Artificial inteligent ( A.I) /Affiiate marketing /Secret Success Of The Life


हेलो दोस्तों इस आर्टिकल में आपका स्वागत है इस आर्टिकल में हम जानेंगे अपने जिंदगी के कुछ पहलू के बारे में, जिंदगी में बहुत ढेर सारी चीजें होती है जिनको जानना और समझना बहुत ही जरूरी होता है वैसे तो कुछ लोगों की नजर में इन सब बातों का कोई मोल नहीं होता है, क्योंकि उन्हें यह सब बातें खराब लगती है आज के चकाचौंध भरी जीवन में लोग केवल चमक को देखना चाहते हैं लेकिन उस चमक के पीछे कितनी कड़वाहट है यह कोई नहीं समझना चाहता है 



आप जिंदगी भर हमेशा सफल नहीं हो सकते हैं और इसका उल्टा भी सही है अर्थात कहने का मतलब यह हुआ कि  आप  जिंदगी भर हमेशा असफल भी नहीं रह सकते हैं अगर आप प्रयास करते हैं तो अगर आप चुपचाप केवल बैठे रहेंगे और सोचेंगे कि सफलता आपके पास यूं ही चली आये तो ऐसा बहुत कम ही देखने को मिलता है या यूं कहे कि ऐसा बिल्कुल देखने को नहीं मिलता है आपको प्रयास करना ही होगा


कितने लोग तो अपने कैरियर को जोश में शुरू करते हैं और बीच में ही छोड़ कर चले जाते हैं ऐसे लोगों की संख्या 80 से 90 परसेंट होती है 
जो अंत तक प्रयास करते हैं वही सफल होते हैं और ऐसे लोगों की संख्या मात्र 10 से 20 परसेंट ही होती है या यूं कह ले की इससे भी कम होती है

होता है यू की लोग चीजों को शुरू बड़े ही उत्साह से करते हैं लेकिन उसे अंत तक ले जाने में उनका कुल कर्म हो जाता है अर्थात उनके बस की बात नहीं रहती है कि वह उस चीज को मंजिल तक पहुंचा दें 

उदाहरण के लिए लोग सोचते हैं कि एफिलिएट मार्केटिंग में बहुत पैसा है और ऐसा सोचकर कोई बिगनर्स इसमें इंट्री लेता है एंट्री लेने के बाद वह कुछ पैसा इन्वेस्ट करता है कुछ टाइम इन्वेस्ट करता है और अपनी एनर्जी इनवेस्ट करता है लेकिन इसके बाद उसे तुरंत जब सफलता नहीं मिलती है तो वह तुरंत ही कहता है कि यह फालतू है कभी-कभी यह बात अपने मन में कहता है तो कभी-कभी अपने सभी दोस्तो के साथ शेयर कर देता है

जबकि उसने ठीक ढंग से प्रयास ही नहीं किया . एफिलिएट मार्केटिंग इस तरह से है कि आप उसे महीने 2 महीने में नहीं ठीक से सीख सकते हैं इसके लिए आपको डेडिकेशन की जरूरत होती है
पहले आप उस लाइन में बिगनर्स होंगे फिर मिडिल लेवल पर आएंगे फिर अपर मिडिल लेवल पर आएंगे फिर स्मार्ट लेबल पर आएंगे और फिर उसके बाद जाकर आप एक्सीलेंट लेवल पर पहुंचेंगे

लेकिन यहां तो बस जैसे कि तुरंत ही धन चाहिए एक दो महीने काम किया रिजल्ट नहीं आया छोड़ दिया बस यही पैटर्न आजकल चल रहा है समाज में. ऐसा नहीं किया यह चीज केवल डिजिटल मार्केटिंग के साथ ही घटित हो रही है बल्कि हर चीज में ऐसी  हो रही है

इंसान के पास उतनी स्किल नहीं है लेकिन उसे चाहिए रिजल्ट एकदम भयंकर. ऐसा नहीं है कि उसके पास स्किल नहीं है स्किल के इंट्री लेवल पर वह है
अगर वही इंसान थोड़ा अपने स्किल को टाइम दे और उसे पालिश करें तो आगे जा सकता है अर्थात एफिलिएट मार्केटिंग  हो या डिजिटल मार्केटिंग हो उसमें अच्छी खासी अपनी पकड़ बना सकता है और अपने तथा अपने परिवार को एक अच्छी जिंदगी दे सकता है

क्योंकि अच्छी जिंदगी देने के लिए या यू कह ले की खुद की अच्छी जिंदगी जीने के लिए आपके पास कुछ पैसे तो होना जरूरी है , और अगर डिजिटल लाइन में पैसा कमाना चाहते हैं तो उसमें टाइम इन्वेस्ट करना सीखिए,
और इसके साथ ही साथ थोड़ा पेसेंस भी बनाए रखें. लोग 1-1,2-2,3-3 साल तक काम करते हैं तब जाकर उन्हें थोड़ा सफलता हासिल होती है
लेकिन आज की इंसानों की इतनी जल्दी रहती है कि उन्हें बस तुरंत चाहिए यह बात उसी तरह हो गई कि जैसे कि आज आलू बोया और कल चले गए उसका पेड़ काटने तो आपको आलू मिलेगा ही नहीं क्योंकि आलू की पैदावार होने में भी दो-तीन महीने का समय लगता है

इसलिए चीजों को थोड़ा समय देना सीखिए बिना समय दिए आप कोई भी चीज तुरंत नहीं पा सकते हैं, आप अपने व्यवहार को ही देख लीजिए अगर आपकी कोई खराब आदत है और उस आदत को आप सुधारना चाहते हैं तो क्या उस आदत को आप 1 दिन में सुधार सकते हैं जाहिर सी बात होगी कि इसका आंसर होगा नहीं क्योंकि 1 दिन में  सुधारा ही नहीं जा सकता है इसे सुधारने के लिए आपको अत्यंत प्रयास करना होगा और साथ ही साथ धैर्य रखना होगा और थोड़ा समय देना होगा तब जाकर धीरे-धीरे आपकी वह बुराई खत्म होगी,

हमारा दिमाग कंप्यूटर नहीं है कि जब मन करे हम फाइल को डिलीट कर दें जब मन करें हम फाइल को इंस्टॉल कर दे ऐसा कुछ नहीं है हमारा दिमाग तो इस तरह है कि हम चीजों को डिलीट करने में भी टाइम लेते हैं और अपलोड करने में भी टाइम लेते हैं, और यह सब नेचुरल है इसमें हम कुछ नहीं कर सकते हैं ऐसा नहीं है कि यह सब असंभव है अर्थात दिमाग को भी सुधारा जा सकता है , क्योंकि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रफ्तार दिन पर दिन बढ़ेगी, और ऐसा माना जा रहा है कि आने वाले समय में हमारा दिमाग एक कंप्यूटर चिप से जुड़ा होगा, और जो फाइल अपलोड करने में या डिलीट करने में या सेंड करने में बहुत समय लगता है वह मात्र आधे सेकंड से कम समय में भी एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर किया जा सकेगा.


इस बात को इस तरह से समझा जा सकता है कि अगर दुनिया के सभी जिओ में एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का एक माइक्रोचिप जोड़ दिया जाए , तो सभी जीव एक दूसरे के कांटेक्ट में आ जाएंगे चाहे वह जानवर हो पक्षी हो या इंसान हो , सभी लोग डाटा सेंड करने लगेंगे और कई T.B डाटा मात्र सेकंड में वह सेंड कर सकेंगे, 

1TB स्पेस में कितना ज्यादा डाटा कलेक्ट होता है या आप अच्छी तरह से समझ सकते हैं, जाहिर सी बात है एक टीवी डाटा में करीब हजारों फिल्म आपकी लोड हो जाएगी, और उससे मजेदार बात यह है कि यह हजारों फिल्म को आप आधे सेकंड में access  कर सकेंगे अपने माइंड से, अर्थात उन हजारों फिल्मों को देखने के लिए आपको 100 - 200 घंटे नहीं लगाने पड़ेंगे , मात्र आधे सेकंड में ही वह सारी फिल्में आप देख सकेंगे क्योंकि आपका दिमाग नॉर्मल दिमाग नहीं रह जाएगा वहां एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माइक्रोचिप से जुड़ा है,

जो कि डाटा कि ACESSING चंद सेकेंड में कर लेता है. तो हमारे कहने का मतलब यह हुआ कि कुछ भी असंभव नहीं है लेकिन वह सब चीजें अभी इतनी नजदीक भी नहीं है, तो अगर समय फॉर्मेट के हिसाब से समझा जाए तो फिलहाल वह चीजें असंभव ही दिख रही है , उन सभी चीजों को संभव होने में अभी बहुत समय लगेगा , 

तू कहने का मतलब यही हुआ कि अगर आप अपनी जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं  तो    


आपको पेशेंस रखना होगा बिना पेसेंस रखे आपको कुछ नहीं मिलने वाला है या यूं कहें कि आपको बहुत ही कम मिलेगा या यू समझे कि आपको वह चीज नहीं मिलेगा जो आप सोचे हैं अब इसका भी मतलब    यह   न समझे कि अगर आप पेशेंस रखते हैं तो आपको पूरे के पूरे सटीक चीज मिल ही जाएगी उसमें भी हां या ना हो सकता है क्योंकि हमारा अधिकार केवल कर्म करना है अब हम जैसा कर्म करें वैसा ही फल अपने लिए डिजाइन भी कर दे यह क्वालिटी भगवान ने हम को नहीं दी है और यह चीज अच्छी भी है    अगर यह क्वालिटी मिल जाती तो फिर पूरे यूनिवर्स में पूरा भूकंप आ जाता और फिर जनजीवन या यूं कर लें कि पूरे ग्रहों में एक भूचाल सा आ जाता और सब कुछ और गड़बड़ हो जाता. 


इसलिए सक्सेसफुल बनने के लिए टाइम , पेशेंस और एनर्जी यह सब चीजें आप सही डायरेक्शन में लगाए ताकि मनचाहा रिजल्ट मिल जाए. क्योंकि जब तक आप को मनचाहा रिजल्ट का कुछ भी भाग नहीं मिलता है तब तक मजा नहीं आता है दिमाग को लगता है कि कोई चीजें मिस हो रही है इसलिए आप मनचाहा रिजल्ट पानी का पूरा प्रयास करें      

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