अमर होने का असली राज है लेकिन लोग जानते नहीं -Top Motivational Inspirational Story Quotes a

 नमस्कार दोस्तों इस आर्टिकल में आपका स्वागत है इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि हमें किस तरह का जीवन जीना चाहिए जो कि धर्म के बिल्कुल अनुकूल हो, क्योंकि अगर हमारा जीवन धर्म के अनुकूल होगा तभी हम मोक्ष को प्राप्त कर सकेंगे, अब यह क्या होता है सबसे पहले प्रश्न यह आता है दिमाग में क्योंकि हमारे ज्यादातर जो पाठक होंगे वे  मोक्ष  का मतलब नहीं समझते होंगे . 







अगर मोक्ष  का मतलब नहीं समझते हैं तो हम आपको बता देते हैं कि मोक्ष और कोई चीज नहीं बल्कि बार-बार यह जो हमें जीने के लिए शरीर मिलता है उससे छुटकारा पा लेने को ही मोक्ष कहते हैं. 




इंसान अपने कर्म के अनुसार ही बार बार जन्म लेता है और वह दुख को भोगता है, ऐसे इंसान चाहे जिस भी योनि में जन्म क्यों न ले चाहे वह पशु का योनि हो ,चाहे वह पक्षी का योनि हो ,चाहे वह मनुष्य का योनि हो , या फिर चाहे कीट का योनि हो मतलब कोई सा भी योनि हो जैसे ही वह शरीर को पाता है वैसे ही वह दुख को भोगना शुरू कर देता है , तो मतलब कोई भी शरीर पाए इंसान ,पशु -पक्षी , कीट- पतंगा इत्यादि उसे दुख भोगना ही है और इस दुख से छुटकारा उसे तभी मिलेगा जब वह बार-बार जन्म लेने की प्रक्रिया से हट जाए , इसी प्रक्रिया को हम मोक्ष  कहते  हैं . मोक्ष  मिल जाने के बाद इंसान को बार-बार जन्म नहीं लेना पड़ता है. 





लेकिन मोक्ष  मिलना इतना भी आसान नहीं है मोक्ष  उसी को मिलता है जो बहुत ही धर्म के रास्ते पर चलता है और धर्म के रास्ते पर चलना इतना आसान नहीं है क्योंकि धर्म के रास्ते पर वही चलता है जो अपनी इच्छा को मार कर जीता है , उसे तमाम प्रकार की गलत इच्छाओं का त्याग करना होता है , एक अच्छा साधक बनकर ही आप धर्म पथ पर चल सकते हैं. 




धर्म पर चलने का मतलब यह नहीं हुआ कि आप घर द्वार सब छोड़ दें और जंगल में चले जाएं, क्योंकि ज्यादातर जब धर्म की बात आती है तो लोग यही सोचते हैं कि अरे इसमें तो घर द्वार छोड़ देना होता है और एक गेरुआ वस्त्र पहनकर धर्म पथ पर चला जाता है ऐसा बिल्कुल ही नहीं आया एकदम गलत धारणा है, आप अपने गृहस्थ जीवन में रहकर भी धर्म पथ पर चल सकते हैं और मोक्ष  को प्राप्त कर सकते हैं , बस आपको सटीक ज्ञान होना चाहिए और सटीक ज्ञान आपको सही जगह से ही मिलेगा और वह जगह है भगवान श्री कृष्ण द्वारा लिखा गया गीता , गीता का पाठ करें और उसमें धर्म ग्रंथ पर कैसे चला जाता है उसे जाने और जानकारी अपना जीवन आगे बढ़ाने की कोशिश करें तथा मोक्ष  को प्राप्त करें. 




अगर मोक्ष  प्राप्त करने की इतनी ही लालसा है तो अगर जीवन के शुरुआत में ही आप इस रास्ते पर चलेंगे तो आप मुझको जल्दी से पा सकेंगे 

जैसे कच्चा मांस आसानी से चुकाया जा सकता है और पक्का बांस झुकाए  जाने पर वो टूट जाता है वैसे ही बच्चों का मन आसानी से ईश्वर की ओर झुकाए  जा सकता है , परंतु यदि वृद्ध आदमी के मन को झुकाया जाए तो वे उस सत्संग को ही त्याग देते हैं 


इसीलिए अगर जीवन के शुरुआत में ही धर्म पथ पर चलने का प्रयास किया जाए तो आप आसानी से उस पर चल सकते हैं क्योंकि उस समय मन आपके पास ही रहता है वह कहीं इधर उधर जाता नहीं है और अगर जाता भी है तो लौटकर चला आता है, 




एक बार फिर से यहां समझ ले कि गीता पढ़ने का मतलब यह नहीं हुआ कि आपको घर द्वार छोड़ देना है बल्कि गृहस्थ जीवन में रहते हुए छात्र जीवन में रहते हुए आपको इस पथ पर चलना है यकीन मानिए घर द्वार छोड़कर सन्यासी बन कर जीवन जीना बहुत ही सरल है लेकिन गृहस्थ जीवन में रहते हुए, संसार में रहते हुए धर्म पर चलना बहुत ही कठिन काम है यह ठीक उसी तरह है जैसे कि एक इंसान अपने सर पर 1 टन का बोझां लादा  हुआ है और गर्दन घुमा कर इधर-उधर देखकर लोगों से अपने दूसरे काम की बातें भी कर रहा है . 




तू अगर आप छात्र हैं तो भी आप इस पद पर चल सकते हैं और मुझ को प्राप्त कर सकते हैं अगर आप गृहस्थ युवक हैं तो भी आप इस रास्ते पर चल सकते हैं और मुझ को प्राप्त कर सकते हैं अगर आप बिल्कुल ही सामान्य आदमी हैं चाहे औरत है फिर भी आप इस रास्ते पर चलकर मौक्ष  को प्राप्त कर सकते हैं और हमेशा हमेशा के लिए दुख से छुटकारा पा सकते हैं . 




अगर मौक्ष को नहीं पाएंगे तो अगली बार फिर जन्म लेंगे फिर उसके बाद फिर जन्म लेंगे और इसी तरह जन्म और मृत्यु की प्रक्रिया चलती रहेगी और आप कई सदी तक परेशानी परेशान रहेंगे , सदी की बात छोड़िए कई युगों तक आप परेशान रहेंगे. इसलिए भगवान ने जब मनुष्य का जन्म दिया है तो उसका एकदम सटीक फायदा उठाने की कोशिश करें. हममें से ज्यादातर लोग इंजीनियर डॉक्टर या दूसरे अन्य व्यवसाय में होंगे ही होंगे, लेकिन उनमें से बहुत कम लोग मौक्ष  का मतलब समझते हैं , और जब उसका मतलब ही नहीं समझेंगे तो वह उस पर काम कैसे करेंगे इसलिए हमने सोचा कि हम लोगों को को बताते हैं तथा जागरूक करते हैं कि वाकई में मौक्ष है क्या ? ताकि वह लोग भी अपनी जीवनशैली में बदलाव करके आने वाली जो भविष्य की दुखे हैं उससे  छुटकारा पा सके . 

इस पोस्ट में अपना बहुमूल्य समय देने के लिए आप लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद , जिंदगी से जुड़ी तमाम पहलुओं की जानकारी पाने के लिए हमारा अगला पोस्ट भी जरूर पढ़ें


🙏जय श्री राम , 🙏जय श्री सीताराम , 🙏जय श्री राधे कृष्ण , 🙏जय श्री लक्ष्मी नारायण, 🙏जय श्री शिव पार्वती, जय श्री भवानी माई, 🙏जय श्री दुर्गा माई, 🙏जय श्री काली माई, 🙏जय श्री सीता माई, 🙏जय श्री लक्ष्मी माई, 🙏हर हर महादेव 🌹

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