रोज रिवीजन करें और कोई भी परीक्षा पास कर ले / daily revision technics

नमस्कार दोस्तों इस आर्टिकल में आपका स्वागत है, इस आर्टिकल में हम जानेंगे रिवीजन का क्या महत्व है एक छात्र की पढ़ाई लिखाई में, चाहे कंपटीशन की तैयारी कर रहे हो, या टेस्ट की तैयारी कर रहे हो, या फिर स्कूल का बोर्ड एग्जाम दे रहे हो किसी भी परीक्षा के लिए रिवीजन प्रक्रिया बहुत ही इंपॉर्टेंट है. लेकिन हैरानी की बात यह है कि ज्यादातर छात्र रिवीजन प्रक्रिया को महत्व नहीं देते. उन्हें रिवीजन प्रक्रिया फालतू लगती है. वे पढ़ती ही चले जाते हैं लेकिन रिवीजन पर थोड़ा सा भी ध्यान देना उचित नहीं समझते हैं. और यही किसी छात्र की असफलता का कारण बनता है
 रोज रिवीजन करें और कोई भी परीक्षा पास कर ले / daily  revision technics

रिवीजन प्रक्रिया (Revision process )
जब आप पढ़ाई करते हैं सुबह से लेकर शाम तक, कहने का मतलब यह हुआ कि अगर आप भोर में पढ़ाई करते हैं , फिर सुबह स्कूल जाते हैं , फिर कोचिंग करते हैं और अपनी भी पढ़ाई करते रहते हैं, इससे क्या होता है कि शाम होते होते दिमाग थक जाता है, वह फिर नहीं चीजों को कैप्चर करने के लायक नहीं रह जाता है , क्योंकि नई चीजों के सीखने के लिए एनर्जी की ज्यादा आवश्यकता पड़ती है और साथ ही आपका दिमाग भी चुस्त और तंदुरुस्त होना चाहिए , इसीलिए आपको चाहिए कि शाम को केवल रिवीजन करें , या यूं समझे की अगर आपका दिमाग पढ़ते-पढ़ते जब थक जाए तो उस समय केवल रिवीजन करें, शाम के समय ही ऐसा आपको ज्यादातर लक्षण देखने को मिलेगा, जब भी आपको लगे कि आपके पास एनर्जी ज्यादा है आप अच्छा महसूस कर रहे हैं उस समय आप नई चीजें पढ़ें, कोशिश करिए कि जब आप के पास सबसे ज्यादा एनर्जी महसूस हो यानी सुबह के समय तो उस समय से सब्जेक्ट को बड़े जिसमें आपका इंटरेस्ट कम , वह इसलिए क्योंकि उस सब्जेक्ट में आपका इंटरेस्ट कम है लेकिन पढ़ना भी तो जरूरी है, क्योंकि अगर उस सब्जेक्ट को नहीं पड़ेंगे तो उसमें नंबर कम आ जाएंगे , इसलिए उससे सुबह ही पढ़ ले . चाहे भले ही उसे आधे घंटे पड़े लेकिन उसे सुबह पढ़ ले. ताकि वह भी कोर्स कवर होता रहे .

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रिवीजन करना ना भूले (Don't forget for revision )- अधिकतर यह देखा गया है कि छात्र केवल अपना ध्यान, ज्यादा से ज्यादा केवल नई चीजों को पढ़ने में ही लगाए रखते हैं, इससे क्या होता है कि वे पढ़ी हुई चीजें से अपना ध्यान हटा लेते हैं , और इससे वह चीजें धीरे-धीरे भूलने लगती है , इसलिए ऐसी गलती कभी ना करें, इसलिए चीजों को रिवीजन में रखने की आदत डालें, सबसे ज्यादा जो आनंद आता है वह रिवीजन करने में ही आता है , जब आपको रिवीजन करने की आदत पड़ जाएगी उस समय ही आपको इसका मजा समझ में आएगा, एक ही चीज को आप 50 से सौ बार रिवीजन कीजिए , अब इसका मतलब यह नहीं हुआ कि आपने केवल एक पाठ उठा लिया और उसे ही रोज रिवीजन कर रहे हैं .
रिवीजन हर चीज का करते रहे, हर सब्जेक्ट का करते रहे, रोज करते रहे, एक बार अगर आपको इसका लत पड़ गया, तो समझ लीजिए कि यह किसी भी नशे से आपको ज्यादा आनंद देगा इसकी गारंटी ली जाती है , जब आप एक हफ्ता तक इसी तरह रिवीजन करते रहिए, और यह ध्यान भी देते रहिए कि आपको कैसा फील हो रहा है, आपको वाकई में रिवीजन करने में मजा आ रहा है कि नहीं, तो उत्तर यही मिलेगा कि भाई वाकई में बहुत ही मजा आ रहा है, क्योंकि आपको खुद ही लगेगा कि आप कुछ कर ही नहीं रहे हैं और तैयारी आपकी बड़ी शानदार हो रही है . आप लोग सोच रहे होंगे कि बार-बार रिवीजन की बात क्यों कही जा रही है, अगर आप ऐसा सोच रहे हैं कि यह बिल्कुल सत्य है, बार-बार रिवीजन की बात इसलिए कही जा रही है, ताकि रिवीजन रूपी जो नशा है आपके दिमाग को अच्छी तरह से लग जाए, फिर इस नशे का वह आनंद मिलेगा जिसे आप शब्दों में बयां नहीं कर पाएंगे, क्योंकि कुछ इस तरह के आनंद होते हैं जिसे केवल छात्री समझ सकता है, आपके ज्यादा जब नंबर आएंगे और टेस्ट में जब अच्छा करेंगे तब आपको इस नशे का असली मजा समझ में आएगा .
कंक्लुजन ( conclusion ) - किसी भी छात्र को सफल होने के लिए रीजन प्रक्रिया बहुत ही जरूरी है, अतः इसे अनदेखा न करें, बल्कि रोज रिवीजन करें. और किसी भी परीक्षा को पास कर ले इस रिवीजन प्रक्रिया के ट्रिक्र से अपने जीवन का आनंद उठाएं.

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