतन करें और उस समस्या से निपटने का प्रयास करें . 



जिस प्रकार एक घड़े में एक भी छेद रहने से सारा पानी धीरे-धीरे वह जाता है उसी प्रकार साधक के अंदर थोड़ी सी भी अगर संसारशक्ति रह जाए तो वह साधना व्यर्थ हो जाती है , 



 आजकल तो आपने देखा ही होगा कि कितने पंडित है जो अपने आप को बहुत ही ज्यादा पवित्र और ज्ञानी मानते हैं , तथा अपने हाव-भाव से लोगों में इसका खूब प्रचार करते हैं , और खूब वाहवाही बटोरते हैं , दरअसल यह लोग वाकई में एकदम ठीक नहीं होते हैं, यह वास्तव में केवल दिखावा करते हैं साधक होने का जबकि इनके अंदर ज्यादातर भाव स्वार्थ और अहम का ही होता है . इनको वास्तव में केवल चाहिए तो पैसा और आदर सम्मान, वे लोग सीधी सीधी तो इसका भाव तो नहीं दिखाते हैं लेकिन अंता मन में उनके यही भाव रहता है. 

आजकल समाज में ऐसे ही पंडितों की संख्या बहुत ज्यादा है, वे भ्रष्ट है , केवल साफ सुथरा होने का दिखावा करते हैं, ऐसे लोगों से आप लोगों को अपना बचाव करना चाहिए. 



अभिमान की जड़ मर कर भी नहीं मर्द की, जैसे बकरा काटे जाने पर मुड़ी धड़ से अलग हो जाने पर भी व कुछ देर तक तक तड़पता  रहता है उसी तरह अभिमान की स्थिति रहती है , अभिमानी व्यक्ति  का सब कुछ नष्ट हो जाने पर भी उसका अभिमान नहीं चाहता है. 


कल्पवृक्ष क्या है ? 


कल्पवृक्ष एक ऐसा वृक्ष होता है जिससे जो कुछ भी मांगा जाए वह तुरंत मिल जाता है मांगने की बात तो दूर कहिए केवल कल्पवृक्ष के नीचे बैठकर सोच लिया जाए तो भी वह इच्छा पूरी हो जाती है आपकी . 

भगवान भी कल्पवृक्ष की तरह ही है, भगवान जब साधक से खुश हो जाते हैं तो उनसे जो भी इच्छा की जाए वह सब पूरी हो जाती है. 



आपने अधिकतर सुना होगा कि लोग कहते हैं कि मुझे स्त्रियों में कोई आनंद नहीं आता है मैं उसे दूर रहता हूं, और अपने हाव भाव से दिखाते भी हैं कि  स्त्रियों में उनका कोई इंटरेस्ट नहीं है , लेकिन अंतर्मन में केवल इंटरेस्ट ही इंटरेस्ट भरा रहता है , और जरा सा मौका मिला नहीं कि झपट्टा मारना शुरू कर दिए यह सब डुप्लीकेट प्रकार के त्यागी होते हैं अगर मोटी भाषा में समझा जाए तो यह सब छलिया किसिम के केवल दिखावे वाले लोग होते हैं जिनमें कामवासना कूट-कूट कर भरा रहता है. 



सच्चा त्यागी वही है जो नितांत एकांत स्थान में किसी सुंदर युवती को देखकर उसे माता कहें उसी को ठीक प्रकार का त्यागी कह सकते हैं , और बाकी जो होता है वह सब केवल दिखावा मात्र होता है. इसी को कहते हैं अंता किरण की शुद्धता, जिसका अंता किरण शुद्ध है , वही सच्चा भक्त है , और भगवान को प्राप्त करने की संभावना रखता है.


🙏जय श्री राम , 🙏जय श्री सीताराम , 🙏जय श्री राधे कृष्ण , 🙏जय श्री लक्ष्मी नारायण, 🙏जय श्री शिव पार्वती, जय श्री भवानी माई, 🙏जय श्री दुर्गा माई, 🙏जय श्री काली माई, 🙏जय श्री सीता माई, 🙏जय श्री लक्ष्मी माई, 🙏हर हर महादेव 🌹


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