Get Rid Off Alcohol and Smoking Addiction -शराब और सिगरेट छोड़े बिना दवा के

 

गलत और बुरी आदत ऐसे    छोड़े 

और ज़िन्दगी मधुर बनाये 


हमने अधिकतर देखा है कि लोग शिकायत करते हैं कि वह इस गलत आदत से परेशान हैं तो उस गलत आदत से परेशान हैं. अगर नेचर में देखे तो ज्यादातर लोग दारु पीने से परेशान हैं, ड्रग्स लेने से परेशान हैं, तो कोई सिगरेट पीने का आदी है तो कोई तंबाकू खाने का आदी है तो इस तरह की तमाम नशे वाली आदित्य है जो लोगों में व्याप्त हैं, इन आदतों से पीड़ित व्यक्ति तो स्वयं परेशान रहता ही है साथ में उसके घर के जो लोग होते हैं वे लोग भी काफी ज्यादा परेशान रहते हैं. 





ऐसा नहीं है कि पीड़ित व्यक्ति इन आदतों को छोड़ना नहीं चाहता है क्योंकि हर वह इंसान जिसको किसी चीज से परेशानी होती है उसे वह छोड़ना ही चाहता है लेकिन आदतन वस छोड़ नहीं पाता है , और आपने तो देखा ही होगा कि आजकल तमाम तरह के ऐसी दवाइयां मार्केट में आ गई हैं जो नशा छुड़ाने का दावा तो करती है लेकिन वह नशा छोड़ आती नहीं हैं बल्कि ग्राहकों से पैसा एंठे लेती है, अब यह भी बिल्कुल नहीं कहा जा सकता है कि वह दवा एकदम से काम नहीं करती है , या इस तरह की जितनी भी दवाइयां मार्केट में है वह सब बेकार हैं , ऐसा बिल्कुल ही नहीं कहा जा रहा है, लेकिन फायदा करने वाली दवाइयां बहुत ही कम है और नुकसान करने वाली दवाइयां तथा बेवजह की उदासीन दवाइयां बहुत ही ज्यादा है 



आजकल तो हर चीज में मार्केटिंग चल रही है ज्यादा से ज्यादा कंपनियां ग्राहकों से पैसे हड़पने के चक्कर में रहती हैं , और ऐसा करने के लिए व तमाम प्रकार के हथकंडे अपनाती रहती हैं कभी दवाई के नाम पर तो कोई कभी एलआईसी के नाम पर तो कभी किसी और चीज के नाम पर तो कभी किसी और,,,,,,,, बस इसी तरह का भी टीम काम तरीका अपनाती रहती हैं और अपनी कंपनी का जेब भर्ती रहती हैं. 




यह कलयुग है यहां पर लोग केवल अपने फायदे के लिए ज्यादा सोचते हैं और लोगों के हित के बारे में बहुत ही कम सोचते हैं, और ऐसा नहीं है कि इस चतुराई को वह खराब नाम देते हैं बल्कि वह एक अच्छा नाम लेते हैं इसको कहते हैं इस्मार्ट स्किल . और ऐसे लोगों की समाज में इज्जत भी रहती है लोग ऐसे लोगों को पसंद करते हैं कहते हैं कि यह बंदा काफी मेहनती है स्मार्ट है स्किल  वाला है इसके पास बहुत ही ज्यादा बुद्धि है , काफी चतुर है इसी तरह की तमाम बातें वह उसके प्रोत्साहन में कहते हैं, इस तरह से देखा जाए तो वह उस बंदे को एक डिजिटल के एवार्ड दे देते हैं , अब चुकी एक आदमी को डिजिटल अवार्ड मिल रहा है तो दूसरे अन्य लोग भी उस डिजिटल अवार्ड को पाना चाहते हैं , और उसी अवार्ड के चक्कर में वे वही आदतें और लाइफ स्टाइल को अपनाने लगते हैं जो अवार्ड पाने वाले ने अपनाया था . 




अर्थात वही दूसरे का लूटना कचोटना मूर्ख बनाना यही काम वे लोग भी करना शुरू कर देते हैं , इस तरह से यह श्रृंखला बढ़ता ही जाति है . और समाज में एक तरह का खराब और घटिया  विचार फैलने लगता है . तो यहां तक हमने यह बताया कि किस तरह समाज में लोगों की थिंकिंग खराब होती है , तो सबसे पहले यह करना है कि हमें अपनी थिंकिंग को सही रखना है कोई भी चीज अडॉप्ट करने से पहले उसे अच्छी तरह से समझ लेंगे कि उसका भविष्य क्या है क्या यह सही है फिर ही  उसे अपने जीवन में उतारे ताकि आने वाले समय में उसका आपको फायदा मिल सके और लोगों को भी एक अच्छी नसीहत मिल सके. 



 दूसरे की आदत सीखना खराब बात नहीं है या दूसरे की स्किल सीखना खराब बात नहीं लेकिन दूसरे की गलत आदत सीखना गलत है , क्योंकि इससे आप ही का पतन होगा और आपको पतन होगा तो आपके परिवार का भी हो सकता है की पतन हो जाए यही नहीं आपसे जूटे आपके रिश्तेदार लोगों का भी पतन हो सकता है और दूसरे अन्य लोगों का भी जो आप से प्रेरणा लेकर कुछ सीखते हैं इस तरह से देखा जाए तो अनजाने में आप एक बड़े दोषी के भागी बन जाएंगे , दोस्  अगर छोटा=मोटा रहता है तो भगवान की नजर में भी क्षमा रहता है , लेकिन दोस अगर बहुत ही बड़ा हो जाता है तो भगवान भी उसे क्षमा करने के बारे में एक बार सोचने लगते हैं . इसलिए कुछ भी करने से पहले एक बार सोचे जरूर. 



तो यहां पर हम बात कर रहे थे कि हम गलत आदतों को कैसे छोड़ेंगे जो नशे की गलत आदत है उसे हम कैसे छोड़ेंगे ? 




सबसे पहली बात यह है कि गलत आदत को 1 दिन में नहीं छोड़ा जा सकता है इसके लिए आपको अथक प्रयास करना होगा ,प्रतिदिन प्रयास करना होगा, याद रखिएगा कि आप गलत आदत में इसलिए फंसे हैं क्योंकि कहीं ना कहीं आपके मन में यह विचार घर कर गया है कि यह गलत आदत ही आपका जीवन है . यह आपका जो गलत आदत है आपको भरपूर आनंद देता है चाहे वह क्षणिक आनंद ही क्यों न हो इसी वजह से आप उसमें फंसे हुए हैं तो इस चीज को ही अपने दिमाग से निकालना है , अब इसके लिए आपको अथक प्रयास करना होगा प्रतिदिन करना होगा जैसा कि अभी हमने ऊपर बताया, 




आपको अपनी गलत आदत छोड़ने के लिए किसी भी प्रकार की दवा लेने की जरूरत नहीं है, हां अगर आप गलत आदत छोड़ना चाहते हैं तो उसकी जगह एक अच्छी आदत डेवलप्ड कर लीजिए और उसी समय पर डेवलप्ड करिए जिस समय वह गलत आदत आपको परेशान करता है और यह चीज भी नियमित प्रयास के थ्रू ही डेवलप्ड होगा किसी एक दिन में नहीं क्योंकि यह दवा नहीं है जिसे आप खा ले और तुरंत वह काम कर जाए , 



रोज सोने से पूर्व अपने दिमाग में यह विचार लाए की हमें इस चीज को छोड़ना है, डेली मन ही मन में कहते रहे कि मैं दारु पीना छोड़ दूंगा अगर किसी को तंबाकू खाने की आदत है तो वह बोले मन ही मन में कि मैं तंबाकू खाना छोड़ दूंगा ,किसी को सिगरेट पीने की आदत है तो मन ही मन में बोले कि मैं सिगरेट पीना छोड़ दूंगा ऐसा विचार अपने दिमाग में लाए और इसी तरह के विचार पर अपना ध्यान लगाते हुए आप सो जाएं ताकि जो विचार है वह अंतर्मन से अंतर में ट्रांसफर हो जाएगा तू वह बुरी चीज ऑटोमैटिक ही अपने आप चली जाएगी. यह ठीक उसी तरह काम करेगा जैसे कि अंधकार में प्रकाश का दीप या मोमबत्ती लाने पर अंधकार गायब हो जाता है , तो यहां पर दारु ,शराब या सिगरेट पीने की जो आदत है वह अंधकार की तरह है और इसे छोड़ने का जो विचार है वह प्रकाश की तरह है, और इस प्रकाश पर काम करने की जो प्रक्रिया है वह दीप या मोमबत्ती है . बस अंधकार रूम में केवल दीप या मोमबत्ती ले जाने की देरी है , एक बार पहुंचा नहीं कि अंधकार रूम से गायब हुआ नहीं . 




ठीक उसी तरह नशा छोड़ने का विचार को केवल अंतर्मन में ले जाने की देरी है जैसे ही वह विचार अंतर्मन में पहुंचा नहीं कि अंधकार रूपी नशे की जो आदत है वह छुट्टी नहीं, बस किसी तरह से मेहनत करके आपको दीया  या मोमबत्ती को अंधकार रूम तक पहुंचाना कुल मिला जुला कर आपको बस इतना ही समझना है , जो परेशानी है बस उसे पहुंचाने की ही परेशानी है, यह रास्ता उतना सरल भी नहीं है क्योंकि दिए को आप चाहेंगे कि अंधकार रूम में ले जाएं लेकिन गलत इच्छाएं आपको वहां पहुंचने ही नहीं देंगे और मार्ग में बाधा उत्पन्न कर देगी, आपको इन्हीं गलत इच्छा हो में नहीं पड़ना है और अपने मार्ग पर चलते हुए दीप या मोमबत्ती को अंधकार उम्र तक पहुंचाना ही है, लड़ाई चलेगी और बहुत ही भयंकर लड़ाई चलेगी, लेकिन इस लड़ाई को कोई नहीं देखेगा इस लड़ाई को केवल दो ही लोग देखेंगे एक तो आप खुद और दूसरा भगवान श्री हरि . भगवान श्री हरि तो सब कुछ देख ही लेते हैं अगर वह ना देखते तो दुनिया चलती कैसे वह तो बहुत दूर की बात है. 






हम यहां पर जो खुद देखते हैं उसे अनुभव करेंगे तो हम लड़ाई लड़ेंगे और वीर योद्धा की तरह जीतने की पूरी कोशिश करेंगे, यह लड़ाई जीत जाने पर ही आपको इतनी खुशी मिलेगी जिसका आप अंदाजा नहीं लगा सकते हैं दूसरा कोई नहीं जानेगा लेकिन आप जानेंगे कि आप जीत गए. याद रखिएगा एक गलत आदत को छोड़ना बहुत ही टेढ़ा काम है इसके लिए आपको अपने शरीर की सारी ऊर्जा लगानी पड़ती है वही किसी गलत आदत में पढ़ना बहुत ही आसान है यह एकदम ही एनर्जी लेस प्रोग्राम है , या यूं कहें कि गलत आदतें सीखना एक ऑटोमेटिक प्रोग्राम के थ्रू है इसे आप बड़े आराम से सीख सकते हैं . 



ज्यादातर युवा फिल्म का डायलॉग बहुत मारते हैं उनके अनुसार मर्द होने का मतलब केवल स्त्री से शारीरिक संबंध बनाने को ही हो जाता है, लेकिन यह तो बहुत ही सरल काम है और देखा जाए तो यह एक तरह का ऑटोमेटिक काम है इसे तो कोई भी कर सकता है, इंसान तो क्या पशु-पक्षी भी से इसमें कोई मुझे मर्द होने का गुण नहीं दिखता . 




तो आजकल के युवाओं की भाषा में ही अगर इस प्रश्न का उत्तर दिया जाए तो मानना यह होगा कि मर्द होने का असली मतलब यही है कि आप अपनी गलत आदतों को छोड़ दें ,नशा करने की जो बुरी आदत है उसे छोड़ दें , और एक अच्छा जीवन जीने की कोशिश करें तथा अपने परिवार को भी एक अच्छा जीवन प्रदान करें, जिंदगी की यही कोशिश होनी चाहिए, केवल स्वयं के बारे में  ना सोच कर अपने परिवार , अपने रिश्तेदार तथा लोक हित के बारे में सोचना चाहिए , यही तो धर्म मार्ग हैं और धर्म मार्ग पर चलने वाला धर्मात्मा ही जीवन मरण कि जो अनंत प्रक्रिया है उससे मुक्ति पा जाता है. जिसको की मोक्ष कहते हैं . 




मोक्ष के बारे में पहले ही आर्टिकल लिख दिया गया है आप चाहे तो उसे पढ़ सकते और एक अच्छी जानकारी ले सकते हैं , शुद्ध हिंदी में ही लिखा गया है जैसा कि यह पोस्ट लिखा गया है ताकि आप लोगों को पढ़ने में कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़े क्योंकि हम जानते हैं कि हमारी जो भारतीय जनता है वह हिंदी भाषी है . 



दोबारा हम अपने गलत आदत छोड़ने की बात पर आते हैं , जब - जब आपका मन करे कि आपको दारु पीने का मन कर रहा है या सिगरेट पीने का मन कर रहा है या तंबाकू खाने का मन कर रहा है , ठीक उसी समय कुछ ऐसा खाएं जो आपका फेवरेट हो जैसे कि आलू के पराठे खा सकते हैं या सैंडविच खा सकते हैं या पिज्जा, इटली, डोसा. बर्गर इत्यादि खा सकते हैं मतलब कुछ भी जो आपको पसंद हो , 





क्या आप बता सकते हैं कि ऐसा क्यों कहा जा रहा है ? 5 मिनट सोचकर इसका उत्तर खुद ही दीजिए. 




अगर आपको उत्तर नहीं मिला तो चलिए हम बता देते हैं कि ऐसा क्यों कहा जा रहा है, ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि आपके अंदर ही एक या ढेर सारी गलत आदत है और उस गलत आदत को छोड़ने के लिए सबसे अच्छा तरीका यह है कि उसकी जगह उसी टाइम फंक्शन पर एक अच्छी नई आदत डेवलप्ड कर ली जाए जैसा कि हमने पहले बताया था , इस तरह आपका दिमाग अब एक अच्छी आदत  ले चुका होगा बस इसके लिए आपको थोड़ा सा अपने माइंड पर ऑब्जरवेशन करना है और इस चीज को अपनाना है जो अभी हमने आपको बताया . 


माइंड पर ऑब्जरवेशन करना बहुत ही जरूरी है , जब ऑब्जरवेशन ही नहीं करेंगे तो आपको पता क्या चलेगा कि आपके दिमाग में क्या बदलाव हो रहा है, इसलिए जब भी उपयुक्त फर्मूला अपनाएं जो हमने अभी ऊपर बताया है तो अपने माइंड पर उसका परिणाम देखें और परिणाम आपको तभी दिखेगा जब आप आत्म निरीक्षण करेंगे अर्थात ऑब्जरवेशन करेंगे , इसलिए ऑब्जरवेशन करना बहुत ही जरूरी है, 




जब एक ही विचार बार-बार रिपीट होता रहता है तो वह विचार बाहरी मन से अंतः मन में चला जाता है , और जब विचार अंतर्मन में चला जाएगा तो समझ लीजिए आप का कल्याण हो गया अर्थात आप उस नशे से मुक्ति पा लिए जो आप छोड़ना चाहते थे जिससे आप परेशान रहते थे . इसीलिए आपको सोने से ठीक पहले उस विचार को प्रत्येक रोज रिपीट करना है, दो-चार विचार को आप अपने कॉपी पर लिख लीजिए या किसी ऐसी जगह लिखे  जहां पर आपकी  बराबर नजर पड़ती रहे या सोने से ठीक पहले ऐसी जगह लिखकर टांग दीजिए कि आप की नजर उस पर पड़ी ताकि वह विचार आपके माइंडसेट पर हमेशा टारगेट करती रहे , 




आप इस तरह से विचार अपना लिख सकते हैं 


1 जैसे मैं नशा करना छोड़ दूंगा क्योंकि यह बहुत खराब चीज है क्योंकि इससे मुझे बहुत ही दुख  और परेशानी उत्पन्न होता है. 


2 नशे के कारण मैं कमजोर और बीमार जैसा होता जा रहा हूं इसलिए से छोड़ दूंगा 


3. मेरे नशा करने के कारण मेरे घरवाले, बच्चे और परिवार के अन्य लोग परेशान हैं इसलिए मैं नशा करना छोड़ दूंगा 


4 नशा करने से मेरा व्यवहार खराब हो रहा है तथा पैसे की भी खूब बर्बादी हो रही है इसलिए मैं इसे छोड़ दूंगा 



इसी तरह के विचार आप लिखकर कहीं टांग दे , या अपने मोबाइल में ही नोट कर ले या कुछ भी करें आपको बस यह सारे विचार प्रत्येक रोज  रिपीट करना है .


यहां पर आप सोच रहे होंगे कि आपको विचार को सोने से ठीक पहले ही रिपीट करने को  क्यों कहा जा रहा है  ? 

क्या आप उसका उत्तर दे सकते हैं क्या आप इसका उत्तर दे सकते हैं ? जरा सोचिए .....हो सकता है कि आपके पास इसका उत्तर हो. 




अगर उत्तर नहीं है तो आपको हम बता दें कि सोने से ठीक पहले आपको विचार रिपीट करने के लिए इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि सोने के ठीक पहले बाहरी  मन शांत हो जाता है और अंतर्मन धीरे-धीरे जागृत होने लगता है , और हमें क्या करना है कि अपने विचार को अंतर्मन में ही पहुंचाना है ना कि बाहरी मन में , और अंतर्मन में हम अपने विचार को तभी पहुंचा सकते हैं जब वह अपने एक्टिव  फेज में हो . अर्थात जागृत अवस्था में हूं , और यह स्थिति सोने से ठीक पहले ही शुरू होती है, जैसे जैसे हमारा बाहरी मन शांत होता जाता है वैसे वैसे ही हमारा अंतर्मन जागृत होने लगता है . 




अगर आपको बाहरी मन पता नहीं है तो हम बता देते हैं कि जो  काम  हम अपने हाथ पैर से करते हैं वह हम बाहरी मन अर्थात एक्सटर्नल माइंड के थ्रू ही करते हैं . हाथ पैर हिलाना ,इधर-उधर देखना, दैनिक जीवन के काम धाम करना इत्यादि हम बाहरी मन अर्थात एक्सटर्नल माइंड के थ्रू ही करते हैं, जबकि सपने देखना इत्यादि काम हम अंतर्मन के थ्रू करते हैं, 

वाह मन पर हमारा कंट्रोलिंग होता है जबकि अंतर्मन पर हमारा कोई कंट्रोलिंग नहीं होता है या यूं समझें कि अंतर्मन का बहुत ही कम हिस्सा हम कंट्रोल कर सकते हैं . लेकिन यह भी सच है कि पहले विचार वाह मन में ही आता है उसके बाद वह अंतर्मन में ट्रांसफर होता है , 




अब तक आप समझ गए होंगे कि external  माइंड क्या होता है और अंतर्मन क्या होता है ? 



इस आर्टिकल में हमने अपना भरपूर योगदान दिया है आप लोगों को समझाने के लिए, ऐसा नहीं है कि केवल कोल्हूं के भैंस की तरह केवल आर्टिकल ही लिख दिया गया है , इसलिए आप इस आर्टिकल की महत्व को समझते हुए इसे अच्छी तरह से पढ़े अगर आपको लगता है कि इसमें कुछ सुझाव की जरूरत है तो आप इसे कमेंट करके जरूर बताएं . आपका दिन शुभ हो 

🙏जय श्री राम , 🙏जय श्री सीताराम , 🙏जय श्री राधे कृष्ण , 🙏जय श्री लक्ष्मी नारायण, 🙏जय श्री शिव पार्वती, जय श्री भवानी माई, 🙏जय श्री दुर्गा माई, 🙏जय श्री काली माई, 🙏जय श्री सीता माई, 🙏जय श्री लक्ष्मी माई, 🙏हर हर महादेव 🌹

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