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POLYTECHNIC full detail in hindi

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इस आर्टिकल में हम जानेंगे की पॉलिटेक्निक क्या है और इस कोर्स को कैसे करें ? जब एक बच्चा स्कूल में पढ़ाई करता है तो उसके मन में यह भावना लगी रहती है आगे चलकर वह एक बेहतरीन जिंदगी जिएगा और एक सक्सेसफुल इंसान बनकर अपना और अपने परिवार का जीवन अच्छा से चलाएगा I कहते हैं कि पॉलिटेक्निक का कोर्स बहुत ही अच्छा माना जाता है जहां तक करियर संभालने की बात है I

पॉलिटेक्निक शब्द सुनते ही यह इच्छा होती है कि पॉलिटेक्निक है क्या ? और इस कोर्स में क्या पाया जाता है ? और इस कोर्स को कैसे करें ? इस कोर्स को करने के लिए छात्र की योग्यता क्या होनी चाहिए ? क्या पॉलिटेक्निक का कोर्स हिंदी मीडियम के स्टूडेंट कर सकते हैं ? क्या पॉलिटेक्निक करने में बहुत ज्यादा खर्चा आता है ?

क्या पॉलिटेक्निक करने के बाद नौकरी मिलती है ? पॉलिटेक्निक सरकारी कॉलेज से करें या प्राइवेट कॉलेज से ?
पॉलिटेक्निक करने के बाद क्या केंपस सिलेक्शन होता है ? पॉलिटेक्निक के फर्स्ट ईयर में क्या पढ़ाया जाता है ? पॉलिटेक्निक में बैंक पेपर का क्या मतलब है ?
तू इस तरह की तमाम प्रश्नों का उत्तर हम अपने इस आर्टिकल में जानेंगे I
पॉलिटेक्निक है क्या ? - पॉलिटेक्निक एक बहुत ही पॉपुलर कोर्स है करने के बाद आप आसानी से अपने इंटरेस्ट के फील्ड में अध्ययन करने के बाद जॉब कर सकते हैं I लेकिन इस कोर्स में एडमिशन लेना इतना आसान नहीं है इसके लिए कुछ योग्यता होनी चाहिए I
10th पास करने के बाद या 12th पास करने के बाद आप आसानी से पॉलिटेक्निक का कोर्स कर सकते हैं I आजकल तो ढेर सारे ब्रांच अवेलेबल है पॉलिटेक्निक का कोर्स करने के लिए , जैसे
मैकेनिकल ब्रांच
इलेक्ट्रिकल ब्रांच
सिविल ब्रांच
कंप्यूटर साइंस ब्रांच
प्लास्टिक इंजीनियरिंग
पेंट टेक्नोलॉजी
इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांच
इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन ब्रांच
फैशन टेक्नोलॉजी
डेहरी साइंस
फूड इंजीनियरिंग
केमिकल इंजीनियरिंग
माइनिंग इंजीनियरिंग
प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी
लेदर टेक्नोलॉजी
फुटवियर टेक्नोलॉजी
पैट्रोलियम इंजीनियरिंग

तू इस तरह कर के ढेर सारे ब्रांच है मैंने कुछ ब्रांच का उल्लेख ऊपर किया है , अब इसका मतलब यह नहीं है कि केवल इतना ही ब्रांच है इसके अलावा भी ढेर सारे ब्रांच है आप नेट पर सर्च करके इन सभी ब्रांच को देख सकते हैं अगर आप किसी दूसरे ब्रांच में कैरियर सवारना चाहते हैं तो I उसके बाद अगर आप B.TECH करना चाहते हो तो पॉलिटेक्निक करने के बाद आप B.TECH के सेकंड ईयर में डायरेक्ट ऐडमिशन ले सकते हैं I
ब पॉलिटेक्निक के बारे में यह जानते हैं यह कितने साल का होता है कितने सेमेस्टर क्या होता है और फीस क्या होती है ?
पॉलिटेक्निक का जो कोर्स है वह 3 साल का होता है, पहले यह साल की तरह चलता था यानी साल के अंत में ही आपको परीक्षा देना होता था I लेकिन अब सेमेस्टर सिस्टम इसमें भी लागू हो गया है I 1 साल में आपको 2 सेमेस्टर की परीक्षा देनी होती है जो 6 -6 महीने के अंतराल पर परीक्षा होती है I हर सेमेस्टर में 5 से लेकर 6 पेपर होते हैं , तो अगर 1 साल की बात दिखा जाए करीब 10 से 12 पेपर पढ़ने की पढ़ते हैं, 10 से 12 पेपर का एग्जाम देने के लिए आपको 10 से 12 किताब पढ़ने ही पड़ेगी I तो यही है फंडा सेमेस्टर का I अगर एक सेमेस्टर में 6 पेपर होते हैं , और उनमें से आप 4 पेपर क्लियर कर लिए लेकिन दो पेपर में नंबर कम आ गए तो आपको उन दो पेपर में बैक दे दिया जाएगा I तो हर बोर्ड का अलग-अलग सिस्टम है यानी अगर 1 साल में आप के 4 पेपर में बैक है तो आपका ईयर बैक हो जाएगा , अब आप सोच रहे होंगे कि ये ईयर बैक क्या होता है ?
तो चुकी आप ने 1 साल में 2 सेमेस्टर दिया और उन दोनों सेमेस्टर में कुल मिलाकर आपने 12 पेपर दिए , जिनमें से 4 पेपर में आप फेल हैं, इसलिए आपको ईयर बैक दिया जाएगा जिसका हुआ कि आप सेकंड ईयर में प्रवेश नहीं कर पाएंगे I लेकिन वही अगर आपका केवल 3 पेपर में बैक होता तो आपको ईयर बैक नहीं दिया जाता और आप आराम से सेकंड ईयर में प्रवेश कर लेते I अब इसका मतलब यह न समझे कि वह 3 पेपर , जिसमें आप फेल हुए हैं उसे पास करना नहीं है, आप सेकंड ईयर में तो चले जाएंगे लेकिन जिन पेपर में आप फेल हुए हैं उसका एग्जाम देते रहेंगे, तू जब भी फर्स्ट ईयर का परीक्षा चलेगा तू जिस दिन वह पेपर पड़ेगा उस पेपर को भी आपको देना पड़ेगा , और अपना सेकंड ईयर का भी परीक्षा देना पड़ेगा I तो इससे थोड़ा सा लोड बढ़ जाता हैI पॉलिटेक्निक में यह सब लेकिन आम बात है I कोई भी छात्र पेपर बैग से नहीं डरता है , वह डरता है तो केवल ईयर बैक से I क्योंकि ईयर बैक होने से थोड़ा सा दिक्कत हो जाता है I इसलिए अगर आप पॉलिटेक्निक कर रहे हैं तो किसी तरह 3 साल में ही इसे पूरा करने की भरपूर कोशिश करें I अब यह मत सोचिए गा कि ज्यादातर लड़की 3 साल में पूरा नहीं कर पाते I बल्कि यह देखा गया है कि 100 % मे से 90% छात्र 3 साल में ही अपना कोर्स पूरा कर लेते हैं I इसलिए डरने या चिंता करने की कोई बात नहीं I

क्या पॉलिटेक्निक का कोर्स हिंदी मीडियम के स्टूडेंट कर सकते हैं ? - ज्यादातर छात्र इस बात से परेशान रहते हैं कि पॉलिटेक्निक को हिंदी भाषा में पढ़ सकते हैं कि नहीं I तो देखिए ऐसा कुछ नहीं है वैसे तो ज्यादातर छात्र पॉलिटेक्निक एग्जाम इंग्लिश भाषा में ही देते हैं, लेकिन आप चाहें तो हिंदी भाषा भी चुन सकते हैं, यह कोई बहुत बड़ी समस्या नहीं है, सही पॉलिटेक्निक की पढ़ाई के बाद तो कॉलेजों में 100 में से 80% भाषा हिंदी ही यूज होती है, हां 20% कभी-कभी वे इंग्लिश भी बोल देते हैं I तु मिला जुला के अगर देखा जाए तो यह कोई परेशानी कहा बात नहीं है I क्योंकि ज्यादातर छात्र हिंदी माध्यम से पढ़ें रहते हैं इसलिए वह डरते हैं कि अरे यार वहां क्या होगा कैसे लिखना होगा इंग्लिश तो बड़ी कठिन है ? इस तरह की तमाम बातें उलझन उनके दिमाग में रहता है I लेकिन यह सब उलझन कॉलेज के पहले की होती है , जैसे ही वह कॉलेज में को ज्वाइन कर लेते हैं , कॉलेज के स्टूडेंट्स और टीचर द्वारा माहौल इस तरह से बनता है कि कुछ पता ही नहीं चलता है , यानी पहले जो हम बहुत सोच कर घबरा रहे थे उस तरह से कोई चीज वहां नहीं रहती हैं और बहुत ही साधारण दया ढंग से छात्र अध्ययन कर लेते हैं , बहुत कम परसेंटेज पाने वाले छात्र भी कॉलेज जाने पर आराम से पढ़ाई करते हैं और पास भी हो जाते हैं I इसलिए घबराने की तो जरूरत ही नहीं है और कैसे ,क्या ,परंतु ,लेकिन यह सब ज्यादा न सोचें तो ही बेहतर है I क्योंकि अगर यह सब अब ज्यादा सोचेंगे तो फिर आप पॉलिटेक्निक करने से पीछे रह जाएंगे

SEMrush

क्या पॉलिटेक्निक करने में बहुत ज्यादा खर्चा आता है ? - अब अगली बात यह है कि ज्यादातर छात्र इस बात से परेशान रहते हैं कि पॉलिटेक्निक में फीस बहुत ही ज्यादा लगती है, जबकि ऐसा बिल्कुल ही नहीं है अगर आप प्राइवेट कॉलेज से करेंगे थोड़ा सा पीस ज्यादा लगता है, लेकिन अगर आप सरकारी क्षेत्र से करेंगे तो फीस आपकी बहुत ही कम लगती है I जैसे अगर आप प्राइवेट कॉलेज से कर रहे हैं तो हो सकता है आपको 50 से ₹60000 फीस पड़ जाए सालाना I लेकिन अगर आप वही सरकारी कॉलेज से कर रहे हैं तो आपको मुश्किल से 20 से ₹25000 सालाना पड़ेंगे I तो कोशिश करिए की गवर्नमेंट कॉलेज आपको मिल जाए ताकि फीस के झंझट से आप बच जाए I चुकी स्कॉलरशिप की भी व्यवस्था रहती है इसलिए आपको बहुत ही ज्यादा टेंशन लेने की जरूरत नहीं रहती है I इसलिए बहुत ही ढेर सारा पैकेज आपके लिए उपलब्ध रहता है बस जरूरत है तो आपको जानने की और बस थोड़ा सा और साहस कीजिए और इसमें प्रवेश लीजिए और पॉलिटेक्निक कंप्लीट कीजिए , और अपनी जिंदगी को एक नए मोड़ पर ले जाइए I

क्या पॉलिटेक्निक करने के बाद नौकरी मिलती है ? - अब प्रश्न यह उठता है कि पॉलिटेक्निक करने के बाद छात्र को नौकरी मिल जाती है ? तो देखिए फ्रेंड्स 100 में से 40% ऐसे छात्र होते हैं जिनको पॉलिटेक्निक करने के बाद जब कहीं ना कहीं मिल जाती है , लेकिन ज्यादातर लोगों को नहीं मिलती है या एक कड़वा सच है , लेकिन वह प्रयास करते रहे तो वह दूसरे साल या तीसरे साल जाते जाते उनका भी नौकरी लगभग हो जाता है अगर वह करना चाहे तो I क्योंकि आजकल पापुलेशन बहुत तेजी से बढ़ रहा है लेकिन सीटें बहुत कम रेट से बढ़ रही हैं , इस वजह से इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है I यह बात केवल पॉलिटेक्निक में ही नहीं बल्कि B.TECH ,एमबीए हर जगह लगभग होल्ड कर रही है I तो आपको इन सब चीजों पर भी ध्यान देना होगा I यह नहीं कि पॉलिटेक्निक कर लिए और नौकरी ना मिलने पर हाय तौबा मचाने लगे I अगर आप ऐसा करते हैं तो आपको ही परेशानी होगी और आपलोगों के साथ जुटे लोगों को परेशानी होगी , क्योंकि उनसे आपका दिल का रिश्ता रहता है I इसलिए सभी चीजों को बारीकी ढंग से समझ ले I

SEMrush
पॉलिटेक्निक करने के बाद क्या केंपस सिलेक्शन होता है ? - तो बात अब यह आती है कि क्या कॉलेज में कैंपस सिलेक्शन होता है ? तू दिखे जहां तक सरकारी कॉलेज का सवाल है वहां पर तो केंपस सिलेक्शन होता है , अब ऐसा भी मत समझिए की हंड्रेड में हंड्रेड परसेंट केंपस सिलेक्शन होता है ,हां हंड्रेड में 40 से 50 परसेंट तक इलेक्शन तो हो ही जाता है I लेकिन हर सरकारी कॉलेज में ऐसा होता है यह भी नहीं कहा जा रहा है , केंपस सिलेक्शन सरकारी कॉलेज की ख्याति पर डिपेंड करता है , जिस कॉलेज का जैसा RANK रहता है उस हिसाब से कंपनी कॉलेज में आती है और केंपस सिलेक्शन करवाती है I जिस भी कॉलेज मे ऐडमिशन लेने का विचार बना रहे हैं , उस कॉलेज के बारे में पता कर लीजिए कि पिछले दो-तीन सालों में कॉलेज का कैंपस सिलेक्शन का क्या हिसाब किताब रहा I इससे आप अच्छी जानकारी जुटा लेंगे I अब उस कॉलेज के केंपस सिलेक्शन के बारे में जानकारी लेने के लिए आपको उस कॉलेज में जाना ही पड़ेगा और वहां की कुछ छात्रों से बातचीत करनी पड़ेगी यही तरीका सबसे बेस्ट माना जाता है I
पॉलिटेक्निक सरकारी कॉलेज से करें या प्राइवेट कॉलेज से ? - बात आती है कि पॉलिटेक्निक सरकारी कॉलेज से करें या प्राइवेट कॉलेज से I जैसा कि हमने ऊपर बताया की प्राइवेट कॉलेज में फीस थोड़ा ज्यादा रहती है I और केंपस सिलेक्शन थोड़ा सा कम रहता है या यू कहीं की बहुत ज्यादा ही कम रहता है I वहीं सरकारी कॉलेज में केंपस सिलेक्शन होने की संभावना थोड़ा सा बढ़ जाती है , और फीस भी कम रहती है I तू ज्यादातर छात्रों का रुझान तू सरकारी कॉलेज की तरफ ही रहता है I और यह ठीक भी है आप सरकारी कॉलेज को टारगेट करें वही ज्यादा बेहतर है I
CONCLUSION - अंत में मित्रों आपसे यही कहना चाहूंगा कि पॉलिटेक्निक में प्रवेश की बात हो किसी भी डिग्री में प्रवेश की बात हो , अब बहुत ही समझ बूझ कर कॉलेज का चयन करें , ब्रांच का चयन करें , कॉलेज की रैंकिंग चेक कर ले , केंपस सिलेक्शन की जानकारी लें I तभी जाकर ऐडमिशन ले I जल्दी बाजी और हड़बड़ाहट से केवल नुकसान ही आपका होगा I इस आर्टिकल में अमूल्य समय देने के लिए आप लोगों का बहुत बहुत धन्यवाद I

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