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IIT ki taiyari kaise kare / IIT main exam ki taiyari kaise kare / IIT advance ki taiyari kaise kare

IIT ki taiyari kaise kare / IIT main exam ki taiyari kaise kare / IIT advance ki taiyari kaise kare

हेलो दोस्तों इस पोस्ट में आपका स्वागत है, जैसा कि आप जानते हैं कि हमारे साइट पर करियर से जुड़ी जानकारी आपको दी जाती है l इस साइट पर करियर से जुटी तमाम तरह के विवरण प्रस्तुत किए जाते हैं l ताकि हर प्रकार के छात्र चाहे वह गांव से हो या शहर से हो इन आर्टिकल्स को पढ़कर अपना जानकारी बढ़ा सके और कैरियर में अच्छा निर्णय ले सके l इस पोस्ट में हम जानेंगे कि हमें आईआईटी की तैयारी कैसे करनी चाहिए ( IIT ki taiyaari kaise kare )? हमें किस तरह से प्रोसीजर अपनाना चाहिए ताकि हमें ज्यादा से ज्यादा सफलता मिलने के चांस बढ़ जाए ? तू यह पोस्ट पूरा शुरू से लेकर अंत तक पढ़ते रहिएगा , त की जानकारी का कोई हिस्सा अब कमीशन हो जाए l क्योंकि छोटी सी कमी आपका रैंक खराब कर सकती है आईआईटी में l
इस पोस्ट में हम कवर करेंगे कि आईआईटी की प्रवेश परीक्षा की तैयारी कैसे करें ( how to prepare IIT entrance exam in hindi ) ? आईआईटी क्या होता है ( what is IIT ) ? आईआईटी प्रवेश परीक्षा के पाठ्यक्रम क्या है ( what is the syllabus of IIT ) , आईटी प्रवेश परीक्षा के पैटर्न क्या है ( what is the pattern of IIT EXAM ) ? आईआईटी प्रवेश परीक्षा के लिए शैक्षणिक योग्यता ( educational qualification for IIT ) ?
आईआईटी की तैयारी कैसे करें ( IIT ki taiyaari kaise kare ) - यहां पर हम जानेंगे कि हमें कैसे अपना सेल्फ स्टडी करना चाहिए यह फ्रेंड सेल्फ स्टडी करना बहुत ही जरूरी है कि आप देख ही रहे होंगे की आईआईटी जैसे जो संस्थान है उसमें प्रवेश लेने के लिए आपको कितना ज्यादा पढ़ना होता है दो तरीके से जा सकते हैं एक कोचिंग करके, एक बिना कोचिंग किए अर्थात सेल्फ स्टडी किए, सेल्फ स्टडी का प्रोग्राम आप अपने घर पर बैठकर भी कर सकते हैंl इसके लिए आपको कहीं दूसरी जगह जाने की जरूरत नहीं है, जबकि कोचिंग संस्थानों में पढ़ने के लिए आपको किस जगह से दूसरी जगह जाना पड़ता है, आप यह सोच सकते हैं कि भाई आजकल तो नेट का जमाना है घर बैठे भी पढ़ सकते हैं, लेकिन यह उतना सटीक रिजल्ट नहीं देता है, हां कुछ छात्र टेस्ट सीरीज वगैरा ज्वाइन कर लेते, लेकिन हंड्रेड परसेंट में से 90% जो छात्र होते हैं वह नेट पर पड़ने की बजाय क्लास रूम में में पढ़ना पसंद करते हैं l तू इस तरह से देखा जाए तो कोचिंग संस्थानों की डिमांड ज्यादा है l



अगर मान लीजिए कि आईटी में हर साल 8 lakh से 1000000 छात्र परीक्षा में बैठते हैं , तो उनमें से 50% ऐसे छात्र होते हैं जो कोचिंग करने वाले होते हैं और 50% छात्र ऐसे होते हैं जो बिना कोचिंग वाले होते, वैसे सीरियस में तैयारी कोचिंग वाले छात्र ही करते हैं, अब ऐसा नहीं कि कोचिंग में जितने सारे छात्र पढ़ते हैं वह सीरियस में ही तैयारी करते हैं, इनमें से केवल 40% छात्र ही ऐसे होते हैं जो हाईली डेडीकेटेड होते हैं आईटी परीक्षा की तैयारी के लिए, अब ऐसा भी नहीं है कि जो 60 परसेंट छात्र आईडी की तैयारी करते हैं वह डेडीकेटेड नहीं होते, वह पढ़ते हैं लेकिन पढ़ते हैं जैसा पढ़ना चाहिए l तू कंपटीशन का सारा खेल इन्हीं 40 पर्सेंट छात्र में ही होता है जहां तक कोचिंग का सवाल है, कोचिंग संस्थानों में आजकल फीस बहुत ही ज्यादा तगड़ी लग रही है, छोटे संस्थानों में तो फीस 50000 या ₹100000 लग रही है वही उससे जो थोड़े से बड़ी कोचिंग है उनमें ₹100000 या ₹200000 लग रही है l
कुछ कुछ कोचिंग संस्थान तो ऐसे हैं जिनमें 8 से 1000000 रुपए फीस लग रही है, आजकल कोचिंग संस्थानों में जबरदस्त फीस लग रही है, अब ऊपर का जो फीस हमने बताया है उसी को देखकर अंदाजा लगा सकते हैं कि कोचिंग संस्थानों मैं पढ़ाई चल रही है या बिजनेस कारोबार चल रहा है, जाहिर सी बात है आजकल कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई कम बिजनेस पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है, जो कोचिंग संस्थान जितना ही बड़ा है उस पर छात्र उतना ही ज्यादा भरोसा रखते हैं, छात्र सोचते कि यदि कोचिंग संस्थान में एयर कंडीशन लगी हो ,उसकी बनावट बहुत ही सुंदर हो तो वह कोचिंग संस्थान अच्छा होगा l यही थिंकिंग उनके गार्जियन की भी होती है l
अब जो मध्यवर्गीय परिवार है वहां से छात्रों को तो फीस किसी प्रकार से मिल ही जाता है कोचिंग के लिए, लेकिन जो परिवार मध्यवर्गीय परिवार से नीचे , उनके लिए पैसे की व्यवस्था करना थोड़ा सा मुश्किल हो जाता है, थोड़ा सा मुश्किल क्या बहुत ही ज्यादा मुश्किल हो जाता है
अगर suppose किसी तरह से पैसे की व्यवस्था होगी भी गई कर्ज वगैरह लेकर, तो छात्रों के ऊपर इतना बोझ डाल दिया जाता है की छात्र उस बोझ से ऊपर निकल पाता ही नहीं है , और पैसे का दबाव और गार्जियन का दबाव कहीं ना कहीं उसके दिमाग में चलता रहता है , जिसके कारण वह नॉर्मल नहीं रह पाता है, इस वजह से उसकी तैयारी में अप्रत्यक्ष रूप से बाधा होती रहती है , और इस तरह की बाधा ऐसी बाधा होती है जिसे न कोई देख पाता है और ना ही वह छात्र देख पाता है l अगर आप आईटी की तैयारी करने जा रहे हैं इन सब चीजों से भी रूबरू अच्छी तरह से हो जाए, मतलब कुछ चीजें ऐसी चलेंगी आपके साथ जिन्हें आप देखेंगे नहीं लेकिन आपका वह नुकसान करेंगे l

कभी कभी उल्टा भी होता है, क्योंकि कुछ छात्रों का मन बड़ा घूमने फिरने वाला होता है, ऐसे छात्र पढ़ाई में तो ध्यान लगाते ही रहते हैं साथ में इधर-उधर भी ध्यान लगाते हैं, जैसे गर्लफ्रेंड की तरफ ध्यान लगा देंगे, तो कभी लड़ाई झगड़े की तरफ ध्यान लगा देंगे, तू कभी फिल्म देखने वह घूमने फिरने में ध्यान लगा देंगे, कुल मिला जुला कर कहां जाए तो वे बेवजह का काम करते हैं, अब ऐसे छात्रों पर यदि ऊपर का लोड बढ़ जाए अभी बताया, ऐसे में तो सभी छात्र तो नहीं लेकिन जो कुछ छात्र होते हैं वह सीरियस हो जाते , और ऐसी हालत में वह आईआईटी ( IIT) में अच्छे अंक हासिल कर लेते हैं l
तो ऊपर हमने जितनी भी सारी बातें बताएं, उस तरह की बातें होती रहती है, आपको सभी चीजों को जान लेना बहुत ही जरूरी है, ताकि आगे आपको किसी तरह का कन्फ्यूजन या भ्रम ना रहे , क्योंकि जितनी ज्यादा जानकारी होगी, आपको निर्णय लेने में उतना ही ज्यादा फायदा होगा l
अब यह बात करते हैं उन छात्रों के जो कोचिंग नहीं करते हैं और self-study से आईआईटी की तैयारी तैयारी करते हैं , तो अगर मान लीजिए कि 50% छात्र ऐसे हैं जो आईआईटी की तैयारी सेल्फ स्टडी से करते हैं , अब जो self-study से तैयारी करते हैं छात्र उनको ज्यादा तवज्जो नहीं दिया जाता, लोग सोचते हैं कि अरे सेल्फ स्टडी कर रहा है तो क्या आईआईटी निकाल पाएगा, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है ,50 परसेंट में से 20% ऐसे छात्र होते जिनका आईटी में सिलेक्शन self-study के थ्रू ही होता है, यह अलग बात है कि इन 50 परसेंट में से ज्यादातर छात्र सीरियस नहीं रहते हैं आईटी के तैयारी में, वह बहुत ही ईजी इसे ले लेते हैं , और इजी लेने का वजह भी है क्योंकि 11th या 12th स्टैंडर्ड में होते हैं, इसलिए वे अपनी स्कूल की पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देते हैं, क्योंकि ज्यादा परसेंटेज भी तो लानी रहती है बोर्ड एग्जाम में, और बोर्ड एग्जाम में अगर मार्क कम आते हैं तो फिर गार्जियन की डांट भी तो पड़ती है , इसलिए वे ज्यादातर अपना एनर्जी स्कूल के पाठ्यक्रम में लगाते हैं l और दसवीं से लेकर 12वीं तक उम्र भी ऐसा होता है कि केवल एंजॉयमेंट का मन करता है, छात्र अगर इस उम्र में मन के विपरीत न चले तो पूरा बर्बादी हो जाए l और बर्बाद होते भी है छात्र, जो छात्र इस 10वीं से लेकर 12वीं तक के फेज में मन की बहाव में बह जाता है उसका कैरियर भी तबाह हो जाता है l तो यही वजह है कि सेल्फ स्टडी के छात्र ज्यादा आईआईटी प्रवेश परीक्षा की तरफ ध्यान नहीं दे पाते है l
तो यह था फ्रेंड्स कोचिंग संस्थानों के बारे में जानकारी और सेल्फ स्टडी के बारे में जानकारी जानते हैं कि आईटी होता क्या है- आईआईटी ( INDIAN INSTITUTE OF TECHNOLOGY ) का फुल फॉर्म है इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी यह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान की प्रमुख शिक्षण संस्थानों में से एक है भारत में सर्वप्रथम हायर एजुकेशन के लिए जोगिंदर सिंह ने 1946 में एक कमेटी की स्थापना की थी जो आगे चलकर 1950 में भारत में सर्वप्रथम आईआईटी (IIT) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भारत की स्थापना खड़कपुर में हुई, ऑफिस के बाद धीरे-धीरे आईआईटी कॉलेज भारत के कई दूसरे शहरों में खुलने लगे अब तक भारत में आईआईटी के महत्वपूर्ण टॉप सेवा संस्थान 17 हो गए थे जो इस प्रकार से है l
आईआईटी BHU वाराणसी
आईआईटी दिल्ली
आईआईटी मुंबई
आईआईटी रुड़की
आईआईटी गुवाहाटी
आईआईटी कानपुर
आईआईटी चेन्नई
आईआईटी मंडी
आईटी पटना
आईटी राजस्थान
आईआईटी रोपड़
आईआईटी इंदौर
आईआईटी हैदराबाद
आईआईटी गांधीनगर
आईआईटी खड़कपुर
आई एम एस धनबाद

ऊपर के सभी यह 17 संस्थान काफी फेमस माने गए है जहां तक तकनीकी अध्ययन का सवाल है l

आईआईटी प्रवेश परीक्षा के मुख्य पाठ्यक्रम- किसी भी प्रवेश परीक्षा को देने के लिए पाठ्यक्रम महत्वपूर्ण होता है, यदि प्रवेश परीक्षा के आधार पर विषयों की तैयारी की जाए तो सफलता मिलने निश्चित है इसलिए आईटी प्रवेश परीक्षा के लिए निर्धारित विषयों की शत-प्रतिशत तैयारी ही आईआईटी में प्रवेश दिला सकती है, इसलिए IIT प्रवेश परीक्षा के कौन-कौन से विषयों की परीक्षा ली जाती है जानकारी लेना भी जरूरी है, वैसे तो ज्यादातर छात्र इसके बारे में जानते हैं फिर भी यहां पर आपको बता दिया जा रहा है
भौतिकी
रसायन विज्ञान
गणित
यानी पीसीएम ग्रुप के जो छात्र हैं वी आई डी जे सी परीक्षा को देंगे, उपयुक्त विषय में अच्छी पकड़ बनाकर आप आईआईटी की प्रवेश परीक्षा को पास कर सकते हैं l

आईआईटी प्रवेश परीक्षा के पैटर्न ( IIT EXAM pattern ) - 2013 में संशोधन के बाद आईटी प्रवेश परीक्षा दो चरणों में आयोजित किए जाने लगे, पहला मैन और दूसरा एडवांस, आईटी प्रवेश परीक्षा के लिए सबसे पहले मेन के लिए छात्र आवेदन करते हैं, और फिर जो छात्र उसमें सफल होते हैं उन्हें एडवांस की परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलता है, और फिर एडवांस परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद छात्र को स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए बी टेक में प्रवेश मिल जाता है, और इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उन्हें काउंसलिंग अपनाना पड़ता है, काउंसलिंग में जाकर छात्र अपने मनपसंद कॉलेज को चुनते हैं, और साथ ही भी अपना मनपसंद ब्रांच भी चुनते, दो-तीन दिन के बाद उन्हें सीट एलॉट की जाती है कि उन्हें कौन सा कॉलेज मिलेगा और कौन सा ब्रांच मिलेगा l और जब सीता ब्रांच उन्हें मिल जाती है, तो वे उस कॉलेज में जाते हैं और एलॉटमेंट लेटर दिखाकर, तथा अपना सर्टिफिकेट का वेरिफिकेशन करा कर, ऐडमिशन फीस जमा करके वे उस कॉलेज में बीटेक के लिए फर्स्ट ईयर में दाखिला ले लेते हैं और पढ़ाई करना शुरू कर देते हैं l

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बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के लिए कुल 4 साल पढ़ना पड़ता है, क्योंकि बीते का जो कोर्स होता है वह 4 साल का होता है, ओरिया 4 साल means 8 सेमेस्टरओं में बटा होता है , यानी प्रत्येक साल आपको 2 सेमेस्टर देना पड़ता है l हर सेमेस्टर में आपको दो या तीन मिड सेमेस्टर देना पड़ता है यह डिपेंड करता है कॉलेज के ऊपर की बा 1 सेमेस्टर में दो मिड सेमेस्टर करवाना चाहते हैं या 3 मिड सेमेस्टर करवाना चाहते हैं , मिड सेमेस्टर को सैशनल भी कहते हैं l सिस मलिक इंटरनल एग्जाम होता है , जिसके marks जुटते है l इसलिए ज्यादातर छात्र कोशिश करते हैं कि उन्हें इंटरनल मार्क ज्यादा मिल जाए, ताकि अगर एक्सटर्नल में कम मार्क्स मिले तो भी वे आराम से पास हो जाए , और उनका रिजल्ट मैं भी अच्छा परसेंटेज बन जाए l
आईआईटी प्रवेश परीक्षा के लिए योग्यता- आईटी जेईई मेन परीक्षा में शामिल होने के लिए आपको 12th पास होना जरूरी है , केवल पास होना जरूरी नहीं है कम से कम 60% होना चाहिए l हमारे देश में इस एग्जाम के लिए कुल 32 बोर्ड है जिन सभी का परीक्षा और मूल्यांकन तरीका अलग अलग है l IIT main प्रवेश परीक्षा के लिए जहां सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन है वहीं आईआईटी जी एडवांस के लिए प्रौद्योगिकी संस्थान है l

कैसे करें आईटी परीक्षा की तैयारी ? - अब आते हैं मैन टॉपिक पर की आईडी प्रवेश परीक्षा की तैयारी कैसे करें, परीक्षा कोई भी हो बिना तैयारी के हम सफलता की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं, परीक्षा में सफलता पाने के लिए रणनीति बनाना बहुत ही जरूरी होता है, यदि पूरी तैयारी के साथ किसी भी परीक्षा को दिया जाए तो सफलता मिलना लगभग तय माना जाता है इसलिए हम पढ़ाई में कुछ अच्छा ध्यान देकर सफल बन सकते हैं l
दो आईआईटी परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान देते हैं -

मुख्य विषयों पर फोकस करना- आईआईटी प्रवेश परीक्षा ( iit entrance exam main and advance ) के लिए 11वीं और 12वीं के भौतिक ,गणित और रसायन विषय पर फोकस करना बहुत ही जरूरी होता है क्योंकि आईटी मेन प्रवेश परीक्षा एक स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए प्रवेश परीक्षा है तू इस के प्रवेश परीक्षा के पेपर इंटरमीडिएट की विषयों पर ही आधारित होते हैं तो अगर आप आईआईटी मेन परीक्षा सपना देखते हैं तो आप इंटर से ही इन विषयों पर अपना अधिक ध्यान बनाए रखें पढ़ाई करे उससे रट्टा मारने के बजाय समझिए, और इंटरमीडिएट से थोड़ा सा एडवांस जानने की कोशिश कीजिए, यानी टॉपिक आपका तो वही रहे लेकिन उस गहराई में जाने की कोशिश करें, इससे क्या होगा किस में आपको भरपूर नॉलेज हो जाएगा l केवल बेसिक इंटरमीडिएट के ज्ञान से आप आईटी का परीक्षा नहीं निकाल पाएंगे l
रणनीति और प्रोग्राम बनाना जरूरी- जरा सोचिए जहां पूरे देश भर में आईआईटी के लिए इतने कम कॉलेज हैं और सीट निर्धारित है , जीते भी सीमित है तो ऐसे में आईआईटी प्रवेश परीक्षा सबसे कठिन परीक्षाओं में से ,एक माना जाता है आईआईटी प्रवेश परीक्षा में सफल होने के लिए यदि अच्छी रणनीति के साथ पढ़ाई करेंगे तो आपको सफलता मिलेगी अन्यथा सफलता मिलना थोड़ा सा मुश्किल हो जाता है l इसलिए केवल हार्ड स्टडी पर ही न ध्यान दें बल्कि हार्ड स्टडी विद स्मार्ट वर्क ( hard study with smart work ) के साथ प्रोसीड करें l
समय प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए पढ़ाई करें- अधिकतर यह देखा गया है कि ज्यादातर छात्र के पास नॉलेज तो ज्यादा रहता है, और वह पेपर सॉल्व करने की क्षमता भी रखते हैं, लेकिन उनका टाइम मैनेजमेंट गड़बड़ रहता है, अगर माली जी की 2 घंटे का पेपर है और उसे आप सॉल्व कर रहे हैं 4 घंटे में, तो ऐसे नॉलेज का क्या फायदा, इसलिए अपने नॉलेज को एक टाइम बॉन्डिंग दीजिए, क्योंकि वहां पर 2 घंटे का ही टाइम मिलेगा और उस 2 घंटे में ही आपको पेपर सॉल्व करना हैl

तो अपने नॉलेज को अब टाइम बॉन्डिंग कैसे देंगे ? इसके लिए जरूरी है कि आप पेपर सॉल्व कीजिए, जितना ज्यादा मॉडल पेपर सॉल्व करेंगे इतने ज्यादा आप टाइम फ्रेम में चले आएंगे, इससे आपको दो तरह का फायदा मिलेगा , पहली फायदा यह मिलेगा कि आपको प्रेक्टिस अच्छी हो जाएगी, आप पेपर सॉल्व करते समय घबरा एंगे नहीं, और दूसरा फायदा यह मिलेगा कि आपको पेपर 2 घंटे के अंदर सॉल्व करने की एबिलिटी आ जाएगी l और यह दोनों ही चीजें बहुत ही जरूरी है, क्योंकि अधिकतर दिखा गया है कि छात्र तैयारी तो अच्छी किए रहते हैं लेकिन जब पेपर मिलता है तो बहुत ही घबरा जाते हैं और इसी नर्वसनेस की वजह से वह कुछ ए मिस्टेक भी कर देते हैं आईटी की परीक्षा में , जिससे होता है या कि उनका RANK खराब हो जाता है या वे fail भी हो जाते हैं l तो इस बात का भी ध्यान रखें l

कोचिंग संस्थान की मदद- अगर आपको लगता है कि आप सेल्फी स्टडी से तैयारी नहीं कर पाएंगे , तभी आप कोचिंग संस्थान की मदद ले, अगर आपको लगता है कि आप सेल्फी स्टिक से अच्छी तैयारी कर लेंगे तो कोचिंग संस्थान की मदद ना ले, कभी कभी ऐसा भी होता है कि आपकी दो विषयों में तो पकड़ अच्छी रहती है, लेकिन किसी एक विषय में आप की पकड़ अच्छी नहीं रहती, ऐसी हालत में आप उस विषय का कोई अच्छा ट्यूटर पकड़ ले, जो आपको उस विषय में आईटी लेवल तक जानकारी दे सके, आजकल तो इंडिविजुअल सब्जेक्ट पढ़ाने का पैटर्न खूब चला हुआ है l इससे क्या होगा कि आपका समय का भी बचत होगा और आप की तैयारी भी अच्छी हो जाएगी l किसी एक सब्जेक्ट को पढ़ने के लिए कोचिंग ज्वाइन करना समझदारी का बात नहीं हैl क्योंकि वहां तो सभी विषयों को पढ़ाया जाएगा की आपको जरूरत है किसी एक विषय में जानकारी की , चुकी बाकी जो विषय है उसमें आपकी पकड़ अच्छी है , तो फिर उसे कोचिंग में बेवजह टाइम देने की क्या जरूरत है l तू इस तरह की बातों का भी आप अच्छा ध्यान रखें, ज्यादातर छात्र इस तरह की बातों को इग्नोर कर देते हैं, और इससे क्या होता है कि उनका टाइम एनर्जी बिना मतलब का नुकसान होता रहता है l यही सब छोटी-छोटी जानकारी तो आप को सफल बनाने में मदद करेगी , और यही हमारे site का लक्ष्य भी है लक्ष्य भी है l

CONCLUSION- तो अंत में बस यही कहना चाहूंगा कि आईआईटी की तैयारी में आप, छोटी-छोटी चीजों का बहुत ज्यादा ध्यान दें , हार्ड वर्क के साथ स्मार्ट वर्क पर भी ध्यान दें, अपना समय बर्बाद ना करें, जरूरत से ज्यादा किताबें फॉलो ना करें l मॉडल पेपर पर भी ध्यान दें , समय प्रबंधन पर भी ध्यान दें , और अपना एनर्जी लेवल तथा हेल्थ भी अच्छा रखें , इस पोस्ट में अपना अमूल्य समय देने के लिए आप लोगों का बहुत बहुत धन्यवाद, करियर से जुड़ी जानकारी पाने के लिए हमारी इस साइट को हमेशा विजिट करते रहे, हां पर आपको हमेशा अपडेट जानकारी मिलती रहेगी, यह साइट हमारे छात्र मित्रों के लिए ही बनाया गया है
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