मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बने ऐसे /So any type of addiction means in Hindi

जिंदगी में जितना दुख इसने    

दिया शायद ही किसी ने दिया हो




वीर्य से ही आप मानसिक , शारीरिक , बौद्धिक स्तर पर , वैचारिक स्तर पर तथा आध्यात्मिक स्तर पर आप आगे जाते हैं वीर्य से ही बल की प्राप्त होती है. अतः हमें ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए वीर की प्राप्ति के लिए ब्रह्मचर्य का पालन करना बहुत ही जरूरी है. ब्रह्मचर्य का तप करना चाहिए. वीर्य की ही आराधना करनी चाहिए. 


इस शरीर में जो मांस है वह वीर्य के कारण ही है. वीर्य जितना ज्यादा पुराना हो जाएगा उतना ही ज्यादा आप मानसिक और शारीरिक तौर पर बुद्धिमान और बलवान होते जाएंगे . 


शरीर में जब वीर्य पुराना हो जाता है तो एक बार का पढ़ा-लिखा  भी याद रहता है. वीर्य की जितनी  उर्ध्व  गति होगी उतना ही आप ज्ञानी होते जाते तथा बलशाली भी होते जाते हैं .







वीर्य को रोकना इतना आसान  भी नहीं है .  क्योंकि पहले की जो गलत आदतें हैं वह भी मायने रखती है ,वह एक संकल्प बनकर दिमाग में सेट हो गई hai . आपको प्रत्येक रोज मेहनत करना पड़ेगा. वीर्य रोकने का हर रोज विचार करना होगा जब तक  वीर्य रोकने का  विचार जीवन शैली में आ नहीं जाता है


जैसे कुए की बाल्टी खींचने वाली वाली डोरी पत्थर काट देती है. वैसे ही नियमित प्रयास से हस्तमैथुन की आदत को छोड़ा जा सकता है


हस्तमैथुन से मजा लेने का ख्याल अधिकतर परेशान करता है

आप इसे रोकना चाहते हैं लेकिन रोक नहीं पाते हे    आप यह कहते हैं कि  इस kam को करना jaruri है लेकिन यह गलत  इच्छा   वाला मन कहता है कि यार थोड़ा सा मजा ले लो फिर कल उस काम को भी कर लेना.

इसी तरह की बातें कर कर आखिरकार वह गलतियां करवा ही देता है

अब तक जो भी गलतियां हुई है वह 90% लगभग रात में ही हुई है अब  गलतियां होने के बाद सवेरे बड़ी माथा खराब रहता है

एक जमाने से वही सेक्स राक्षस जीतता है

और मैं ही हार जाता हूं

जिंदगी में जितना दुख इसने दिया शायद ही किसी ने दिया हो


यह तो उस उस मिठाई की तरह है जिसमें बाहर तो मिठाई का लेप लगा है लेकिन अंदर जहर और कीड़े ही भरे हुए हैं


सेक्स इच्छा का मतलब 15 से 20 मिनट का ही मजा समझे उसके बाद 24 से 36 घंटे तक इससे दुख और उत्पीड़न ही मिलता है वह भी एक रेट से और यह प्रोसेस साइक्लिक होता है  हर दूसरे तीसरे यह प्रक्रिया चलती है

इस तरह देखा जाए तो हम हर साल परेशान रहते हैं या यूं कहें कि जीवन भर इस चीज से परेशान रहते हैं जब तक यह आदत है


अतः इसे जहर, टॉयलेट की गंदगी के सामान, अति दुख देने वाला समझकर इसे छोड़ देना ही बेहतर होगा

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