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दसवीं के बाद आईएएस की तैयारी कैसे करें / how to prepare ias exam in hindi

नमस्कार दोस्तों, www.sarkariresult-news.com में आपका स्वागत है , इस पोस्ट में हम जानेंगे कि कैसे आप आसानी से आईएएस की परीक्षा पास कर सकते हैं, वह कौन से आसान तरीके हैं जिसे हम अपनाएंगे , कौन सी बुक पढ़नी है, पढ़ाई कब से स्टार्ट करनी है, कितने घंटे पढ़ना है, स्कूल और कॉलेज की परीक्षा के दौरान कैसे IAS की तैयारी ( ias preperation ) करनी है . कम समय में ज्यादा अच्छी तैयारी कैसे करें . इस तरह की तमाम बातों का उत्तर हम अपने इस पोस्ट में जानेंगे, क्योंकि इस साइट का मेन उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा युवा आईएस में सेलेक्ट हो, इस साइट की मदद से बहुत से छात्र ने तरक्की को प्राप्त किया. क्योंकि वे इस साइट पर हमेशा विजिट करते हैं , और हर प्रकार की शिक्षा से जुड़ी जानकारी प्राप्त करते रहते हैं . जैसा कि आप लोग जानते हैं कि यह साइट शुद्ध हिंदी में है ताकि सभी लोग इससे आसानी से समझ सके, और ज्ञान प्राप्ति का लाभ उठा सकें, क्योंकि हिंदी हमारी मातृभाषा है और भले ही कोई इंग्लिश ( english ) नहीं जानता हो लेकिन मातृभाषा तो जनता ही है, इसलिए हमारी टीम ने मात्री भाषा में शिक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए यह साइट बनाई है ताकि छात्र इसे ज्यादा से ज्यादा लाभ उठा सकें .
   दसवीं के बाद आईएएस की तैयारी कैसे करें / how to prepare ias exam  in hindi

10 वीं के बाद आईएएस की तैयारी के लिए कौन सा विषय चुने ( how to prepare ias exam after 10th board examination ) - नौवीं की परीक्षा पास करने के बाद जब छात्र 10 वीं में प्रवेश करते हैं, तो उनके ऊपर ज्यादा प्रेशर आ जाता है , क्योंकि उन्हें पहली बार बोर्ड की परीक्षा देनी पड़ती है, उसी समय कुछ छात्र यह भी सोचते हैं, की बोर्ड की परीक्षा के बाद करना क्या है कुछ छात्र वहीं से चुनते हैं कि उन्हें इंजीनियर( engineer ) बनना है, कुछ सुनते हैं कि उन्हें डॉक्टर बनना है, कुछ सुनते हैं कि उन्हें चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना है इत्यादि. किसी तरह बहुत सारे छात्र अपना बहुत तरह का सपना बुनना स्टार्ट कर देते, और उसी के अनुसार विद्या रहेंगी में अपना सब्जेक्ट स्ट्रीम चुनते हैं , उनमें से कुछ छात्र ऐसे भी होते हैं जोकि प्रशासनिक सेवा अधिकारी में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं, ऐसे छात्र बड़ी उलझन में होते हैं, उलझन उनको इस बात की रहती है कि अगर आईएएस बनना है तो वह क्या चुने, बी ए B.A ), बीकॉम( B.COM ) , बीएससी ( BSC ) , बी टेक ( B.tech ) , एमबीबीएस ( M.B.B.S ) , बीबीए ( B.B.A ) इत्यादि में से क्या चुने.
इसका उत्तर बहुत ही सरल है, आप अगर कोई प्रोफेशनल डिग्री चुन लेंगे अपनी चॉइस के अनुसार तो आप बहुत ही ज्यादा फायदे में चले आएंगे , क्योंकि प्रोफेशनल डिग्री आपको एक बैकअप प्रदान करती है, यदि मान लीजिए कि आपका आईएस में सिलेक्शन नहीं होता है या पीसीएस में सिलेक्शन आपका नहीं होता है , तू यह प्रोफेशनल डिग्री आपका कैरियर डूबने से बचा लेती है इसलिए अगर आप प्रोफेशनल डिग्री चुनते हैं आप बहुत ही ज्यादा फायदे में रहेंगे , ट्रेडिशनल डिग्री की तुलना में.
दसवीं के बाद आईएएस की तैयारी कैसे शुरू करें ( how to prepare ias exam ) - दसवीं के बाद आईएएस की तैयारी शुरू करने के लिए, सबसे पहले छात्रों को यह चाहिए कि वे एनसीईआरटी की बुक पढ़ना स्टार्ट करते हैं, एनसीईआरटी ( NCERT ) की सातवीं कक्षा, आठवीं कक्षा, 9 वीं कक्षा, और 10 वीं कक्षा ( 10th class ) की किताबों का अध्ययन कर ले . अब आप लोग सोच रहे होंगे कि क्या सारे सब्जेक्ट को पढ़ना है, उत्तर है ऐसा बिल्कुल नहीं करना है, आपको वही सब्जेक्ट पढ़ने हैं जो कि आईएएस की परीक्षा में आते हैं, जैसे कि- इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र, भारत का संविधान, राजनीति विज्ञान, पर्यावरण परिस्थितिकी इत्यादि विषयों को पढ़ना है जो कि आप की एनसीईआरटी की किताब में मिल जाती है. सातवी से लेकर दसवीं तक की एनसीईआरटी की किताबें अध्ययन कर डालें जो हमने अभी ऊपर बताई है .
अब ऐसा आप बिलकुल ना सोचे कि आपने एनसीईआरटी ( NCERT ) की किताबें पढ़ ली तो आप की तैयारी हो गई, ऐसा बिलकुल नहीं होता है, एनसीईआरटी की किताबें ( NCERT Books ) पढ़ने को इसलिए कही जाती है, ताकि आईएस ( IAS ) का जो बैकबोन है वह अच्छी तरह से तैयार हो जाए, एक बार बैकबोन आपका तैयार हो गया फिर आप उसमें गहन अध्ययन करें. इससे आपको बहुत ही ज्यादा फायदा मिलेगा, और आपकी तैयारी एक क्रम में होगी.
   दसवीं के बाद आईएएस की तैयारी कैसे करें / how to prepare ias exam  in hindi

चुकी आफ 11 वीं में प्रवेश कर रहे हैं इसलिए कोशिश करिए 11वीं के एनसीईआरटी की वे किताबें अध्ययन कर डाले जो हमने ऊपर अभी बताई हैं . अगर आप में क्षमता है तू आप 11TH में ही 12TH का भी अध्ययन कर ले , इससे आपको बहुत ही ज्यादा बेनिफिट मिलेगा, अब इसका मतलब यह नहीं कि केवल एनसीईआरटी की किताबें ही पढ़ते रहे, अपने सिलेबस का भी पाठ पढ़ें अर्थात फिजिक्स ( physics ) ,केमिस्ट्री ( chemistry ) ,मैथ ( math ) , बायो ( Bio) इत्यादि सब्जेक्ट भी पढ़ें जो आपकी स्कूल की परीक्षा में पूछे जाते हैं . इससे क्या होगा कि आपका स्कूल का पढ़ाई भी चलता रहेगा और आईएस की तैयारी भी होती रहेगी , अगर सप्ताह में आप 2 दिन भी पढ़ लेते हैं आईएस की बुके तो आपको बहुत ही ज्यादा फायदा मिलेगा. सप्ताह में 2 दिन पढ़ने के लिए इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि आपको इंजीनियरिंग ( engineering ), मेडिकल ( medical ) आदि की प्रवेश परीक्षाओं को भी देना रहता है. अगर आप यह सब परीक्षा नहीं देना चाहते हैं तो अपना पूरा फोकस आफ आईएएस की तैयारी ( IAS preperation ) में लगा सकते हैं.
लेकिन बात फिर वहीं आ जाती है बैकअप की, अगर मान लीजिए की अगर आप इन परीक्षाओं की तैयारी ( इंजरिंग व मेडिकल ) नहीं करेंगे तो आपको बैकअप नहीं मिलेगा , और अगर आपका आईएस या पीसीएस की परीक्षा में चयन नहीं हुआ तो फिर आप क्या करेंगे, इसलिए अच्छा विचार तो यही है कि आप इन परीक्षाओं को जरूर दें. ताकि आपकी जिंदगी कभी मुश्किल में ना पड़े .
तो कुल मिला जुला कर 12वीं तक , आपको एनसीईआरटी ( NCERT ) की किताबें एकदम अच्छी तरह से पढ़ लेनी है, अगर आप इसको पढ़ लेते हैं पहले ही और आपके पास कुछ समय बचता है, तो फिर आप इसमें कपड़े डीप स्टडी कर सकते हैं
आईएएस एग्जाम की पूरी तैयारी ( ias exam full detail ) - तो चलिए मान लीजिए कि 12th में ही अIपने एनसीआरटी की सातवीं कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक की किताबों का अध्ययन पूरी तरह से कर लिया ( एक बार यहां पर फिर कहा जा रहा है सारी किताबें नहीं पढ़नी है, जो किताबी ऊपर बताई गई है उन्हीं किताबों को आपको पढ़ना है क्योंकि वही किताबेंI के पाठ्यक्रम आईएएस की परीक्षा ( IAS exam ) में पूछे जाती है तो अब आप चाहेंगे कि आप थोड़ा गहन अध्ययन करें, गहन अध्यन जो है वो एनसीईआरटी किताबों से नहीं हो पाएगा, इसके लिए आपको दूसरी टेक्स्ट बुक की जरूरत पड़ेगी मार्केट में ऐसी ढेर सारी किताबे आती हैं जो कि आईएस की एग्जाम ( IAS Exam ) के लिए उपयुक्त होती हैं, तो प्रश्न ही आता है कि क्या हम सारी किताबें खरीद लेंगे. ऐसा बिलकुल नहीं है. आप वही किताबें खरीदेंगे, जो आपकी पढ़ाई के लिए उपयुक्त हो , क्योंकि बिना मतलब का किताब इकट्ठा करने से कोई फायदा नहीं है. आप संविधान ( constitution ) , इतिहास ( history ) , भूगोल ( geography ) , पर्यावरण परिस्थितिकी (EVS ), राजनीति विज्ञान ( political science ) , करंट अफेयर्स ( current affairs ) इन सभी की अच्छी किताबें खरीद ले, 100 परसेंट में से 70% क्वेश्चन आपको यहीं से कवर हो जाएंगे. होता है यूं की आईएस की जनरल स्टडी ( IAS general study ) की चार पेपर होती है , और इन 4 पेपर्स में उपयुक्त सिलेबस रहते हैं जो अभी हमने तुरंत ऊपर बताया है . इसलिए इन किताबों का अच्छी ढंग से अध्ययन कर ले,

आईएएस की परीक्षा के लिए ऑप्शनल विषय ( ias optional subjects ) - जनरल स्टडी का अध्ययन कंपलीट हो जाने के बाद, या यूं कहीं की जनरल स्टडी की पढ़ाई के साथ साथ, आप ऑप्शनल सब्जेक्ट की भी तैयारी कर सकते हैं , ऑप्शनल विषय ( IAS optional subjects ) चुनने में कितने छात्र गलतियां कर बैठते हैं, क्योंकि कुछ छात्र ऐसे विषैले लेते हैं जिनमें उनका इंटरेस्ट नहीं होता है, चुकी उसमें इंटरेस्ट नहीं है इस वजह से उस विषय की तैयारी करना थोड़ा सा कठिन हो जाता है , और यूं कह ले की अच्छी तैयारी उस विषय की नहीं हो पाती है , इसलिए ऑप्शनल विषय ( IAS optional subjects ) को बहुत ही सोच समझ कर ले, कई बार तो ऐसा देखा गया है कि छात्र वैकल्पिक विषय कुछ ले लेते हैं और बाद में उन्हें वह चेंज करने की भी सोचते हैं, केवल सोचते ही नहीं बल्कि वह ऐसा कर भी देते हैं, इससे नुकसान ही होता है क्योंकि समय और एनर्जी की बर्बादी होती है जोकि आईएएस की परीक्षा ( IAS examination ) के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है. इसलिए सोच समझ कर विषयों को लेना ही उचित रहता है .
ऑप्शनल विषय ( IAS optional subjects ) ऐसे चुनें जिसमें आपकी पकड़ अच्छी हो, आपका इंटरेस्ट्स उसमें ज्यादा हो , आपको यह हमेशा लगे कि आप इस को अच्छी तरह से हैंडल करके उसमें आप बहुत ही अच्छी तैयारी कर लेंगे . जब तक आप को ऐसा महसूस ना हो तब तक समझिए कि उस विषय को लेना कहीं ना कहीं दिक्कत करेगा. जबरदस्ती तो ऑप्शनल सब्जेक्ट कभी मत ले . क्योंकि कभी-कभी ऐसा भी देखा गया है कि ज्यादातर छात्र, एक दूसरे के बहकावे में आकर ऑप्शनल सब्जेक्ट ले लेते , इससे शुरू में तो वे तैयारी करते हैं लेकिन बाद में उनका दम निकल जाता है . इसलिए बहकावे में आकर ऐसा गलती बिल्कुल न करें , ऑप्शनल सब्जेक्ट ( IAS optional subjects ) लेते समय किसी की ना सुने , बल्कि अपने अंदर के मन की आवाज को सुनें अगर मन यह कहे कि नहीं आप यह सब्जेक्ट लेकर अच्छी तैयारी कर सकते हैं तभी वह विषय चुने अन्यथा नहीं .
आईएस के ऑप्शनल विषय में ज्यादा मार्क्स कैसे प्राप्त करें ( how to find maximum marks in ias optional subjects exam )- आईएस के ऑप्शनल विषय ( IAS optional subjects ) में ज्यादा मार्क्स प्राप्त करने के लिए , आपको ऑप्शनल सब्जेक्ट ( IAS optional subjects ) की पूरी गहन अध्ययन करनी पड़ेगी जब से उसने गहन अध्ययन नहीं होगा तब से आपको उसमें ज्यादा मार्क्स नहीं मिल पाएगा, ज्यादातर यह देखा गया है कि 100 परसेंट में से 60% ही मार्क्स छात्र प्राप्त कर बातें इससे ज्यादा मेरिट ऊपर नहीं जा पाता है, जनरली 50% से लेकर 8% के बीच में रहता है . तो कोशिश करिए कि आपका जो मार्ग से ऑप्शनल विषय ( IAS optional subjects ) में है वह 50 से 60 परसेंट के बीच में आ जाए, क्योंकि ऑप्शनल विषय का जो मार्क होता है आपकी आईएस की रैंकिंग सुधारने में मदद करता है, अगर जनरल स्टडी ( General Study ) में थोड़ा सा कम नंबर भी आ जाता है, तो ऑप्शनल विषय का नंबर उसे कवर कर लेता है , ऑप्शनल विषय में 2 पेपर होते हैं आईएस ऑप्शनल. कोशिश करिए कि ज्यादा से ज्यादा मार डालें इस ऑप्शनल सब्जेक्ट में
आईएएस प्रारंभिक परीक्षा का सिलेबस ( ias prelims exam syllabus )- अब चुकी आप आईएस की तैयारी कर रहे हैं इसलिए आप आईएएस का सिलेबस ( ias syllabus ) भी जान ले या बहुत ही जरूरी है, क्योंकि जब तक आप सिलेबस नहीं जानेंगे तब तक आप अगर मगर की स्थिति में रहेंगे, क्या करना है क्या नहीं करना है.
आईएस की परीक्षा ( IAS examination ) कुल 3 स्टेज में होती है, पहला स्टेज प्रारंभिक परीक्षा कहलाता है, दूसरा स्टेज मुख्य परीक्षा ( main exam ) कहलाता है और तीसरा स्टेज इंटरव्यू का कहलाता है.

प्रारंभिक परीक्षा में कुल 2 पेपर आपसे पूछे जाते हैं. पहला पेपर जनरल स्टडी का होता है जबकि दूसरा पेपर सीसैट ( CSAT) का होता है . दोनों पेपरों को मिलाकर कुल 33 परसेंट मार्क बना होता है. यह मिनिमम क्वालीफाइंग नंबर होता है आईएस की प्रारंभिक परीक्षा को पास करने के लिए, इसका मतलब यह बिल्कुल ना समझे कि आईएस की प्रारंभिक परीक्षा का marks मुख्य परीक्षा ( main exam ) में भी जोड़ा जाता है .
प्रारंभिक परीक्षा पेपर 1 (IAS prelims paper-1) - प्रारंभिक परीक्षा पेपर वन में जनरल स्टडी के सारी चीजें पूछे जाती हैं, जैसे करंट अफेयर्स, इंटरनेशनल इंर्पोटेंस, हिस्ट्री ऑफ़ इंडिया, भारतीय आंदोलन, भारत का भूगोल, विश्व का भूगोल, भारत का आर्थिक भूगोल, विश्व का आर्थिक भूगोल, भारतीय राजव्यवस्था , संविधान, राजनीतिक व्यवस्था, पंचायती राज, पब्लिक पॉलिसी, इत्यादि
राइट इश्यू, आर्थिक और सामाजिक विकास, सस्टेनेबल डेवलपमेंट, पावर्टी, इंक्लूजन, डेमोग्राफी, सोशल सेक्टर इत्यादि
एनवायरमेंटल इकोलॉजी ( पर्यावरण परिस्थितिकी ) , बायोडायवर्सिटी, क्लाइमेट चेंज , जनरल साइंस
तो यह सभी चीजें पूछी जाती हैं जनरल स्टडी में, तो अगर आपको paper-1 में सफलता प्राप्त करनी है तो इन विषयों पर पकड़ आपको अच्छी होनी चाहिए, अब ऊपर का लेखा-जोखा देख कर ये ना समझे कि यह सभी किताबें ही हैं , क्योंकि इतनी सारी चीजें लिख दी जाती है सिलेबस में कि लड़के घबरा जाते हैं . तो घबराने की जरूरत नहीं है आप आराम से तैयारी करिएगा , उपयुक्त जितने भी सिलेबस लिखे गए हैं वह 5 से 6 किताबों के अंदर कबर हो जाते हैं .
आईएएस प्रारंभिक परीक्षा पेपर 2 ( ias prelims paper-2 ) अब जैसा कि ऊपर बताया गया है कि आईएएस की परीक्षा तीन चरणों में पूरी होती, पहला प्रारंभिक परीक्षा ( IAS pre exam ) , दूसरा मुख्य परीक्षा ( main exam ) , और दूसरा है इंटरव्यू ( interview )
तो हम आईएस की प्रारंभिक परीक्षा की पेपर 2 की बात कर रहे हैं, पेपर 2 में आपको सीसैट से रिलेटेड क्वेश्चन पूछे जाते हैं , अब आप लोग सोच रहे होंगे कि यह सीसैट क्या है ? तो सी - सेट का मतलब होता है सिविल सर्विस एप्टीट्यूड टेस्ट ( civil service aptitude test ) . पेपर 1 की ही तरह यह 200 marks का होता है , इसके सिलेबस इस प्रकार से है-
कंप्रीहेंशन, इंटरपर्सनल स्किल के साथ कम्युनिकेशन स्किल ( communication skill ) , लॉजिकल रीजनिंग ( logical reasoning ) और एनालिटिकल एबिलिटी ( analytical ability ) , डिसीजन मेकिंग एंड प्रोबलम सॉल्विंग ( decision making and problem solving ) , जनरल मेंटल एबिलिटी ( general mental ability ) ,
नंबर्स एंड देयर रिलेशन, ऑर्डर आफ मेग्नीट्यूड, डाटा इंटरप्रिटेशन ( Data interpretation ), चार्ट ग्राफ ( chart graph ) , डाटा सफिशिएंसी ( data suffiency) , पाई चार्ट ( pie chart ) इत्यादि
तो ऊपर में सीसैट का सिलेबस है, आप लोग सीसैट का सिलेबस देखकर थोड़ा सा घबरा जरूर हो गए होंगे , चुकी IAS सिलेबस ( ias syllabus ) की लिखावट ही ऐसी होती है , ज्यादातर छात्र तो सिलेबस की लिखावट देखकर ही भाग जाते हैं, जबकि ऐसा बिलकुल ही नहीं है , अगर आप बाजार से आर एस अग्रवाल की अंकगणित, वर्बल, नॉनवर्बल, और रिजनिंग की किताबें खरीद लेंगे तो सी -सेट ( CSAT ) का लगभग 70 परसेंट हिस्सा कवर कर लेंगे , बाकी बचे हिस्से को आप इंग्लिश की किताबें पढ़ कर हल कर सकते हैं . क्योंकि सी सेट में कंप्रीहेंशन भी पूछा जाता है , और कंप्रीहेंशन इंग्लिश से रिलेटेड होता है . डाटा इंटरप्रिटेशन से रिलेटेड सवालों को हल करने के लिए अब बाजार से कोई किताब खरीद सकते हैं , दरअसल डाटा इंटरप्रिटेशन ( DATA interpretation ) कुछ और नहीं होता है बल्कि टेबल फॉर में , सर्किल चार्ट फॉर में दिए गए क्वेश्चन होते हैं जो हमें हल करने होते हैं , ज्यादा आइडिया लेने के लिए आप आईएस प्रारंभिक परीक्षा का 3 या 4 साल का पेपर देखें उससे आपको बहुत ही ज्यादा फायदा मिलेगा .

ऊपर में हमने आईएएस प्रारंभिक परीक्षा का सिलेबस बताया जोकि पेपर वन और पेपर 2 करके दो भागों में होता है और दोनों ही 200 MARKS के होते है .

आईएएस की मुख्य परीक्षा के बारे में पूरी जानकारी ( IAS main exam full details ) -
मुख्य परीक्षा में कुल 9 सब्जेक्टिव पेपर होते हैं, अब सब्जेक्ट पेपर का मतलब नहीं समझ रहे हैं तो मैं बता देता हूं कि ऐसे पेपर जिसमें आपको रिटन एग्जामिनेशन होती है, यानी परीक्षा ऑप्शनल नहीं होगा बल्कि आपको लिख कर देना होगा,
दो क्वालीफाइंग पेपर होते हैं जोकि 300 मार्क्स के होते हैं प्रत्येक, कहने का मतलब यह हुआ की हिंदी का पेपर 300 नंबर का होता है , और दूसरा इंग्लिश का पेपर 300 नंबर ( English paper ) का होता है, यह दोनों ही क्वालीफाइंग पेपर कहलाते हैं, इन दोनों पेपर को पास करने के बाद ही आप के मेन के अन्य सात पेपरों की जांच की जाती है, अगर आप इन दोनों क्वालीफाइंग पेपर को पास नहीं करते हैं, तो आपके मुख्य परीक्षा की कॉपी नहीं जचती है, अन्य सभी जो 7 पेपर हैं वे सभी प्रत्येक ढाई सौ ( 250 MARKS ) के होते हैं , वे सभी इस प्रकार से हैं -
वे सभी इस प्रकार से हैं
निबंध पेपर( Essay paper) - 250 marks
जनरल स्टडी पेपर (General study paper ) - 1 - 250 marks
जनरल स्टडी पेपर (General study paper ) - 2 - 250 marks
जनरल स्टडी पेपर (General study paper ) - 3 - 250 marks
जनरल स्टडी पेपर (General study paper ) - 4 - 250 marks
ऑप्शनल पेपर( Optional paper ) 1 - 250 marks
ऑप्शनल पेपर (Optional paper ) 2 - 250 marks
कून मिला जुला कर इन सातों पेपर ( 7) की कुल marks होती है - 1750
अब आप यह न समझे, की क्वालीफाइंग पेपर के जो 600 मार्क्स ( english 300 + hindi 300 ) होते हैं वे भी जोड़े जाते हैं , यह केवल क्वालीफाइंग के लिए होता है . इसका मेरिट से कोई लेना देना नहीं होता.
इंटरव्यू के मार्क्स ( interview marks )- आईएएस की परीक्षा में जो तीसरा स्टेज आता है वह इंटरव्यू, इस इंटरव्यू के बारे में जान लेना भी बहुत ही जरूरी होता है , यह इंटरव्यू 275 नंबर का होता है , और इस इंटरव्यू का मार्क्स मेरिट के मार्क में जुड़ता है , देखा जाए तो आईएस की मुख्य परीक्षा 1750 + 275 =2025 नंबर की होती है . और ज्यादातर यही देखा गया है की जो मुख्य परीक्षा में जोकि 2025 नंबर की होती है , 50% मार्क पा लेता है वह निश्चित तौर पर आईएएस की परीक्षा में सफल हो जाता है , आईएस टॉप करने वाला छात्र, 50% या 55% के बीच में ही रहता है. इससे ज्यादा नहीं भागता है, हां 1 या 2 परसेंटेज का हेरफेर हो सकता है .
तो यह था मुख्य परीक्षा के बारे में पूरी जानकारी, की कैसे पेपर देना है , पेपर कितने नंबर का होता है, क्वालीफाइंग पेपर क्या होता है इत्यादि .
इंटरव्यू में फेल तो फेल (interview me fail to fail )- बहुत पुरानी धारणा यह चली आ रही है, की इंटरव्यू में फेल तो फेल , जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं होता है, आज भी ज्यादातर लोगों के मुंह आप सुनेंगे कि वे कहते हैं कि इंटरव्यू में फेल तो फेल , ऐसा नहीं है कि यह केवल कम पढ़े लिखे लोग ही कहते हैं, अच्छे खासे पढ़े-लिखे लोग भी यही भाषा बोलते हैं, जबकि जैसा ऊपर बताया गया है कि इंटरव्यू 275 मार्क्स (interview marks ) का होता है , और इसका मार्क्स मेरिट में जुड़ता है . इसका फेल या पास से तो कुछ लेना देना है ही नहीं . अगर आपके दिमाग में भी यह गलत धारणा है तो इसे आज ही निकाल दे .
आईएएस मॉडल पेपर ( ias model paper ) - सवाल यह है कि आई एस मॉडल पेपर की हमें आवश्यकता क्यों है ? मॉडल पेपर ( model paper ) जो होता है वह हमें प्रैक्टिस करने के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है, अगर आप की तैयारी अच्छी हो गई है, तो आप मॉडल पेपर का सहारा जरूर ले , मॉडल पेपर ( model paper ) अप की तैयारी को अंतिम मोड़ दे देता है . इससे आपकी तैयारी पूरी ढंग से पॉलिश्ड हो जाती है, आपको अपनी कमियों का पता चलता है, मॉडल पेपर हल करने से आप अपना टाइम मैनेजमेंट ( time management ) सही कर पाते हैं . 10 से लेकर यदि 12 मॉडल पेपर आप ने अच्छी तरह से हल कर लिए , तो आपको इससे बहुत ही ज्यादा फायदा मिलेगा , आपका कॉन्फिडेंस लेवल बढ़ जाएगा .

आईएएस परीक्षा का पेपर ( ias examination paper) - आईएएस परीक्षा पेपर की आप की आवश्यकता क्यों है , सबसे बड़ा प्रश्न है यही आता है , यदि आप अपनी तैयारी के दौरान आईएएस के पेपर ( ias paper ) को देखेंगे तो आपको इससे आइडिया लगेगा क्या प्रश्न आता है और क्या नहीं आता है, क्या हमें पढ़ना है और क्या छोड़ना है, कभी कभी तो ऐसा देखा गया है कि छात्र नालेज प्राप्त करने के चक्कर में आउट ऑफ द सिलेबस तैयारी करने लगते हैं, इससे उनको नॉलेज तो हो जाता है लेकिन वह आईएस के टारगेट से बाहर जाने लगते हैं. ऐसी गलती आपको नहीं करनी, क्योंकि इस तरह की गलती आप को आईएस के कंपटीशन ( IAS competition ) से बाहर निकाल सकती है , आपको वही पढ़ना है जो जरूरी है, जो आईएस के लिए जरूरी है . वैसे सुनने में ऐसा बातें बहुत ही छोटी लगती लेकिन इन्हीं छोटी छोटी बातों को ध्यान देकर आप अपना बड़ा टारगेट अचीव कर सकते हैं. क्योंकि हर बड़े टारगेट की सीढ़ी छोटी-छोटी सीढ़ियों से मिलकर ही बनी होती है, इसलिए इन सब बातों का बहुत ही अच्छी तरह से ध्यान दें यदि आप आईएस में सफल होना चाहते हैं तो , प्रारंभिक परीक्षा ( ias pre exam ) के पेपर के अलावा , आप मुख्य परीक्षा के पेपर भी देखते रहिए ताकि आईडिया आपके दिमाग में पूरी तरह से सेट हो जाए कि वाकई में आपको किस ढंग से पढ़ाई करनी है.

1 comment:

  1. कृपया संबंधित संस्थान की भी जानकारी दें जो इसकी तैयारी करवाता है ।

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