12th ke Baad Career In Fire Engineering 2019 in Hindi (फायर इंजीनियरिंग में कैरियर )

फायर इंजीनियरिंग में कैरियर



आग नहीं लगी तो कोई संकट नहीं लेकिन लग गई तो उसे बुझाने के लिए ऐसा आदमी या ऐसी टीम चाहिए जो उसे आसानी से बुझा सके फायर इंजीनियरिंग कुछ ऐसा ही है

इस बात का दावा तो कोई कर नहीं सकता कि आग लगेगी या नहीं लगेगी आग नहीं लगी तो कोई संकट नहीं लेकिन इसी तरह की कुछ घटना अगर हो जाती है तो इससे निपटने के लिए या व्यक्ति चाहिए जो आग की किस्म, आग लगने का कारण, आग बुझाने के तरीके, आग बुझाने के सामान, और आग में ghire लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की जो अच्छी हुनर रखता हो.

जाहिर है यह ऐसी जानकारी नहीं है जिसे यूं ही पूछकर या पढ़कर जान लिया जाए इसकी पढ़ाई भी होती है और इसका प्रशिक्षण भी दिया जाता है ऐसे में जो लोग चाहते हैं आग से खेलते हुए करियर की बुलंदी तक पहुंचना वे डिप्लोमा से लेकर BE फायर करके नीचे दिए गए पदों पर पहुंच सकते हैं

फायरमैन, लीडिंग फायरमैन, सब ऑफिसर, स्टेशन ऑफीसर, असिस्टेंट डिविजनल ऑफिसर , डिप्टी चीफ फायर ऑफिसर , और chief  फायर ऑफिसर


कार्य का स्वरूप  (Nature of work )


फायर डिपार्टमेंट ( Fire Department )  से जुड़ना एक कामयाब कैरियर के साथ साथ जनसेवा भी है फायर फाइटर्स का मुख्य काम होता है की आग लगने के कारणों का पता लगाना और उसे रोकने के उपाय का विश्लेषण करना फायर फाइटिंग सिविल, इलेक्ट्रिकल, और इन्वायरमेंट इंजीनियरिंग से जुड़ा है
मसलन आग बुझाने के यंत्रों की तकनीकी जानकारी, स्प्रिंकलर सिस्टम, अलार्म, पानी का बौछार का सबसे सटीक इस्तेमाल, कम से कम समय, और कम से कम संसाधनों में ज्यादा से ज्यादा जान बचाने की कोशिश करना यही उनका मुख्य उद्देश्य होता है


शैक्षणिक व शारीरिक योग्यता ( Education Eligibility/Physical Eligibility ) 


इस फील्ड के लिए जितनी जरूरत डिग्री की है उससे ज्यादा जरूरत कुछ व्यक्तिगत योग्यताओं की भी है
आग बारूद से भरे कारखानों में लग सकती है और केमिकल से भरी फैक्ट्री में भी लग सकती है
घनी आबादी वाले इलाकों में भी लग सकती है और जंगल में भी लग सकती है
ऐसे में साहस, धैर्य के साथ लीडरशिप क्वालिटी, क्विक डिसीजन लेने की बड़ी क्षमता का होना जरूरी है
ताकि किसी भी बड़ी दुर्घटना को कंट्रोल किया जा सके.
फिर भी डिप्लोमा या डिग्री में दाखिला लेने के लिए 12 वीं पास होना अनिवार्य है

कुछ पदों के लिए बी. ई  फायर की डिग्री ( B.E Fire Degree ) अनिवार्य है. इसमें प्रवेश के लिए ऑल इंडिया एंट्रेंस एग्जाम होता है केमिस्ट्री के साथ फिजिक्स या गणित विषय में 50% अंकों के साथ पास हो
शैक्षणिक योग्यता के साथ इस फील्ड में कैरियर बनाने के लिए शारीरिक योग्यता भी देखी जाती है

पुरुषों के लिए न्यूनतम लंबाई 165 सेंटीमीटर तथा वजन 50 किलोग्राम तय किया गया है  वहीं महिलाओं के लिए लंबाई 157 सेंटीमीटर तय की गई है और उनका वजन 46 किलोग्राम होना चाहिए
आई विजन महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए 6/6 का होना चाहिए

वही उम्र की बात करें तू न्यूनतम उम्र 19 साल और अधिकतम उम्र 23 साल निर्धारित की गई है


उपलब्ध कोर्स ( Available course ) 


फायर इंजीनियरिंग में कोर्स कुछ इस प्रकार से होता है
डिप्लोमा इन फायर एंड सेफ्टी, पीजी डिप्लोमा इन फायर एंड सेफ्टी , बीएससी इन फायर इंजीनियरिंग, सर्टिफिकेट फोर्स इन फायर फाइटिंग, फायर टेक्नोलॉजी एंड इंडस्ट्रियल सेफ्टी मैनेजमेंट , इंडस्ट्रियल सेफ्टी सुपरवाइजर, रेस्क्यू एंड फायर फाइटिंग ( Diploma in Fire and Safety, PG Diploma in Fire and Safety, BSc in Fire Engineering, Certificate Force in Fire Fighting, Fire Technology and Industrial Safety Management, Industrial Safety Supervisor, Rescue and Fire Fighting )  , आदि जैसे कोर्स शामिल है जिनकी अवधि  6  महीने लेकर 3 साल तक की होती है
कोर्स के दौरान आग बुझाने की तकनीकी जानकारी से लेकर जान माल के बचाव के साइंटिफिक फार्मूले की जानकारी दी जाती है , जैसे आग पर काबू पाने , खतरों से खेलने, कल उपकरण का प्रयोग कैसे किया जाए आदि के गुर सिखाए जाते हैं


कहां कहां है अवसर


फायर इंजीनियरिंग का कोर्स (
Course of Fire Engineering) करने के बाद आप रोजगार के ढेर सारी क्षेत्रों में जा सकते हैं पहले सिर्फ महानगरों में फायर स्टेशन होते थे लेकिन आजकल हर जिले में फायर स्टेशन है इसके अलावा आज हर सरकारी और गैर सरकारी दफ्तरों में एक फायर इंजीनियरिंग की नियुक्ति अनिवार्य कर दी गई है . फायर इंजीनियरिंग की जरूरत अग्निशमन विभाग के अलावा अन्य ज्यादातर विभागों और बहुमंजिला इमारतों व एयरपोर्ट तथा हर जगह रहती है
अतः यह कहा जा सकता है कि फायर इंजीनियरिंग में काफी क्षेत्र व्यापक है फायरिंग इंजीनियरिंग का नाम  भले ही कम लोग जानते हो लेकिन इसका काम बहुत ही इंपॉर्टेंट है

कुछ प्रमुख संस्थान इस प्रकार से हैं जो फायर इंजीनियरिंग से रिलेटेड कोर्स  कराते हैं



  • इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी नई दिल्ली



  • डेल्ही कॉलेज ऑफ़ फायर एंड सेफ्टी इंजीनियरिंग नई दिल्ली



कंक्लुजन ( Conclusion )  -  फायर इंजीनियरिंग एक बहुत ही जरूरत की चीज है इसका नाम भले ही कम हो लेकिन इसका काम बहुत ही बड़ा है , इस क्षेत्र में कंपटीशन बहुत ही कम है इसलिए इसमें आप आसानी से कैरियर बना सकते हैं
करियर से जुड़ी जानकारी पाने के लिए आप हमारी साइट पर लगातार विजिट करते रहे क्योंकि यह साइट केवल छात्रों के लिए ही बनी है इस पोस्ट में अपना अमूल्य समय देने के लिए बहुत धन्यवाद

Post a Comment

0 Comments