होली-HOLI 2019

अधिकारी का नाम- होली
अन्य नाम- फगुआ, दोल
तिथि- फागुन पूर्णिमा
होली एक ऐसा त्यौहार है जो पूरे भारत में मनाया जाता है, यही एक ऐसा त्यौहार है लोग साल भर तक इंतजार करते रहते हैं कि कब होली है और उसे सेलिब्रेट किया जाए. होली रंगों का त्योहार है. होली पर लोग सभी दुश्मनी भुलाकर एक दूसरे के साथ गले मिलते हैं . और होली के पल को एंजॉय करते हैं. होली का त्यौहार दो या 3 दिन के लिए होता है. होली पर सभी के घरों में तरह तरह के पकवान बनते हैं. खासकर के गुजिया तो जरूर बनता है.
holii - होली 2019

कुछ लोग तो बस यही जानते हैं कि होली रंगों का त्योहार है. लेकिन उन्हें इसके पीछे का इतिहास नहीं पता होता है कि वाकई में होली मनाई ही क्यों जाती है. होली का इतिहास क्या है किस कारण यह पूरे देश में मनाई जाती है, यह सब उनको नहीं पता होता है. यहां पर ऐसा भी नहीं कहा जा रहा है कि होली का इतिहास कोई नहीं जानता. लेकिन हम में से ज्यादातर लोग इतिहास के बारे में रूबरू नहीं है.
अगर आपको होली के बारे में पूरी जानकारी लेनी है तो यह पोस्ट शुरू से लेकर अंत तक पढ़ते रहे, ताकी जानकारी का कोई भी हिस्सा छूट न जाए
holii - होली 2019

होली हार्ट सर फागुन के महीने में मार्च में मनाई जाती है. होली हिंदुओं का सबसे बड़ा त्यौहार है. लेकिन होली सिर्फ हिंदू ही नहीं बल्कि सभी लोग मनाते हैं क्योंकि होली उत्साह के साथ मनाई जाती है और यह त्यौहार ही ऐसा है कि आपको यह विवश कर देता है कि आप भी इसमें शामिल हो जाएं और आनंद बनाएं. होली पर लोग आपस में मिलते हैं और एक दूसरे के साथ है रंग लगाकर होली मनाते हैं इस दौरान धार्मिक और फागुन गीत भी गाते हैं इस दिन पर हम लोग खासतौर से, गुजिया, पापड़ , और तरह तरह के पकवान बनाते हैं, भांग का भी सीवन लोग इस दिन करते हैं .
पहले लोग होलिका दहन करते हैं फिर उसके बाद सुबह होली मनाते हैं.
होली का इतिहास- बहुत साल पहले हरियाणा कश्यप नाम की एक असुर हुआ करता था. उसकी एक दुष्ट बहन होलिका थी. हिरण्यकश्यप भगवान विष्णु का भक्त था रोहिणी कश्यप उनके विरोधी भी थे उन्होंने प्रह्लाद को भगवान की भक्ति करने से जब रोक दिया , तभी मामला आगे बढ़ गया, प्रह्लाद को यह बात अच्छी नहीं लगी और वह उनका विरोध करने लगे, हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को मारने का प्रयास किया, इस प्रयास को अंजाम देने के लिए उसने अपनी बहन होलिका का सहारा लिया, होलिका को वरदान था कि वह कभी आग से नहीं चल सकती. होलिका ने रात को जान से मारने के लिए चिता में लेकर उन्हें बैठ गई, परंतु हुआ उल्टा होलिका जलकर भस्म हो गई और प्रहलाद सही सलामत बच गए. होली का इतिहास में बस यही है. यही वजह है होलिका जलाई जाती है .
holii - होली 2019
लोग 1 महीने पहले ही लकड़ी इकट्ठा करते हैं और से सूखने के लिए छोड़ देते हैं , जब लकड़ी पूर्णता सूख जाती है तो होली वाले दिन लोग उसे जलाकर होलिका दहन करते हैं . और सुबह रंगों और गुलाल के साथ होली मनाते हैं , लोग एक दूसरे पर रंग फेंकते हैं, गुलाल लगाते हैं और नाच गाने के साथ होली को सेलिब्रेट करते हैं .
भारत में होली का उत्सव अलग-अलग प्रदेशों में अलग अलग तरीके से मनाया जाता है . आज भी ब्रज की होली सारे देश की आकर्षण का बिंदु होती है. लट्ठमार होली जोकि बरसाने की है वह भी काफी प्रसिद्ध है
इसमें पुरुष महिलाओं पर रंग डालते हैं और महिलाएं पुरुषों को लाठिया तथा बनाए गए कपड़े की कोड़ों से मारती है. इस तरह मथुरा और वृंदावन में भी 15 दिनों तक होली का पर्व मनाते हैं . कुमायूं की गीत बैठकी होती है. होली के कई दिनों के पहले यह सब शुरू हो जाता है . हरियाणा की धूलंडी में भाभी द्वारा देवर को सताया जाने की प्रथा प्रचलित है.
विभिन्न देशों में बसे हुए प्रवासियों तथा धार्मिक संस्थानों जैसे इस्कॉन बंकी बांके बिहारी मंदिर में होली के श्रृंगार व उत्सव मनाया जाता है जिसमें अनेक संबंध मैं अनेक समानताएं भी है और अनेक विभिन्नताए भी है

कंक्लूजन- होली का त्यौहार शांति और उल्लास का है यह हिंदुओं का प्रमुख त्योहारों में से एक है., इसे शांति और उल्लास के साथ ही मनाए . और भाईचारे का खयाल रखते हुए एक दूसरे के साथ मधुर संबंध को आगे ले जाए . बुराई से दूर रहे और अच्छाई की तरफ बढ़े. होली का पर्व हमें ही शिक्षा देता है.
इस पोस्ट में अपना अमूल्य समय देने के लिए आप लोग का बहुत बहुत धन्यवाद . इसी तरह के अंधा है पोस्ट पढ़ने के लिए साइट पर लगातार विजिट करते रहे

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