PCS FULL FORM / PCS exam /pcs exam pattern in hindi

PCS (Provisional Civil Service )

PCS FULL FORM / PCS exam /pcs exam pattern in hindi


हेलो दोस्तों इस पोस्ट में आपका स्वागत है, जैसा कि आप जानते हैं कि हमारे साइट पर करियर से जुड़ी जानकारी आपको दी जाती है l इस साइट पर करियर से जुटी तमाम तरह के विवरण प्रस्तुत किए जाते हैं l ताकि हर प्रकार के छात्र चाहे वह गांव से हो या शहर से हो इन आर्टिकल्स को पढ़कर अपना जानकारी बढ़ा सके और कैरियर में अच्छा निर्णय ले सके l

इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि पीसीएस की तैयारी कैसे की जाती है l क्योंकि हमारे ज्यादातर युवा पीसीएस की तैयारी करते रहते हैं l दूर-दूर से छात्र आते हैं और कोचिंग की तैयारी करते हैं क्योंकि वे PCS ऑफिसर बनना चाहते हैं

तू दिखे पीसीएस ऑफीसर बनने के लिए, आपको दिन-रात मेहनत करना पड़ेगा, और कम से कम 8 से 10 घंटे तो पढ़ना ही पड़ेगा l पीसीएस का सिलेबस भी लगभग आईएएस की तरह है , लेकिन क्वेश्चन की जो स्ट्रेंथ होती है व्हो आईएएस से थोड़ी डाउन होती है l इसमें भी आईएस की तरह की PRE और मैन के सब्जेक्ट होते हैं L
और आपको ज्यादातर इतिहास ,भूगोल ,नागरिक शास्त्र , राजनीति विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान आदि विषयों पर ज्यादा ध्यान देना पड़ता है , क्योंकि हंड्रेड में से 90% कोर्स यही सब सब्जेक्ट कवर करते हैं इसलिए इन्हें पढ़ना बहुत ही जरूरी है l अगर आपने आईएस की तैयारी की है तू पीसीएस की तैयारी है बहुत ज्यादा फायदा आपको मिलेगा l
आईएस सिलेबस में थोड़ा सा एडवांस पूछ लेता है, जबकि पीसीएस के सिलेबस में प्रश्न जो पूछे जाते हैं वह थोड़ा सा सरल होता है और प्रारंभिक परीक्षा की बात करें तो यह, पूरा मेमोरी बेस्ड पर होता है l
जहां तक जनरल नॉलेज के सवाल है, जबकि सी सेट के प्रश्न थोड़ा अच्छे पूछे जाते हैं l लेकिन इसका सीसैट का जो प्रश्न होता है , IAS से सरल होता है l

PCS की परीक्षा जो होती है वह केंद्रीय परीक्षा होती है और ऐसे में छात्र जिस भी राज्य में परीक्षा देने जाते हैं उन्हें उस राज्य के इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजनीतिक व्यवस्था, राजनीति विज्ञान, संविधान, पर्यावरण इत्यादि के बारे में अच्छी जानकारी होनी चाहिए l अब इसका मतलब यह नहीं हुआ कि पूरा का पूरा क्वेश्चन उस स्टेट पर ही based होगा l केंद्र से रिलेटेड भी प्रश्न पूछे जाते हैं l

अगर मान लीजिए कि आप यूपी पीसीएस की परीक्षा दे रहे हैं, तो उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक घटनाओं, भौगोलिक स्थिति, वहां का पर्यावरण, उत्तर प्रदेश का कुछ संविधान के बारे में , उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्थिति , यह सब कुछ थोड़ा अलग से पढ़ना पड़ता है l बाकी जो आपने आईएस में तैयारी की हवा काम आ जाएगा आपको देश भेज विदेश मैं घट रही तमाम घटनाओं के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए l
परीक्षा में करंट अफेयर्स की काफी अहम भूमिका रहती है, इसलिए छात्रों को प्रीलिम्स का सिलेबस शॉटआउट कर और उस पर काम करना चाहिए l
फ्री के साथ साथ ही मेन की तैयारी करनी चाहिए , अब कितनी छात्रा से सोचते हैं कि वह PRE का परीक्षा निकाल लेंगे , तब जाकर वे मुख्य परीक्षा की तैयारी करेंगे l

कितने छात्र यह भी कहते हैं कि पीसीएस की तैयारी के लिए क्या कोचिंग करना चाहिए ? तो इसका उत्तर है कि करना भी चाहिए और नहीं भी करना चाहिए l करना इसलिए चाहिए क्योंकि अगर आपको लगता है की सेल्फ स्टडी से आपकी तैयारी अच्छी नहीं हुई है , और आप परीक्षा नहीं निकाल पा रहे हैं तो फिर आप कोचिंग कर ले , अन्यथा आपकी कोचिंग की जरूरत नहीं है l
यह छात्र पर भी डिपेंड करता है कि कौन सा छात्र का कैसा माइंडसेट अब है l क्योंकि हर छात्र की मानसिक बुद्धि अलग अलग होती है , हर छात्र किसी एक चीज को अलग अलग नजरिए से देखता है , तू इस तरह की तमाम बातें होती हैं
आयत की तरह पीसीएस की भी परीक्षा तीन चरणों में होती है , प्रीलिम्स, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू , इन तीनों स्टेज को क्लियर करने के बाद , कोई भी छात्र आईएएस अधिकारी बनता है , इसमें भी ढेर सारी वैरायटी रहती है l आईएस रिलेटेड मैंने एक पोस्ट बनाकर रखी है अब चाहे तो उसे पढ़कर अच्छी जानकारी ले सकते हैं आईएस के बारे में l

आईएस अधिकारियों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा होती है , लेकिन यह उन्हें आवंटित किए गए राज्य सरकार के अधीन कार्य करते हैं l पीसीएस अधिकारियों की नियुक्ति राज्य की राज्यपाल द्वारा होती है पूरी तरह से राज्य सरकार की नियंत्रण में होते हैं ,
एक आईएएस अधिकारी को सेवा से निष्कासित करने का अधिकार सिर्फ केंद्र सरकार को है और विशेषकर राष्ट्रपति के पास है l राज्य सरकार के पास इन अधिकारियों को स्थानांतरण निलंबन और निष्कासन का पूरा अधिकार होता है
वहीं 1 पीसीएस अधिकारी को सेवा से निष्कासित करने का अधिकार राज्य सरकार के पास होता है और विशेषकर राज्यपाल के पास होता हैl राज्य सरकार के पास इन अधिकारियों को स्थानांतरण निलंबन और निष्कासन का पूरा अधिकार होता है

अगर वेतन की बात करें तो आईएस का वेतन और पेंशन कैडर राज्य देता है चाहे किसी भी राज्य में सेवा दे रहे हो पूरे देश में इनका वेतनमान एक समान होता है , जबकि पीसीएस अधिकारी का वेतन और पेंशन राज्य सरकार के हाथ में होता है यह अधिकारी जिस राज्य में सेवा दे रहे हैं उनके अनुसार उनका वेतन अलग सकता है l

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एक आईएएस अधिकारी अपना कैरियर एसडीएम के तौर पर शुरू करता है और भारत सरकार में सचिव पद तक पहुंच सकता है नौकरी शुरू करने के बाद , एक आईएएस अधिकारी को जिला का कलेक्टर बनने में करीब 5 से 7 साल का समय लग जाता है l

आईएएस अधिकारी निर्देश के अनुसार केंद्र सरकार के विदेश में स्थित अलग-अलग प्रतिनियुक्ति के आधार पर अपनी सेवाएं देते हैं आईएएस अधिकारी अंतर कैलेंडर स्थानांतरण के पात्र होते हैं और आवश्यकता के अनुसार इन्हें अलग-अलग राज्यों में प्रतिनियुक्ति के आधार पर नियुक्त किया जा सकता है l
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